संदिग्ध हालात में जिंदा जली किशोरी, मौत

अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद Updated Wed, 30 Nov 2016 11:37 PM IST
Teenager burnt alive in mysterious circumstances, death
दोनों में पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई जो कि झगड़े में तबदील हो गई। - फोटो : Demo Pic
घर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित एक आम के बाग में बुधवार की शाम किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। सड़क के ठीक बगल किशोरी को आग में जिंदा जलते देख लोगों की रूह कांप उठी। सूचना के ढाई घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस इस घटना को आत्मदाह करार दे रही है। वहीं लोगों मे पुलिस की भूमिका को लेकर आक्रोश रहा। 
कुमारगंज थाना क्षेत्र के बवां के पूरे लाल पांडेय गांव में कुमारगंज-खंडासा मार्ग के पश्चिम आम का बाग है। बुधवार शाम तकरीबन चार बजे गांव निवासी पप्पू की पुत्री दीपा (14) घर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित आम के बाग में धूं-धूं कर जलती दिखी।

सड़क के बगल में हुई इस घटना में किशोरी को जिंदा जलते देख रहगीरों की रूह कांप उठी। उसे बचाने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पाया। स्थानीय लोगों ने सूचना थाना पुलिस व 100 नंबर पर फोन कर दी लेकिन पुलिस घटना के ढाई घंटे बाद तकरीबन साढे़ छह बजे घटना स्थल पर पहुंची।

तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। परिवार में कोहराम मच गया। 
किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। जिस समय वह घर से बाग गई उस समय उसकी मां खेत में काम करने गई थी और पिता मजदूरी करने बाहर गया था। इस घटना में पुलिस की भूमिका पर लोगों में आक्रोश रहा।

कुमारगंज थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि मृत किशोरी के परिवारीजनों ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी और कोई तहरीर नहीं दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। थानाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्मदाह का लगता है। वहीं गांव में इस बात को लेकर हर किसी की जुवा पर सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर दीपा ने ऐसा क्यों किया?

Spotlight

Most Read

National

शादी के उपहार में आई शुभकामना ने बनाया दुल्हन को विधवा

ओडिशा के बोलांगिर जिले के पटनागढ़ में शादी की खुशी में अचानक मातम पसर गया यहां रिसेप्शन समारोह में किसी ने गिफ्ट पैक में विस्फोटक भेज दिया।

24 फरवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen