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प्रतिबंधित कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:47 PM IST
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वन विभाग की संयुक्त टीम ने की छापेमारी
फैजाबाद। जिले में पिछले आठ वर्षों से रहकर अवैध रूप से प्रतिबंधित वन्य जीवों को पालकर ऊंचे दामों पर बेचने वाले एक पशु तस्कर को वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान जनौरा स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया।
युवक के पास से मौके पर चार प्रतिबंधित कछुए बरामद हुए, जिसका उपयोग चाइनीज दवाएं बनाने में किया जाता है। वन विभाग के अनुसार, लखनऊ से वन्य जीव तस्कर के तिलकनगर जनौरा में रहकर प्रतिबंधित वन्य जीव कछुआ, मोर आदि पालकर ऊंचे दामों पर बेचने की जानकारी मिली थी।
जिला वन अधिकारी के निर्देश पर एसीएफ एके सिंह, रेंज आफीसर आरएस मिश्रा, एसपी सिंह व चार वन दरोगा की संयुक्त टीम ने बुधवार को दोपहर एक बजे जब जनौरा स्थित बिहारी का अहाता में छापेमारी की तो तस्कर रामविलास वर्मा भागने लगा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ लिया।
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छानबीन करने पर वन्य जीव तस्करी से संबंधित अनेक सामान सहित तस्कर के पास चार प्रतिबंधित कछुए बरामद हुए। बताया गया कि तस्कर रामविलास पिछले आठ वर्षों से जनौरा स्थित बिहारी का अहाता में किराये पर रहता था और अवैध रुप से वन्य जीवों की तस्करी करता था लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी।
जिला वनाधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि बरामद कछुओं का उपयोग चाइनीज दवाएं बनाने में किया जाता है, जिनकी बिहार व अन्य प्रदेशों में कीमत लाखों रुपये है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है, उसे कछुआ सप्लाई करने वाले व इससे जुड़े अन्य तस्करों का पता लगाया जा रहा है, शीघ्र ही इस रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।
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फैजाबाद। जिले में पिछले आठ वर्षों से रहकर अवैध रूप से प्रतिबंधित वन्य जीवों को पालकर ऊंचे दामों पर बेचने वाले एक पशु तस्कर को वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान जनौरा स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया।
युवक के पास से मौके पर चार प्रतिबंधित कछुए बरामद हुए, जिसका उपयोग चाइनीज दवाएं बनाने में किया जाता है। वन विभाग के अनुसार, लखनऊ से वन्य जीव तस्कर के तिलकनगर जनौरा में रहकर प्रतिबंधित वन्य जीव कछुआ, मोर आदि पालकर ऊंचे दामों पर बेचने की जानकारी मिली थी।
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जिला वन अधिकारी के निर्देश पर एसीएफ एके सिंह, रेंज आफीसर आरएस मिश्रा, एसपी सिंह व चार वन दरोगा की संयुक्त टीम ने बुधवार को दोपहर एक बजे जब जनौरा स्थित बिहारी का अहाता में छापेमारी की तो तस्कर रामविलास वर्मा भागने लगा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ लिया।
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छानबीन करने पर वन्य जीव तस्करी से संबंधित अनेक सामान सहित तस्कर के पास चार प्रतिबंधित कछुए बरामद हुए। बताया गया कि तस्कर रामविलास पिछले आठ वर्षों से जनौरा स्थित बिहारी का अहाता में किराये पर रहता था और अवैध रुप से वन्य जीवों की तस्करी करता था लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी।
जिला वनाधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि बरामद कछुओं का उपयोग चाइनीज दवाएं बनाने में किया जाता है, जिनकी बिहार व अन्य प्रदेशों में कीमत लाखों रुपये है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है, उसे कछुआ सप्लाई करने वाले व इससे जुड़े अन्य तस्करों का पता लगाया जा रहा है, शीघ्र ही इस रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।