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छींटाकशी से तंग छात्राओं ने घेरा डीएम आवास
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:52 PM IST
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डीएम के घर पर प्रदर्शन करतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बुधवार सुबह हुई छेड़खानी से तंग आकर सीधे डीएम आवास पहुंच गईं। आननफानन में वहां मेन गेट बंद करने से आक्रोशित छात्राओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पहुंचे पुलिस अफसरो ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, मगर वह डीएम से मिलने की मांग पर अड़ गईं।
बाद में डीएम ने सभी को अंदर बुलाया, तो हकीकत सुन हैरान रह गईं। छात्राओं ने कहा कि मैम, शोहदों ने सोमवार को एक छात्रा के कपड़े फाड़ दिए, बुधवार के फिर उसी जगह पर गंदी हरकत की गई। सिगरेट पीकर फेंकते हैं, जबरदस्ती रोकते हैं.. पुलिस कुछ नहीं करती।
जीजीआईसी की कुछ छात्राओं के साथ बीते सोमवार को नगर कोतवाली अंतर्गत पोस्टमार्टम हाउस के पास कुछ शोहदों ने छेड़खानी की थी। इस दौरान एक छात्रा के कपड़े तक फाड़ डाले गए। अगल-बगल के दुकानदारों ने कपड़े दिए और शोहदे को भगाया। मामले में प्राचार्य को सूचना दी गई।
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महिला थाने तक बात पहुंची, मगर कार्रवाई नहीं हुई। ठीक दूसरे दिन बुधवार को उसी जगह पर शोहदों ने फिर कुछ छात्राओं को रोका और फब्तियां कसीं। इसे लेकर छात्राएं सुबह साढ़े सात बजे स्टेडियम के पास एकत्रित हुई।
फिर पुलिस प्रशासन हाय-हाय, जब लड़की नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे, शोहदों को सजा दो.. जैसे नारे लगाते हुए छात्राएं सीधे डीएम आवास पर पहुंचीं। यहां गेट पर तैनात कर्मियों ने ताला बंद कर दिया। एक घंटे तक छात्राओं को वहां समझाने का प्रयास हुआ।
इसमें सीओ सिटी राजेश तिवारी, महिला थानाध्यक्ष शकुंतला उपाध्याय, कोतवाल अरविंद जायसवाल आदि जुटे रहे लेकिन छात्राओं का डीएम से मिलने की मांग के साथ प्रदर्शन जारी रहा। बाद में डीएम डीएम किंजल सिंह ने सभी को आवास में बुलाया।
छात्राओं ने शोहदों की आए दिन छींटाकशी, गालीगलौज, सिगरेट फेंकने, कपड़े खींचने, साइकिल के सामने बाइक लगाकर छेड़ने आदि की बातें खुलकर बताईं। छात्राओं ने कहा कि सभी स्कूलों की छात्राओं के साथ जीजीआईसी, आर्यकन्या, मैथोडेस्ट स्कूल, कनौसा, केंद्रीय विद्यालय आदि के पास खुली दुकानों के इर्दगिर्द मौजूद लड़के व अधेड़ तक गंदी बातें करते हैं।
छात्राओं ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा घर नहीं जाएंगे। आंदोलन में कुल 86 छात्राएं शामिल रहीं। हालांकि इस दौरान पहुंची जीजीआईसी की प्राचार्य एस लता ने छात्राओं पर अनुशासन तोड़ने की बात की, तो छात्राएं और भड़क गईं। बाद में डीएम ने छात्राओं की हिम्मत की दाद दी।
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बाद में डीएम ने सभी को अंदर बुलाया, तो हकीकत सुन हैरान रह गईं। छात्राओं ने कहा कि मैम, शोहदों ने सोमवार को एक छात्रा के कपड़े फाड़ दिए, बुधवार के फिर उसी जगह पर गंदी हरकत की गई। सिगरेट पीकर फेंकते हैं, जबरदस्ती रोकते हैं.. पुलिस कुछ नहीं करती।
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जीजीआईसी की कुछ छात्राओं के साथ बीते सोमवार को नगर कोतवाली अंतर्गत पोस्टमार्टम हाउस के पास कुछ शोहदों ने छेड़खानी की थी। इस दौरान एक छात्रा के कपड़े तक फाड़ डाले गए। अगल-बगल के दुकानदारों ने कपड़े दिए और शोहदे को भगाया। मामले में प्राचार्य को सूचना दी गई।
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महिला थाने तक बात पहुंची, मगर कार्रवाई नहीं हुई। ठीक दूसरे दिन बुधवार को उसी जगह पर शोहदों ने फिर कुछ छात्राओं को रोका और फब्तियां कसीं। इसे लेकर छात्राएं सुबह साढ़े सात बजे स्टेडियम के पास एकत्रित हुई।
फिर पुलिस प्रशासन हाय-हाय, जब लड़की नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे, शोहदों को सजा दो.. जैसे नारे लगाते हुए छात्राएं सीधे डीएम आवास पर पहुंचीं। यहां गेट पर तैनात कर्मियों ने ताला बंद कर दिया। एक घंटे तक छात्राओं को वहां समझाने का प्रयास हुआ।
इसमें सीओ सिटी राजेश तिवारी, महिला थानाध्यक्ष शकुंतला उपाध्याय, कोतवाल अरविंद जायसवाल आदि जुटे रहे लेकिन छात्राओं का डीएम से मिलने की मांग के साथ प्रदर्शन जारी रहा। बाद में डीएम डीएम किंजल सिंह ने सभी को आवास में बुलाया।
छात्राओं ने शोहदों की आए दिन छींटाकशी, गालीगलौज, सिगरेट फेंकने, कपड़े खींचने, साइकिल के सामने बाइक लगाकर छेड़ने आदि की बातें खुलकर बताईं। छात्राओं ने कहा कि सभी स्कूलों की छात्राओं के साथ जीजीआईसी, आर्यकन्या, मैथोडेस्ट स्कूल, कनौसा, केंद्रीय विद्यालय आदि के पास खुली दुकानों के इर्दगिर्द मौजूद लड़के व अधेड़ तक गंदी बातें करते हैं।
छात्राओं ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा घर नहीं जाएंगे। आंदोलन में कुल 86 छात्राएं शामिल रहीं। हालांकि इस दौरान पहुंची जीजीआईसी की प्राचार्य एस लता ने छात्राओं पर अनुशासन तोड़ने की बात की, तो छात्राएं और भड़क गईं। बाद में डीएम ने छात्राओं की हिम्मत की दाद दी।