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रामनगरी में दिव्य दीपोत्सव पर खर्च होगा छह करोड़
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अयोध्या। अब दिव्य दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। रामनगरी की गरिमा बढ़ाने वाला यह कार्यक्रम अब पूरी तरह से सरकारी हो गया है।
प्रशासन को धन जुटाने में जनसहयोग की जरूरत नहीं पड़ेगी। अनुपूरक बजट में दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ रुपये जारी करने पर रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने योगी सरकार की प्रशंसा की है।
सीएम योगी ने मुख्यमंत्री बनते ही दीपावली के ठीक पहले भगवान राम के अयोध्या आने की खुशी में यहां दिव्य दीपोत्सव की शुरुआत की थी। दूसरे साल 2018 में यह आयोजन विश्वस्तरीय बन गया। जहां तीन लाख से अधिक दीप जलाकर गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में अयोध्या का नाम दर्ज हुआ।
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अब इस साल भी थाईलैंड के राजा के आने का कार्यक्रम है। 26 अक्तूबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव ढाई लाख दीपक जलेंगे। वहीं पांच देशों की रामलीला सहित वाटर शो, लेजर शो व शोभायात्रा निकाली जाएगी। दीपोत्सव के लिए पिछले वर्ष कई समाजसेवी संस्थाओं से मदद ली गई थी।
तेल, दीपक, रूई, बाती आदि की व्यवस्था जन सहयोग से पूरी हुई थी, लेकिन इस साल दीपोत्सव का पूरी तरह से सरकारीकरण कर दिया गया है। योगी सरकार ने दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ का बजट आवंटित कर यह संकेत दिया है कि दीपोत्सव के आयोजन को हर बार भव्य रूप देने की योजना है। वहीं योगी सरकार के इस फैसले का रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने स्वागत किया है।
दीपोत्सव से पहले पूरा होगा भजन संध्या स्थल
सरयू किनारे निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल के लिए भी सरकार ने झोली खेली। सरयू तट पर पांच हजार दर्शकों की क्षमता वाला धनुषाकार भजन संध्या स्थल का निर्माण जल्द पूरा होने वाला है। इसके लिए 4.85 करोड़ का बजट और जारी कर दिया है। इसे दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
अयोध्या के पर्यटन विकास पर सरकार का खास फोकस
नगर विधायक वेद गुप्ता ने कहा कि अयोध्या के पर्यटन विकास पर योगी सरकार का खास फोकस है। वर्तमान में पर्यटन विकास की 133 करोड़ की योजनाओं पर काम चल रहा है।
वहीं अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सोमवार को हुई बैठक में इस प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर तय की गई है।
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प्रशासन को धन जुटाने में जनसहयोग की जरूरत नहीं पड़ेगी। अनुपूरक बजट में दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ रुपये जारी करने पर रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने योगी सरकार की प्रशंसा की है।
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सीएम योगी ने मुख्यमंत्री बनते ही दीपावली के ठीक पहले भगवान राम के अयोध्या आने की खुशी में यहां दिव्य दीपोत्सव की शुरुआत की थी। दूसरे साल 2018 में यह आयोजन विश्वस्तरीय बन गया। जहां तीन लाख से अधिक दीप जलाकर गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में अयोध्या का नाम दर्ज हुआ।
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अब इस साल भी थाईलैंड के राजा के आने का कार्यक्रम है। 26 अक्तूबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव ढाई लाख दीपक जलेंगे। वहीं पांच देशों की रामलीला सहित वाटर शो, लेजर शो व शोभायात्रा निकाली जाएगी। दीपोत्सव के लिए पिछले वर्ष कई समाजसेवी संस्थाओं से मदद ली गई थी।
तेल, दीपक, रूई, बाती आदि की व्यवस्था जन सहयोग से पूरी हुई थी, लेकिन इस साल दीपोत्सव का पूरी तरह से सरकारीकरण कर दिया गया है। योगी सरकार ने दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ का बजट आवंटित कर यह संकेत दिया है कि दीपोत्सव के आयोजन को हर बार भव्य रूप देने की योजना है। वहीं योगी सरकार के इस फैसले का रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने स्वागत किया है।
दीपोत्सव से पहले पूरा होगा भजन संध्या स्थल
सरयू किनारे निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल के लिए भी सरकार ने झोली खेली। सरयू तट पर पांच हजार दर्शकों की क्षमता वाला धनुषाकार भजन संध्या स्थल का निर्माण जल्द पूरा होने वाला है। इसके लिए 4.85 करोड़ का बजट और जारी कर दिया है। इसे दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
अयोध्या के पर्यटन विकास पर सरकार का खास फोकस
नगर विधायक वेद गुप्ता ने कहा कि अयोध्या के पर्यटन विकास पर योगी सरकार का खास फोकस है। वर्तमान में पर्यटन विकास की 133 करोड़ की योजनाओं पर काम चल रहा है।
वहीं अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सोमवार को हुई बैठक में इस प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर तय की गई है।