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दीपोत्सव पर रोशन होंगे ऐतिहासिक कुंड
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अयोध्या स्थित पौणिक दंतधावनकुंड।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। दीपोत्सव पर मठ-मंदिरों के साथ अब संत-धर्माचार्यों ने पौराणिक कुंडों को भी रोशन करने की तैयारी शुरू कर दी है। अयोध्या में दो दर्जन प्राचीन ऐतिहासिक कुंड हैं। लेकिन दीपोत्सव की तैयारियों के बीच इनका जिक्र अभी प्रशासन से छूटा हुआ है। इस बीच संतों ने कुंडों को दीपों से रोशन करने की योजना बनाई है।
अयोध्या में करीब दो दर्जन ऐतिहासिक, पौराणिक कुंड हैं जो कि रामायण कालीन माने जाते हैं। हर कुंड को लेकर कोई न कोई मान्यता जुड़ी है। अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचनी सभा पहले भी रामनगरी की विरासत इन कुंडों के संरक्षण की मुहिम चला चुकी है।
सभा के अध्यक्ष राजकुमार दास व महामंत्री पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास के निर्देशन में दीपोत्सव में रामनगरी के पौराणिक कुंड भी जगमगाएंगे। इसके लिए संतों ने अभियान शुरू कर दिया है। वहीं रामकोट वार्ड के पार्षद रमेश दास ने भी दीपोत्सव के दौरान कुंडों को रोशन करने की तैयारी की है। उन्होंने बताया कि वे साधुओं के साथ दंतधावन कुंड पर 501 दीप जलाएंगे।
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रामायण कालीन कुंड होंगे आस्था का केंद्र: राजकुमार दास
सभा के अध्यक्ष राजकुमार दास ने बताया कि दीपोत्सव की आभा रामनगरी के ऐतिहासिक कुंडों तक न पहुंचे यह कैसे हो सकता है। अयोध्या की 84 कोसी परिधि में स्थित मठ-मंदिर, धार्मिक स्थल, कुंड, सरोवर सभी को रोशन किया जाएगा, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। संत इस अभियान का हिस्सा तो होंगे ही आम जनमानस को भी इससे जोड़ा जा रहा है।
लोगाें से कुंडों पर दीपदान करने की अपील-रामदास
सभा के महामंत्री महंत रामदास ने कहा कि दीपोत्सव में पौराणिक कुंड भी शोभा बढ़ाएंगे। रामनगरी के प्राचीन कुंडों दंतधावन कुंड, विभीषण कुंड, सीताकुंड, अग्रि कुंड, हनुमान कुंड, विद्याकुंड आदि को दीपोत्सव में दीपों से रोशन किया जाएगा। कुंड के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की जा रही है कि दीपोत्सव में वे अपने घर आश्रम पर तो दीप जलाएं ही साथ-साथ कुंडों पर भी दीपदान करें ताकि, अयोध्या की पहचान इन स्थलों का संरक्षण हो।
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अयोध्या में करीब दो दर्जन ऐतिहासिक, पौराणिक कुंड हैं जो कि रामायण कालीन माने जाते हैं। हर कुंड को लेकर कोई न कोई मान्यता जुड़ी है। अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचनी सभा पहले भी रामनगरी की विरासत इन कुंडों के संरक्षण की मुहिम चला चुकी है।
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सभा के अध्यक्ष राजकुमार दास व महामंत्री पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास के निर्देशन में दीपोत्सव में रामनगरी के पौराणिक कुंड भी जगमगाएंगे। इसके लिए संतों ने अभियान शुरू कर दिया है। वहीं रामकोट वार्ड के पार्षद रमेश दास ने भी दीपोत्सव के दौरान कुंडों को रोशन करने की तैयारी की है। उन्होंने बताया कि वे साधुओं के साथ दंतधावन कुंड पर 501 दीप जलाएंगे।
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रामायण कालीन कुंड होंगे आस्था का केंद्र: राजकुमार दास
सभा के अध्यक्ष राजकुमार दास ने बताया कि दीपोत्सव की आभा रामनगरी के ऐतिहासिक कुंडों तक न पहुंचे यह कैसे हो सकता है। अयोध्या की 84 कोसी परिधि में स्थित मठ-मंदिर, धार्मिक स्थल, कुंड, सरोवर सभी को रोशन किया जाएगा, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। संत इस अभियान का हिस्सा तो होंगे ही आम जनमानस को भी इससे जोड़ा जा रहा है।
लोगाें से कुंडों पर दीपदान करने की अपील-रामदास
सभा के महामंत्री महंत रामदास ने कहा कि दीपोत्सव में पौराणिक कुंड भी शोभा बढ़ाएंगे। रामनगरी के प्राचीन कुंडों दंतधावन कुंड, विभीषण कुंड, सीताकुंड, अग्रि कुंड, हनुमान कुंड, विद्याकुंड आदि को दीपोत्सव में दीपों से रोशन किया जाएगा। कुंड के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की जा रही है कि दीपोत्सव में वे अपने घर आश्रम पर तो दीप जलाएं ही साथ-साथ कुंडों पर भी दीपदान करें ताकि, अयोध्या की पहचान इन स्थलों का संरक्षण हो।