{"_id":"577feecf4f1c1be6567fb7ef","slug":"assistant-professor-of-death-remains-mystery","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर के सहायक प्रोफेसर की मौत का रहस्य बरकरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कानपुर के सहायक प्रोफेसर की मौत का रहस्य बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में बीते बुधवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि विवि कानपुर के सहायक प्रोफेसर राजकिशोर कमल की हुई मौत से पर्दा नहीं उठ सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
राजकिशोर के शव का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। वही मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एनडी विवि के डॉ. बीएन सिंह की देखरेख में राजकिशोर एग्रोनामी विषय में शोध कार्य पूर्ण कर चुके थे। छह जुलाई को सुबह आठ बजे विवि के गंगा छात्रावास के पास राजकिशोर का शव मिला था। तभी से हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी।
विज्ञापन
पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। तीन डॉक्टरों के पैनल ने पीएम किया। एसओ सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टरों ने बिसरा परीक्षण कराने का निर्णय लिया।
राजपत्रित अधिकारी की अनुमति के बाद बिसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। इस बाबत एसओ ने बताया कि मृतक के भाई कमल किशोर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना से संबंधित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
राजकिशोर के शव का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। वही मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
एनडी विवि के डॉ. बीएन सिंह की देखरेख में राजकिशोर एग्रोनामी विषय में शोध कार्य पूर्ण कर चुके थे। छह जुलाई को सुबह आठ बजे विवि के गंगा छात्रावास के पास राजकिशोर का शव मिला था। तभी से हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी।
विज्ञापन
पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। तीन डॉक्टरों के पैनल ने पीएम किया। एसओ सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टरों ने बिसरा परीक्षण कराने का निर्णय लिया।
राजपत्रित अधिकारी की अनुमति के बाद बिसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। इस बाबत एसओ ने बताया कि मृतक के भाई कमल किशोर की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना से संबंधित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।