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आधुनिक मशीनों से हो रहा राममंदिर का निर्माण
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। अभी राममंदिर की नींव के ऊपर प्लिंथ का निर्माण कार्य संचालित है। यह कार्य जून तक पूरा होने की संभावना है। इसके तुरंत बाद गर्भगृह को आकार देने का काम प्रारंभ हो जाएगा। पत्थरों की सेटिंग के लिए बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। इसी क्रम में तीन सौ टन क्षमता का भार उठाने वाली अत्याधुनिक मशीन रामजन्मभूमि पहुंची है।
राममंदिर निर्माण के लिए तराश कर रखे गए पत्थरों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए मशीनों का प्रयोग होगा। राममंदिर निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग हो रहा है, इसी क्रम में एक बार में तीन सौ टन से ज्यादा भार उठाने में सक्षम एक मशीन रामजन्मभूमि परिसर पहुंची है। जुलाई में जब राममंदिर के पत्थरों को शिफ्ट करने का काम शुरू होगा तो इन मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।
तराशे गए पत्थरों में कोई दिक्कत न हो, वे टूटने-फूटने न पाएं, उनमें दरार न आए, स्क्रैच न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसलिए पत्थरों को शिफ्ट करने में बड़ी मशीनों का उपयोग होना है। इससे पहले भी नींव भराई से लेकर प्लिंथ निर्माण तक के अब तक हुए काम में बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग किया गया है।
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राममंदिर निर्माण के लिए तराश कर रखे गए पत्थरों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए मशीनों का प्रयोग होगा। राममंदिर निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनों का प्रयोग हो रहा है, इसी क्रम में एक बार में तीन सौ टन से ज्यादा भार उठाने में सक्षम एक मशीन रामजन्मभूमि परिसर पहुंची है। जुलाई में जब राममंदिर के पत्थरों को शिफ्ट करने का काम शुरू होगा तो इन मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।
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तराशे गए पत्थरों में कोई दिक्कत न हो, वे टूटने-फूटने न पाएं, उनमें दरार न आए, स्क्रैच न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसलिए पत्थरों को शिफ्ट करने में बड़ी मशीनों का उपयोग होना है। इससे पहले भी नींव भराई से लेकर प्लिंथ निर्माण तक के अब तक हुए काम में बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग किया गया है।
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