{"_id":"599b23f34f1c1b15738b487b","slug":"81503339507-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस में बीओपी कंपनी के अफसरों पर वारंट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चेक बाउंस में बीओपी कंपनी के अफसरों पर वारंट
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेक बाउंस में बीओपी कंपनी के अफसरों के खिलाफ वारंट
फैजाबाद। 10 लाख रुपये का चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने दिल्ली व उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बीओपी कंपनी के अफसरों सचिन कुमार मावी व गौरव मावी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अबदुस्सलाम के परिवाद पर सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय रवींद्र कुमार गुप्ता की कोर्ट से हुआ है। मामले में अगली पेशी छह सितंबर नियत की गई है।
अधिवक्ता रोहित मेहरोत्रा व दिनेश सिंह ने बताया कि डॉ. अबदुस्सलाम ने कंपनी के एचओएमई योजना के तहत 1263 वर्ग फिट का अपार्टमेंट डीएलएफ गार्डन सिटी लखनऊ में लिया था। इसके एवज में कंपनी को आठ लाख पांच हजार 774 रुपये दिए थे। तय था कि यदि इस अपार्टमेंट को कंपनी को फिर 12 माह बाद बेचा जाएगा तो उसे 3384 रुपये प्रति वर्ग फिट की दर से रुपये देगी। डॉ. अब्दुस्सलाम ने 12 माह बाद दो अपार्टमेंट बेचने का सौदा किया, जिसके एवज में कंपनी ने 10 लाख 50 हजार 787 का चेक दिया जो बैंक खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। तब बीओपी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के अफसरों सचिन मावी व गौरव मावी के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के बाद इसमें 12 सितंबर 2016 को कोर्ट ने प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए दोनों को विचारण के लिए तलब किया था। समन पर हाजिर न होने पर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ वारंट जारी किया है।
विज्ञापन
फैजाबाद। 10 लाख रुपये का चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने दिल्ली व उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित बीओपी कंपनी के अफसरों सचिन कुमार मावी व गौरव मावी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अबदुस्सलाम के परिवाद पर सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय रवींद्र कुमार गुप्ता की कोर्ट से हुआ है। मामले में अगली पेशी छह सितंबर नियत की गई है।
अधिवक्ता रोहित मेहरोत्रा व दिनेश सिंह ने बताया कि डॉ. अबदुस्सलाम ने कंपनी के एचओएमई योजना के तहत 1263 वर्ग फिट का अपार्टमेंट डीएलएफ गार्डन सिटी लखनऊ में लिया था। इसके एवज में कंपनी को आठ लाख पांच हजार 774 रुपये दिए थे। तय था कि यदि इस अपार्टमेंट को कंपनी को फिर 12 माह बाद बेचा जाएगा तो उसे 3384 रुपये प्रति वर्ग फिट की दर से रुपये देगी। डॉ. अब्दुस्सलाम ने 12 माह बाद दो अपार्टमेंट बेचने का सौदा किया, जिसके एवज में कंपनी ने 10 लाख 50 हजार 787 का चेक दिया जो बैंक खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। तब बीओपी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के अफसरों सचिन मावी व गौरव मावी के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के बाद इसमें 12 सितंबर 2016 को कोर्ट ने प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए दोनों को विचारण के लिए तलब किया था। समन पर हाजिर न होने पर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ वारंट जारी किया है।
विज्ञापन