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महिला अस्पताल के दो डॉक्टरों में मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 29 May 2016 12:17 AM IST
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जिला महिला अस्पताल में तैनात दो डॉक्टर शुक्रवार रात आपस में भिड़ गए। एक डॉक्टर का आरोप है कि दूसरे डॉक्टर ने उनके साथ गालीगलौज व मारपीट की। उन्होंने शिकायत अस्पताल के सीएमएस के अलावा अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से भी की है।
महिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता की हालत रात में बहुत खराब होने का हवाला देकर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके गुप्त ने बेहोशी के डॉक्टर एसके शुक्ल को इमरजेंसी में सर्जरी के लिए बुलाया। हालांकि रात में डा. गुप्त की ड्यूटी नहीं थी। ड्यूटी पर दूसरी चिकित्सक डा. सुषमा गुप्ता तैनात थी।
डा. शुक्ल जब अस्पताल पहुंचे तब तक प्रसूता को सामान्य प्रसव हो चुका था। इस पर बेहोशी के डॉक्टर ने नाराजगी जताई। कहा कि जब आपकी ड्यूटी नहीं तो अस्पताल में क्या कर रहे हैं। जब प्रसूता का सामान्य प्रसव हो सकता था तो सर्जरी के लिए जबरिया क्यों दबाव डाला जा रहा है।
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यही बात डा. गुप्त को नागवार गुजरी। उन्होंने डा. शुक्ल से गालीगलौज की और फिर दोनों डॉक्टरों में मारपीट हुई। डा. गुप्त के व्यवहार से आहत डा. शुक्ल ने महिला अस्पताल की सीएमएस और अपर निदेशक से शिकायत की है। अपर निदेशक आरके राय ने बताया कि शिकायत मिली है।
सीएमएस डा. नीरजा माला से तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद जो भी डॉक्टर दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर डा. गुप्त का कहना है कि मुझे दो प्रसूताओं का सीजर ऑपरेशन के लिए डा. सुषमा ने रात में बुलाया था।
ओटी में मेरे पहुंचने के 45 मिनट बाद बेहोशी के डॉक्टर एसके शुक्ल पहुंचे और हमें देखते ही आगबबूला हो गए। भद्दी-भद्दी गालियां दी। उनकी भाषा सुन मैं चुपचाप अस्पताल से चला गया। किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है।
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महिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता की हालत रात में बहुत खराब होने का हवाला देकर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके गुप्त ने बेहोशी के डॉक्टर एसके शुक्ल को इमरजेंसी में सर्जरी के लिए बुलाया। हालांकि रात में डा. गुप्त की ड्यूटी नहीं थी। ड्यूटी पर दूसरी चिकित्सक डा. सुषमा गुप्ता तैनात थी।
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डा. शुक्ल जब अस्पताल पहुंचे तब तक प्रसूता को सामान्य प्रसव हो चुका था। इस पर बेहोशी के डॉक्टर ने नाराजगी जताई। कहा कि जब आपकी ड्यूटी नहीं तो अस्पताल में क्या कर रहे हैं। जब प्रसूता का सामान्य प्रसव हो सकता था तो सर्जरी के लिए जबरिया क्यों दबाव डाला जा रहा है।
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यही बात डा. गुप्त को नागवार गुजरी। उन्होंने डा. शुक्ल से गालीगलौज की और फिर दोनों डॉक्टरों में मारपीट हुई। डा. गुप्त के व्यवहार से आहत डा. शुक्ल ने महिला अस्पताल की सीएमएस और अपर निदेशक से शिकायत की है। अपर निदेशक आरके राय ने बताया कि शिकायत मिली है।
सीएमएस डा. नीरजा माला से तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद जो भी डॉक्टर दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर डा. गुप्त का कहना है कि मुझे दो प्रसूताओं का सीजर ऑपरेशन के लिए डा. सुषमा ने रात में बुलाया था।
ओटी में मेरे पहुंचने के 45 मिनट बाद बेहोशी के डॉक्टर एसके शुक्ल पहुंचे और हमें देखते ही आगबबूला हो गए। भद्दी-भद्दी गालियां दी। उनकी भाषा सुन मैं चुपचाप अस्पताल से चला गया। किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है।