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एलईडी स्क्रीन पर राममंदिर निर्माण देख सकेंगे श्रद्धालु
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण की पूरी जानकारी अब अयोध्या आने वाले हर भक्त को मिल सकेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने योजना बनाई है कि शहर में लगी एलईडी स्क्रीन पर राममंदिर निर्माण की प्रगति का वीडियो अपलोड कर उसका प्रसारण कराया जाएगा, ताकि अयोध्या आने वाला हर भक्त, श्रद्धालु व पर्यटक मंदिर निर्माण देख सके।
इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर भी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को संघ कार्यालय साकेत निलयम में हुई बौद्धिक गोष्ठी में ट्रस्ट की योजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अयोध्याधाम में जितनी जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगी है, उन पर राममंदिर निर्माण की प्रगति का एक वीडियो प्रसारित करने की योजना है। अयोध्या आने वाला हर श्रद्धालु राममंदिर निर्माण की तकनीक व भव्यता से परिचित हो सकेगा।
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बताया कि अगले कुछ सालों में अयोध्या में भक्तों की भीड़ बढ़ेगी तो रामनगरी की आर्थिक तरक्की का भी मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि जनसुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व हवाई अड्डा बन रहा है। अन्य व्यवस्थाएं हो रही हैं।
अयोध्या कायाकल्प की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में हमारी योजना है कि अयोध्या आने वाले भक्तों को राममंदिर निर्माण की पूरी जानकारी मिल सके। इसी के तहत शहर के एलईडी स्क्रीनों पर प्रसारण की योजना है।
हालांकि शायद यह योजना चुनाव संपन्न होने के बाद ही मूर्तरूप ले सके, फिर भी हमारी तैयारी है। रामलला के दर्शनमार्ग पर भी शीघ्र ही एलईडी स्क्रीन भक्तों की सुविधा के लिए लगाई जाएगी।
चंपत राय ने बौद्धिक गोष्ठी में बताया कि ट्रस्ट की ओर से पांच मिनट का एक वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। पांच मिनट के वीडियो में नींव निर्माण शुरू होने से लेकर मंदिर निर्माण पूरा होने तक संपूर्ण जानकारी दर्शाई गई है।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अब तक 700 व्हाट्सएप ग्रुप पर इसे भेजा जा चुका है। देश भर में रहने वाले संघ के कार्यकर्ताओं को भी भेजा गया है और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करने के लिए भी कहा गया है।
ट्रस्ट महासचिव ने बौद्धिक गोष्ठी में शामिल प्रबुद्ध लोगों को मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराते हुए बताया कि राममंदिर के पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। दूसरे फेज में 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट के पत्थरों से बनेगी।
इसमें पत्थरों के 18 हजार ब्लॉक लगेंगे। बताया कि यदि फरवरी से प्लिंथ का निर्माण शुरू हो गया तो अगले पांच महीने में प्लिंथ का निर्माण पूरा हो जाएगा।
इसके बाद प्लिंथ के ऊपर गर्भगृह आकार लेना शुरू करेगा। दिसंबर 2023 तक गर्भगृह में रामलला को विराजित करने का लक्ष्य बना रखा है।
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इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर भी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को संघ कार्यालय साकेत निलयम में हुई बौद्धिक गोष्ठी में ट्रस्ट की योजना की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि अयोध्याधाम में जितनी जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगी है, उन पर राममंदिर निर्माण की प्रगति का एक वीडियो प्रसारित करने की योजना है। अयोध्या आने वाला हर श्रद्धालु राममंदिर निर्माण की तकनीक व भव्यता से परिचित हो सकेगा।
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बताया कि अगले कुछ सालों में अयोध्या में भक्तों की भीड़ बढ़ेगी तो रामनगरी की आर्थिक तरक्की का भी मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि जनसुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व हवाई अड्डा बन रहा है। अन्य व्यवस्थाएं हो रही हैं।
अयोध्या कायाकल्प की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में हमारी योजना है कि अयोध्या आने वाले भक्तों को राममंदिर निर्माण की पूरी जानकारी मिल सके। इसी के तहत शहर के एलईडी स्क्रीनों पर प्रसारण की योजना है।
हालांकि शायद यह योजना चुनाव संपन्न होने के बाद ही मूर्तरूप ले सके, फिर भी हमारी तैयारी है। रामलला के दर्शनमार्ग पर भी शीघ्र ही एलईडी स्क्रीन भक्तों की सुविधा के लिए लगाई जाएगी।
चंपत राय ने बौद्धिक गोष्ठी में बताया कि ट्रस्ट की ओर से पांच मिनट का एक वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है। पांच मिनट के वीडियो में नींव निर्माण शुरू होने से लेकर मंदिर निर्माण पूरा होने तक संपूर्ण जानकारी दर्शाई गई है।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अब तक 700 व्हाट्सएप ग्रुप पर इसे भेजा जा चुका है। देश भर में रहने वाले संघ के कार्यकर्ताओं को भी भेजा गया है और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करने के लिए भी कहा गया है।
ट्रस्ट महासचिव ने बौद्धिक गोष्ठी में शामिल प्रबुद्ध लोगों को मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराते हुए बताया कि राममंदिर के पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। दूसरे फेज में 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट के पत्थरों से बनेगी।
इसमें पत्थरों के 18 हजार ब्लॉक लगेंगे। बताया कि यदि फरवरी से प्लिंथ का निर्माण शुरू हो गया तो अगले पांच महीने में प्लिंथ का निर्माण पूरा हो जाएगा।
इसके बाद प्लिंथ के ऊपर गर्भगृह आकार लेना शुरू करेगा। दिसंबर 2023 तक गर्भगृह में रामलला को विराजित करने का लक्ष्य बना रखा है।