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बैंकों की हड़ताल से सौ करोड़ का लेन-देन ठप
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बैंकों की हड़ताल से ग्राहक रहे परेशान
अयोध्या। ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन एसबीआई को छोड़ सभी सरकारी व निजी बैंकों का काम काज प्रभावित रहा। इससे दिन भर शहर के एटीएम पर धन निकासी के लिए लोगों की कतारें लगी रही।
हालांकि ग्रामीण इलाकों में धन निकासी को लेकर काफी दिक्कतों का सामना ग्राहकों को करना पड़ा। सिंचाई, पावर कॉरपोरेशन, बीएसएनएल, लोक निर्माण विभाग व डाक विभाग समेत कई विभागों में भी हड़ताल रही।
आवश्यक कार्य से आए ग्राहकों व किसानों को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान कर्मचारियों ने जुलूस व धरने के माध्यम से विरोध प्रदर्शन कर अपने हक की आवाज बुलंद कीं।
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बैंक इम्पलाइज यूनियन के मंत्री सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार बैंकों में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन नहीं हो सका। ट्रेड यूनियनों ने पहले से ही दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर रखी थी।
इसमें बैंक एआईवीईए एवं वीईएफआई संगठनों के अलावा डाक विभाग, बीएसएनएल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई व पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया था।
बैंकों व विभागीय कर्मचारियों ने सुबह अपनी-अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने का सिलसिला शुरू किया। बैंक कर्मचारी पहले स्टेट बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइन पर एकत्रित हुए।
यहां से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए सिविल लाइन के सेंट्रल बैंक की शाखा पर पहुंचे। रास्ते में खुली मिली एचडीएफसी की मुख्य शाखा को भी बंद करा दिया।
सेंट्रल बैंक के सामने हुई धरना व सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया। यूपी इम्पलाईज यूनियन के अध्यक्ष केके रस्तोगी ने कहा कि सरकार ट्रेड यूनियनों के अधिकारों को खत्म करती जा रही है।
श्रमिक कानून को घटाने व बोनस प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा की पुष्पराज शाखा के बाहरी गेट पर ही ताला लगा रहा। यहां ग्राहक दिन पर बैंकों के कामकाज ठप होने से परेशान रहे।
कई ग्रामीण अंचलों से आए बैंक उपभोक्ताओं ने हड़ताल के चलते अपना काम बाधित होने की भी बात कही। इस दौरान जिले व शहर के बैंकों में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी शाखाओं पर ताले लटके रहे।
दूसरी ओर बीएएएनएल कर्मचारियों ने अपने परिसर में कामकाज बंद कर धरना दिया। यही हाल डाक विभाग व सिंचाई विभाग का भी रहा। पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने जुलूस की शक्ल में चीफ इंजीनियर कार्यालय से लेकर सब स्टेशनों तक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया व कामकाज बंद कराया।
एसबीआई कर्मचारियों के हड़ताल पर न जाने से शहर में कुछ राहत अवश्य रही। खास तौर से एसबीआई के क्लियरिंग हाउस खुले रहे। इससे लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
एसबीआई की सभी शाखाओं में सामान्य तरीके से कार्य दिन भर चला। हालांकि अन्य बैंकों के बंद होने से एसबीआई की शाखाओं पर दिन भर भारी भीड़ लगी रही जबकि अन्य बैंक के लोग दो दिन की हड़ताल के चलते दिन भर परेशान रहे।
शहर के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर ताला तलटा रहा। यहां कर्मचारी व अधिकारी परिसर के पीछे हिस्से में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
यही हाल लोक निर्माण विभाग की मंडलीय शाखा में भी रहा। कर्मचारी व अधिकारी पूरी तरह कार्यालय से नदारद रहे। शहर से सटे दर्शन नगर बाजार के निवासी दीपक यादव घर में आवश्यक कार्य के चलते शहर बैंक से पैसा निकालने आए थे।
हड़ताल के चलते वापस लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि हड़ताल की पूर्व से जानकारी न होने के कारण उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देवकाली निवासी शशांक कसौधन ने बताया है कि व्यापार में आवश्यक कार्य के लिए उनको पैसे की आवश्यकता थी, लेकिन दो दिवसीय हड़ताल की जानकारी नहीं थी। इस कारण वश धन निकासी पहले से नहीं कर सके। इसके चलते आज उनको दिनभर परेशान होना पड़ा।
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अयोध्या। ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन एसबीआई को छोड़ सभी सरकारी व निजी बैंकों का काम काज प्रभावित रहा। इससे दिन भर शहर के एटीएम पर धन निकासी के लिए लोगों की कतारें लगी रही।
हालांकि ग्रामीण इलाकों में धन निकासी को लेकर काफी दिक्कतों का सामना ग्राहकों को करना पड़ा। सिंचाई, पावर कॉरपोरेशन, बीएसएनएल, लोक निर्माण विभाग व डाक विभाग समेत कई विभागों में भी हड़ताल रही।
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आवश्यक कार्य से आए ग्राहकों व किसानों को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान कर्मचारियों ने जुलूस व धरने के माध्यम से विरोध प्रदर्शन कर अपने हक की आवाज बुलंद कीं।
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बैंक इम्पलाइज यूनियन के मंत्री सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार बैंकों में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन नहीं हो सका। ट्रेड यूनियनों ने पहले से ही दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर रखी थी।
इसमें बैंक एआईवीईए एवं वीईएफआई संगठनों के अलावा डाक विभाग, बीएसएनएल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई व पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया था।
बैंकों व विभागीय कर्मचारियों ने सुबह अपनी-अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने का सिलसिला शुरू किया। बैंक कर्मचारी पहले स्टेट बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइन पर एकत्रित हुए।
यहां से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए सिविल लाइन के सेंट्रल बैंक की शाखा पर पहुंचे। रास्ते में खुली मिली एचडीएफसी की मुख्य शाखा को भी बंद करा दिया।
सेंट्रल बैंक के सामने हुई धरना व सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया। यूपी इम्पलाईज यूनियन के अध्यक्ष केके रस्तोगी ने कहा कि सरकार ट्रेड यूनियनों के अधिकारों को खत्म करती जा रही है।
श्रमिक कानून को घटाने व बोनस प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा की पुष्पराज शाखा के बाहरी गेट पर ही ताला लगा रहा। यहां ग्राहक दिन पर बैंकों के कामकाज ठप होने से परेशान रहे।
कई ग्रामीण अंचलों से आए बैंक उपभोक्ताओं ने हड़ताल के चलते अपना काम बाधित होने की भी बात कही। इस दौरान जिले व शहर के बैंकों में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी शाखाओं पर ताले लटके रहे।
दूसरी ओर बीएएएनएल कर्मचारियों ने अपने परिसर में कामकाज बंद कर धरना दिया। यही हाल डाक विभाग व सिंचाई विभाग का भी रहा। पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने जुलूस की शक्ल में चीफ इंजीनियर कार्यालय से लेकर सब स्टेशनों तक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया व कामकाज बंद कराया।
एसबीआई कर्मचारियों के हड़ताल पर न जाने से शहर में कुछ राहत अवश्य रही। खास तौर से एसबीआई के क्लियरिंग हाउस खुले रहे। इससे लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
एसबीआई की सभी शाखाओं में सामान्य तरीके से कार्य दिन भर चला। हालांकि अन्य बैंकों के बंद होने से एसबीआई की शाखाओं पर दिन भर भारी भीड़ लगी रही जबकि अन्य बैंक के लोग दो दिन की हड़ताल के चलते दिन भर परेशान रहे।
शहर के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर ताला तलटा रहा। यहां कर्मचारी व अधिकारी परिसर के पीछे हिस्से में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
यही हाल लोक निर्माण विभाग की मंडलीय शाखा में भी रहा। कर्मचारी व अधिकारी पूरी तरह कार्यालय से नदारद रहे। शहर से सटे दर्शन नगर बाजार के निवासी दीपक यादव घर में आवश्यक कार्य के चलते शहर बैंक से पैसा निकालने आए थे।
हड़ताल के चलते वापस लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि हड़ताल की पूर्व से जानकारी न होने के कारण उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देवकाली निवासी शशांक कसौधन ने बताया है कि व्यापार में आवश्यक कार्य के लिए उनको पैसे की आवश्यकता थी, लेकिन दो दिवसीय हड़ताल की जानकारी नहीं थी। इस कारण वश धन निकासी पहले से नहीं कर सके। इसके चलते आज उनको दिनभर परेशान होना पड़ा।