फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Doctor expelled from service, three staff nurses suspended

मरीज की मौत: जांच में दोषी पाया गया डॉक्टर सेवा से निष्कासित, तीन स्टाफ नर्स हुई निलंबित

Sat, 29 Oct 2022 01:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 29 Oct 2022 01:42 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज में अनदेखी से मरीज की मौत मामले में डॉक्टर सहित चार पर गाज गिरी की है। दोषी डॉक्टर को सेवा से निष्कासित कर दिया गया है।

विज्ञापन
Doctor expelled from service, three staff nurses suspended
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में 23 अक्तूबर को हुई मरीज की मौत के बाद जांच में दोषी पाए जाने पर कमेटी की अनुशंसा पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजीडेंट चिकित्सक को सेवा से निष्कासित करके मौके पर तैनात तीन स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सहायक आचार्य डॉ. विनोद आर्या को चेतावनी दी गई है। विकास खंड पूराबाजार के बैसिंह पूरे पहलवान निवासी कौशलेंद्र सिंह (37) पुत्र इंद्रसेन सिंह के पैर की हड्डी टूटने पर करीब एक माह पूर्व राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में भर्ती कराया गया था।

विज्ञापन


मरीज के पैर का ऑपरेशन भी हुआ था। मरीज 22 अक्तूबर की देर रात बेड से गिर गया। इसके बाद उसकी हालत गंभीर होने लगी। परिजन बार-बार चिकित्सक को बुलाने व आईसीयू में मरीज को शिफ्ट करने की मांग करते रहे। आरोप है कि कोई भी चिकित्सक झांकने नहीं आया। इसी बीच 23 अक्तूबर की दोपहर में मरीज ने दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।
विज्ञापन


मामला तूल पकड़ने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपी तो उसमें ड्यूटी पर तैनात एक जेआर, तीन स्टाफ नर्स दोषी करार दी गईं। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में तर्क दिया कि मरीज की स्थिति गंभीर होने पर तत्कालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी व पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा ऑनकॉल विशेषज्ञ चिकित्सक को तत्काल सूचित नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपातकालीन स्थिति होने पर मरीज को आईसीयू में स्थानांतरित नहीं किया गया। चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं है। इसलिए सहायक आचार्य विनोद कुमार आर्या को चेतावनी पत्र निर्गत करने, जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह को सेवा से निष्कासित करने, स्टाफ नर्स अर्चना तिवारी, दीपमाला सिंह व किरन यादव को सेवा से निलंबित करने की अनुशंसा की गई।


मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर को सेवा से निकाल दिया गया है। जबकि, तीन स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, सहायक आचार्य को चेतावनी दी गई है। यदि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति हुई तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed