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सीरियल ब्लास्ट प्रकरण में एक साक्षी का बयान गायब
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 07 Jun 2017 12:02 AM IST
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कचहरी सीरियल ब्लास्ट केस में अभियोजन साक्षी जितेंद्र नाथ पाठक को तलब करने की अर्जी पर सुनवाई केस डायरी मौजूद न होने के कारण नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने मामले से संबंधित केस डायरी तलब की है। अगली पेशी 12 जून नियत की गई है।
बार की तरफ से अभियोजन की पैरवी करने के लिए नामित अधिवक्ता केके पांडेय ने बताया मंगलवार को कचहरी सीरियल ब्लास्ट केस में बचाव पक्ष की गवाह को दोबारा तलब करने की अर्जी पर आदेश होना था।
साक्षी संख्या 12 अधिवक्ता जितेंद्र नाथ पाठक की गवाही एक बार पूरी हो चुकी है। उन्होंने 2 सितंबर 2008 को दिए गए बयान आरोपी मोहम्मद तारिक को देखकर बताया था कि घटना वाले दिन तख्ते के पास साइकिल रखते समय राधिका मिश्र ने कहा कि इससे रास्ता बंद हो जाएगा।
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तो तारिक ने साइकिल ले जाकर आगे रख दिया उसी साइकिल से विस्फोट हुआ जिससे वह घायल हो गए। 2 सितंबर 2008 को विवेचक ने फिर से जितेंद्र नाथ का बयान लेकर तारिक को नामजद आरोपी बना दिया।
इसी बिंदु पर दोबारा जिरह करने के लिए बचाव पक्ष ने गवाह को फिर से तलब करने की अर्जी दी थी। इस पर मंगलवार को फैसला होना था लेकिन 2 सितंबर वाला अधिवक्ता का बयान काफी खोजने के बाद भी सीडी में नहीं मिला। इसलिए कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करके केस डायरी तलब की है।
केस की सुनवाई सुरक्षा कारणों से मंडल कारागार के वीडीओ कॉन्फ्रेंसिंग हाल में हो रही है। मंगलवार को लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा में लखनऊ जेल से लाकर तीनों आरोपियों सज्जादुर्ररहमान, तारिक काशमी, मोहम्मद अख्तर उर्फ तारिक को कोर्ट में जज मोहम्मद अली के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद सबको फिर से जेल भेज दिया गया।
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बार की तरफ से अभियोजन की पैरवी करने के लिए नामित अधिवक्ता केके पांडेय ने बताया मंगलवार को कचहरी सीरियल ब्लास्ट केस में बचाव पक्ष की गवाह को दोबारा तलब करने की अर्जी पर आदेश होना था।
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साक्षी संख्या 12 अधिवक्ता जितेंद्र नाथ पाठक की गवाही एक बार पूरी हो चुकी है। उन्होंने 2 सितंबर 2008 को दिए गए बयान आरोपी मोहम्मद तारिक को देखकर बताया था कि घटना वाले दिन तख्ते के पास साइकिल रखते समय राधिका मिश्र ने कहा कि इससे रास्ता बंद हो जाएगा।
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तो तारिक ने साइकिल ले जाकर आगे रख दिया उसी साइकिल से विस्फोट हुआ जिससे वह घायल हो गए। 2 सितंबर 2008 को विवेचक ने फिर से जितेंद्र नाथ का बयान लेकर तारिक को नामजद आरोपी बना दिया।
इसी बिंदु पर दोबारा जिरह करने के लिए बचाव पक्ष ने गवाह को फिर से तलब करने की अर्जी दी थी। इस पर मंगलवार को फैसला होना था लेकिन 2 सितंबर वाला अधिवक्ता का बयान काफी खोजने के बाद भी सीडी में नहीं मिला। इसलिए कोर्ट ने सुनवाई स्थगित करके केस डायरी तलब की है।
केस की सुनवाई सुरक्षा कारणों से मंडल कारागार के वीडीओ कॉन्फ्रेंसिंग हाल में हो रही है। मंगलवार को लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा में लखनऊ जेल से लाकर तीनों आरोपियों सज्जादुर्ररहमान, तारिक काशमी, मोहम्मद अख्तर उर्फ तारिक को कोर्ट में जज मोहम्मद अली के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद सबको फिर से जेल भेज दिया गया।