{"_id":"628e7468ac9c514fce087b6f","slug":"doctors-shying-away-from-post-mortem-duty-notice-to-three-faizabad-news-lko632241731","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्टमार्टम ड्यूटी से कतरा रहे चिकित्सक, तीन को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्टमार्टम ड्यूटी से कतरा रहे चिकित्सक, तीन को नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। निर्धारित ड्यूटी चार्ट को धता बताकर सीएमओ के अधीन सीएचसी-पीएचसी पर तैनात डॉक्टर पोस्टमार्टम जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य से भी कतरा रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ डॉक्टर तो बगैर सूचना के जिले से बाहर भी चले जाते हैं।
आए दिन पोस्टमार्टम में आ रही इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सीएमओ ने अब कार्रवाई का डंडा चलाया है। जिले के ऐसे तीन चिकित्सकों को नोटिस देते हुए एक डॉक्टर का एक दिन का वेतन रोका।
सिविल लाइंस में भाजपा कार्यालय के निकट चीरघर स्थित है। जहां से शवों का पोस्टमार्टम किया जाता है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से चिकित्सकों की तिथिवार ड्यूटी लगाई जाती है।
विज्ञापन
इनमें जिला स्तरीय अस्पतालों के साथ-साथ सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों की भी पोस्टमार्टम में ड्यूटी लगती है। जिला स्तरीय चिकित्सक तो अक्सर ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं, लेकिन सीएमओ के अधीन सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्सक अक्सर पोस्टमार्टम ड्यूटी को लेकर लापरवाही करते हैं।
जिसका खामियाजा पीड़ितों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में तीन चिकित्सक की पोस्टमार्टम ड्यूटी के प्रति उदासीनता से मृतक के परिजनों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को भी पीड़ा झेलना पड़ा।
सीएचसी पूराबाजार पर तैनात डॉ. बबिता को इन दिनों जिला महिला अस्पताल में संबद्ध किया गया है। एक महिला की सोमवार को मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम किया जाना था।
जिसके लिए महिला चिकित्सक का होना आवश्यक था। इसलिए डॉ. बबिता की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाई गई। पहले तो उन्होंने तमाम तरह के बहाने करके आने से इंकार किया, बाद में पता चला कि वह जनपद में ही नहीं हैं।
किसी तरह जिला महिला अस्पताल के एक अन्य चिकित्सक को बुलाकर पीएम कराया गया। वहीं, सैदपुर पर तैनात डॉ. आदित्य वर्मा 22 मई व सीएचसी हैदरगंज पर तैनात डॉ. नागेंद्र 14 मई को निर्धारित ड्यूटी के दौरान पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे।
जिसकी वजह से तमाम दिक्कतें हुई और किसी तरह पोस्टमार्टम कराया गया। आए दिन आने वाली इस समस्या पर सीएमओ ने भी सख्ती दिखाई और तीनों चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। डॉ. बबिता के स्पष्टीकरण के साथ ही एक दिन का वेतन रोका गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय राजा ने बताया कि पोस्टमार्टम जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए तीन चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बगैर सूचना के जिले से बाहर रहने के कारण डॉ. बबिता का एक दिन का वेतन रोका गया है। बताया कि पोस्टमार्टम ड्यूटी में शिथिलता बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आए दिन पोस्टमार्टम में आ रही इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सीएमओ ने अब कार्रवाई का डंडा चलाया है। जिले के ऐसे तीन चिकित्सकों को नोटिस देते हुए एक डॉक्टर का एक दिन का वेतन रोका।
विज्ञापन
सिविल लाइंस में भाजपा कार्यालय के निकट चीरघर स्थित है। जहां से शवों का पोस्टमार्टम किया जाता है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से चिकित्सकों की तिथिवार ड्यूटी लगाई जाती है।
विज्ञापन
इनमें जिला स्तरीय अस्पतालों के साथ-साथ सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों की भी पोस्टमार्टम में ड्यूटी लगती है। जिला स्तरीय चिकित्सक तो अक्सर ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं, लेकिन सीएमओ के अधीन सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्सक अक्सर पोस्टमार्टम ड्यूटी को लेकर लापरवाही करते हैं।
जिसका खामियाजा पीड़ितों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में तीन चिकित्सक की पोस्टमार्टम ड्यूटी के प्रति उदासीनता से मृतक के परिजनों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को भी पीड़ा झेलना पड़ा।
सीएचसी पूराबाजार पर तैनात डॉ. बबिता को इन दिनों जिला महिला अस्पताल में संबद्ध किया गया है। एक महिला की सोमवार को मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम किया जाना था।
जिसके लिए महिला चिकित्सक का होना आवश्यक था। इसलिए डॉ. बबिता की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाई गई। पहले तो उन्होंने तमाम तरह के बहाने करके आने से इंकार किया, बाद में पता चला कि वह जनपद में ही नहीं हैं।
किसी तरह जिला महिला अस्पताल के एक अन्य चिकित्सक को बुलाकर पीएम कराया गया। वहीं, सैदपुर पर तैनात डॉ. आदित्य वर्मा 22 मई व सीएचसी हैदरगंज पर तैनात डॉ. नागेंद्र 14 मई को निर्धारित ड्यूटी के दौरान पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे।
जिसकी वजह से तमाम दिक्कतें हुई और किसी तरह पोस्टमार्टम कराया गया। आए दिन आने वाली इस समस्या पर सीएमओ ने भी सख्ती दिखाई और तीनों चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। डॉ. बबिता के स्पष्टीकरण के साथ ही एक दिन का वेतन रोका गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय राजा ने बताया कि पोस्टमार्टम जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए तीन चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बगैर सूचना के जिले से बाहर रहने के कारण डॉ. बबिता का एक दिन का वेतन रोका गया है। बताया कि पोस्टमार्टम ड्यूटी में शिथिलता बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।