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कोरोना की जांच में ले रहे फर्जी एड्रेस का सहारा
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केस - 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल में दिनेश कुमार ने अपनी कोरोना जांच कराई थी। सैंपल की जांच रिपोर्ट आई तो वह पॉजिटिव मिले। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके द्वारा बताए पते पर तलाश की मगर वो ढूंढे नहीं मिले। सेलफोन की लोकेशन से उनके लखनऊ में होने का पता चला।
केस-2
सीएचसी में कल्पना त्रिपाठी (42) ने भी कोरोना की जांच को सैंपल दिया था। जांच के समय इन्होंने अपना पता तहसीनपुर दर्ज कराया था, लेकिन जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने पर विभागीय टीम ने उनकी खोजबीन की तो उक्त पता गलत पाया गया। सेलफोन से उनकी लोकेशन लखनऊ में पाई गई।
केस-3
विष्णु कुमार ने भी सीएचसी सोहावल में कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया था। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में विष्णु कोरोना संक्रमित पाए गए। इन्हें आइसोलेट कराने को टीम जब उनके पते पर पहुंची तो वहां इस नाम का कोई शख्स नहीं मिला। इनकी भी लोकेशन लखनऊ में मिली।
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अयोध्या। ये चंद उदाहरण तो महज बानगी भर हैं। ऐसे ही रोजाना दर्जनों केस सामने आ रहे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण से देश-दुनिया चपेट में है। इधर अगस्त और सितंबर माह में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि आंकी गई।
संक्रमण तेजी से बढ़ने की वजह से इसकी जांच के लिए अस्पतालों में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंच रहे हैं और अपने सैंपल भी दे रहे हैं। मगर तमाम लोग जांच के समय अपना सही नाम व पता नहीं दे रहे हैं। इसके लिए वो फर्जी एड्रेस का सहारा ले रहे हैं। अब ये फर्जी एड्रेस स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए मुसीबत बन रहे हैं, क्योंकि जब इनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो इन्हें तलाशने में विभाग को खासी मशक्कत उठानी पड़ती है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल में दिनेश कुमार ने अपनी कोरोना जांच कराई थी। सैंपल की जांच रिपोर्ट आई तो वह पॉजिटिव मिले। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके द्वारा बताए पते पर तलाश की मगर वो ढूंढे नहीं मिले। सेलफोन की लोकेशन से उनके लखनऊ में होने का पता चला।
केस-2
सीएचसी में कल्पना त्रिपाठी (42) ने भी कोरोना की जांच को सैंपल दिया था। जांच के समय इन्होंने अपना पता तहसीनपुर दर्ज कराया था, लेकिन जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने पर विभागीय टीम ने उनकी खोजबीन की तो उक्त पता गलत पाया गया। सेलफोन से उनकी लोकेशन लखनऊ में पाई गई।
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केस-3
विष्णु कुमार ने भी सीएचसी सोहावल में कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया था। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में विष्णु कोरोना संक्रमित पाए गए। इन्हें आइसोलेट कराने को टीम जब उनके पते पर पहुंची तो वहां इस नाम का कोई शख्स नहीं मिला। इनकी भी लोकेशन लखनऊ में मिली।
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अयोध्या। ये चंद उदाहरण तो महज बानगी भर हैं। ऐसे ही रोजाना दर्जनों केस सामने आ रहे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण से देश-दुनिया चपेट में है। इधर अगस्त और सितंबर माह में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में अच्छी खासी वृद्धि आंकी गई।
संक्रमण तेजी से बढ़ने की वजह से इसकी जांच के लिए अस्पतालों में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंच रहे हैं और अपने सैंपल भी दे रहे हैं। मगर तमाम लोग जांच के समय अपना सही नाम व पता नहीं दे रहे हैं। इसके लिए वो फर्जी एड्रेस का सहारा ले रहे हैं। अब ये फर्जी एड्रेस स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए मुसीबत बन रहे हैं, क्योंकि जब इनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तो इन्हें तलाशने में विभाग को खासी मशक्कत उठानी पड़ती है।