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अविवि में डी फार्मा व बी फार्मा कोर्स को मिली मंजूरी
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से डीफार्मा एवं बीफार्मा संचालित किए जाने की मंजूरी मिली। परिसर में सत्र 2021-22 से दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटों पर प्रवेश होगा।
इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की साइट पर जाकर आवेदन कर सकते है। ये दोनों पाठ्यक्रम अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह की पहली प्राथमिकता में रहे हैं।
उन्होंने इसके लिए वर्ष 2020 में ही तैयारी शुरू कर दी थी। अब अयोध्या सहित आसपास के विद्यार्थी विश्वविद्यालय से डीफार्मा एवं बीफार्मा की पढ़ाई कर सकेंगे। पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए कुलपति ने परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की स्थापना की।
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इसका प्रभारी निदेशक प्रो. शैलेंद्र कुमार को बनाया। बीफार्मा का समन्वयक डॉ. अनिल कुमार एवं डीफार्मा का डॉ. सिंधु सिंह को बनाया है। इसके उपरांत पाठ्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित किए जाने के लिए विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से अनुमोदन भी करा लिया गया था।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से डीफार्मा एवं बीफार्मा संचालित किए जाने की अनुमति मिल गई है।
इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
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इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की साइट पर जाकर आवेदन कर सकते है। ये दोनों पाठ्यक्रम अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह की पहली प्राथमिकता में रहे हैं।
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उन्होंने इसके लिए वर्ष 2020 में ही तैयारी शुरू कर दी थी। अब अयोध्या सहित आसपास के विद्यार्थी विश्वविद्यालय से डीफार्मा एवं बीफार्मा की पढ़ाई कर सकेंगे। पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए कुलपति ने परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की स्थापना की।
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इसका प्रभारी निदेशक प्रो. शैलेंद्र कुमार को बनाया। बीफार्मा का समन्वयक डॉ. अनिल कुमार एवं डीफार्मा का डॉ. सिंधु सिंह को बनाया है। इसके उपरांत पाठ्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित किए जाने के लिए विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से अनुमोदन भी करा लिया गया था।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से डीफार्मा एवं बीफार्मा संचालित किए जाने की अनुमति मिल गई है।
इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।