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जाली नोट थमा बनवाया रेल टिकट, भागा आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:07 AM IST
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रेलवे
- फोटो : demo pic
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आचार्य नरेंद्रदेव नगर (सिटी) रेलवे स्टेशन से शुक्रवार को दिल्ली से फैजाबाद का टिकट जाली नोटों लेकर बना दिया गया। टिकट देने के बाद जांच में दो नोट जाली मिले तो जा रहे व्यक्ति को फोन कर स्टेशन वापस बुला लिया गया। स्टेशन पहुंचे युवक का पहले टिकट रद्द किया गया।
इसके बाद आरपीएफ के हवाले करने का फैसला हुआ। लेकिन आरपीएफ के पहुंचने से पहले रोका गया व्यक्ति रेलकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। शुक्रवार को दोपहर दो बजे के बाद फतेहगंज निवासी अमन दिल्ली से फैजाबाद का आरक्षित टिकट लेने गया था। उसने फार्म पर पूरा ब्यौरा भरा और खिड़की से टिकट बनवा लिया।
क्लर्क को उसने रुपये दिया तो रकम गिनने के बाद टिकट दे दिया। दराज में रखते समय 500 के दो नोट जाली लगे। दूसरे कर्मियों ने भी दोनों नोटों को जाली कहा। ऐसे में क्लर्क ने फोन कर व्यक्ति को वापस रेलवे स्टेशन बुला लिया। स्टेशन पहुंचे व्यक्ति से टिकट लेकर क्लर्क ने पहले उसे निरस्त किया। दोनों जाली नोट रख लिये।
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कटौती के बाद शेष रकम वापस कर आरपीएफ को बुलाया गया। जाली नकली होने की बात सुनकर अमन गिड़गिड़ाने लगा और बताया कि नोट उसे कहीं और से मिले थे। रेलवे पर इसका असर न देख वह चकमा देकर निकल भागा। स्टेशन अधीक्षक एमएन मिश्र ने घटना सही होने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल रेल टिकट रद्द कर देने से लिपिक की नौकरी बच गयी है।
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इसके बाद आरपीएफ के हवाले करने का फैसला हुआ। लेकिन आरपीएफ के पहुंचने से पहले रोका गया व्यक्ति रेलकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। शुक्रवार को दोपहर दो बजे के बाद फतेहगंज निवासी अमन दिल्ली से फैजाबाद का आरक्षित टिकट लेने गया था। उसने फार्म पर पूरा ब्यौरा भरा और खिड़की से टिकट बनवा लिया।
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क्लर्क को उसने रुपये दिया तो रकम गिनने के बाद टिकट दे दिया। दराज में रखते समय 500 के दो नोट जाली लगे। दूसरे कर्मियों ने भी दोनों नोटों को जाली कहा। ऐसे में क्लर्क ने फोन कर व्यक्ति को वापस रेलवे स्टेशन बुला लिया। स्टेशन पहुंचे व्यक्ति से टिकट लेकर क्लर्क ने पहले उसे निरस्त किया। दोनों जाली नोट रख लिये।
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कटौती के बाद शेष रकम वापस कर आरपीएफ को बुलाया गया। जाली नकली होने की बात सुनकर अमन गिड़गिड़ाने लगा और बताया कि नोट उसे कहीं और से मिले थे। रेलवे पर इसका असर न देख वह चकमा देकर निकल भागा। स्टेशन अधीक्षक एमएन मिश्र ने घटना सही होने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल रेल टिकट रद्द कर देने से लिपिक की नौकरी बच गयी है।