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सीओ का फर्जी आदेश बनाने पर पांच साल सजा

Tue, 03 May 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Tue, 03 May 2016 11:58 PM IST
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five year prison
लाोक अदालत
सोलह बिस्वा जमीन हड़पने को चकबंदी अधिकारी का फर्जी आदेश बना डाला। इस आदेश को असली के रूप में प्रयोग करते हुए राजस्व अभिलेखों में नामांतरण करवाकर जमीन का मालिक बन बैठा। असलियत का पता चला तो जमीन के मालिक ने दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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एक की मुकदमा के दौरान मौत हो गई। सुनवाई के बाद सीजेएम रवींद्र प्रसाद गुप्ता की कोर्ट उदयराज को दोषी पाते हुए सजा दी। मामला तारुन थाना क्षेत्र के ककोली गांव का है। अभियोजन अधिकारी शशांक मिश्र व श्यामधर द्विवेदी ने बताया कि घटना वर्ष 2007 की है।
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ककोली गांव के रहने वाले माता प्रसाद के नाम गाटा संख्या 217 राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी। इसे हड़पने के खातिर गांव के रामजग व उदयराज ने चकबंदी अधिकारी तारुन की कोर्ट का फर्जी आदेश तैयार कर डाला। वाद संख्या 1589 धारा 9 क (2) चकबंदी अधिनियम के तहत रामजग बनाम राम निधि के नाम से तैयार इस आदेश के जरिए दोनों ने गाटा संख्या 217 पर अपना नाम दर्ज करवा लिया।
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इसकी जानकारी होने पर माता प्रसाद ने शिकायत डीएम से की। विभागीय जांच में यह आदेश फर्जी निकला तो आदेश के खिलाफ हुई अपील में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने फर्जी आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर 2007 में मामले में रामजग व उदयराज के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई।


दौरान मुकदमा रामजग की मौत हुई तो उसके खिलाफ मुकदमा अवेट कर दिया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उदयराज को पांच साल के कारावास व 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
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