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सीएम की कार्रवाई से बचने की तैयारी में जुटीं कार्यदायी संस्थाएं
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार को जिले के औचक निरीक्षण को लेकर सुबह से हलचल रही। हालांकि सीएम के उड़नखटोले के बलरामपुर पहुंचने पर अधिकारियों ने थोड़ी राहत महसूस की लेकिन डीएम के पास सीएम का अधिकृत कार्यक्रम रविवार दोपहर में तय होने की सूचना आते ही आला अधिकारी और कार्यदायी एजेंसियों के इंजीनियर करोड़ों की स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा के साथ मौके पर तस्वीर उजली करने में जुट गए।
कमिश्नर-डीएम ने पर्यटन विकास और सौंदरीकरण की योजनाओं समेत अस्पतालों का निरीक्षण कर हकीकत खंगाली। शुक्रवार से शुरू हुआ मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाली योजनाओं के साथ कोविड 19 को देखते हुए रोजगार सृजन की फाइलें दुरुस्त करने का काम देर रात चला।
मुख्यमंत्री योगी अयोध्या में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन भी करेंगे। साथ ही राममंदिर निर्माण की तैयारियों का भी जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गयी है।
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डीएम व कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी शनिवार को हांफते नजर आए। केंद्र सरकार के सहयोग से पर्यटन विकास को लेकर चल रहे कार्यों में देरी और गड़बड़ी की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं। वरिष्ठ अफसर पूरे दिन योजनाओं की मॉनिटरिंग में जुटे रहे। डीएम ने रामजन्मभूमि परिसर जाकर राममंदिर निर्माण के लिए हो रही तैयारी का भी निरीक्षण किया।
अयोध्या में डेढ़ घंटे रहेंगे सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या दौरे पर आ रहे हैं। वह अयोध्या में डेढ़ घंटे तक रहेंगे। सीएम योगी 11:45 पर अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। साथ ही राममंदिर निर्माण की तैयारियों का भी जायजा लेंगे। नॉन कोविड अस्पतालों का भी वह निरीक्षण करेंगे। साथ ही अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सीएम योगी 1:15 पर अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।
डीजी पर्यटन की समीक्षा में अधूरे मिले कार्य
पर्यटन विभाग के महानिदेशक एनजी रविकुमार की समीक्षा में 19 जून को अयोध्या में चल रही विकास योजनाओं में सात बड़ी खामी पाई गईं थीं। इसे लेकर तीन दिन में स्पष्टीकरण के साथ 3 जुलाई को बैठक भी है। महानिदेशक ने साफ कहा है कि कई योजनाएं जमीन चिह्नित न होने और डिजाइन फाइनल न होने की वजह से अभी तक लटकी पड़ी हैं। राम की पैड़ी पर स्टोन की जाली और रेलिंग का अभाव है, तो दिगंबर अखाड़े में बनाए गए बहुउद्देशीय हाल के लिए अप्रोच रोड आदि नहीं बनी है। आधुनिक बस अड्डे को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी विस्तारीकरण की डिजाइन तैयार नहीं हुई है। न ही ड्रेनेज-एसटीपी को लेकर प्लान अनुमोदित हो पाया है। सिटी वाइड इंटरवेंशन के तहत वॉच टावर की ड्राइंग व डिजाइन भी पुलिस और सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर तैयार नहीं हो पाई है। पैडिस्ट्रियन स्ट्रीट के तहत पिंक सेंड स्टोन लगाने के लिए गलियां भी अभी तक चिह्नित नहीं हो पाई हैं।
राममंदिर निर्माण पर मंथन करेंगे योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवीपाटन में मां पाटेश्वरीदेवी की आराधना के बाद रविवार को श्रीरामजन्मभूमि पहुंचेंगे। यहां उनका श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों समेत शीर्ष संत-धर्माचार्य व विहिप के बड़े नेताओं संग मानस भवन में गोपनीय बैठक भी होनी है। सूत्रों का कहना है कि राममंदिर निर्माण को लेकर योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूत बनकर खास संदेश लेकर आ रहे हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी कोरोना संकट के बाद चीन विवाद की वजह से प्रधानमंत्री का भूमि पूजन कार्यक्रम न मिलने से अंदरखाने में नाराज बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले ही मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख रिटायर आईएएस नृपेंद्र मिश्र से यह बात साझा की है। माना जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परिसर में पौधरोपण के बहाने आकर निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर स्पष्ट दिशा देंगे। वे ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास से अलग से मिल सकते हैं।
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कमिश्नर-डीएम ने पर्यटन विकास और सौंदरीकरण की योजनाओं समेत अस्पतालों का निरीक्षण कर हकीकत खंगाली। शुक्रवार से शुरू हुआ मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाली योजनाओं के साथ कोविड 19 को देखते हुए रोजगार सृजन की फाइलें दुरुस्त करने का काम देर रात चला।
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मुख्यमंत्री योगी अयोध्या में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन भी करेंगे। साथ ही राममंदिर निर्माण की तैयारियों का भी जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गयी है।
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डीएम व कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी शनिवार को हांफते नजर आए। केंद्र सरकार के सहयोग से पर्यटन विकास को लेकर चल रहे कार्यों में देरी और गड़बड़ी की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं। वरिष्ठ अफसर पूरे दिन योजनाओं की मॉनिटरिंग में जुटे रहे। डीएम ने रामजन्मभूमि परिसर जाकर राममंदिर निर्माण के लिए हो रही तैयारी का भी निरीक्षण किया।
अयोध्या में डेढ़ घंटे रहेंगे सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या दौरे पर आ रहे हैं। वह अयोध्या में डेढ़ घंटे तक रहेंगे। सीएम योगी 11:45 पर अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। साथ ही राममंदिर निर्माण की तैयारियों का भी जायजा लेंगे। नॉन कोविड अस्पतालों का भी वह निरीक्षण करेंगे। साथ ही अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सीएम योगी 1:15 पर अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।
डीजी पर्यटन की समीक्षा में अधूरे मिले कार्य
पर्यटन विभाग के महानिदेशक एनजी रविकुमार की समीक्षा में 19 जून को अयोध्या में चल रही विकास योजनाओं में सात बड़ी खामी पाई गईं थीं। इसे लेकर तीन दिन में स्पष्टीकरण के साथ 3 जुलाई को बैठक भी है। महानिदेशक ने साफ कहा है कि कई योजनाएं जमीन चिह्नित न होने और डिजाइन फाइनल न होने की वजह से अभी तक लटकी पड़ी हैं। राम की पैड़ी पर स्टोन की जाली और रेलिंग का अभाव है, तो दिगंबर अखाड़े में बनाए गए बहुउद्देशीय हाल के लिए अप्रोच रोड आदि नहीं बनी है। आधुनिक बस अड्डे को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी विस्तारीकरण की डिजाइन तैयार नहीं हुई है। न ही ड्रेनेज-एसटीपी को लेकर प्लान अनुमोदित हो पाया है। सिटी वाइड इंटरवेंशन के तहत वॉच टावर की ड्राइंग व डिजाइन भी पुलिस और सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर तैयार नहीं हो पाई है। पैडिस्ट्रियन स्ट्रीट के तहत पिंक सेंड स्टोन लगाने के लिए गलियां भी अभी तक चिह्नित नहीं हो पाई हैं।
राममंदिर निर्माण पर मंथन करेंगे योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवीपाटन में मां पाटेश्वरीदेवी की आराधना के बाद रविवार को श्रीरामजन्मभूमि पहुंचेंगे। यहां उनका श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों समेत शीर्ष संत-धर्माचार्य व विहिप के बड़े नेताओं संग मानस भवन में गोपनीय बैठक भी होनी है। सूत्रों का कहना है कि राममंदिर निर्माण को लेकर योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूत बनकर खास संदेश लेकर आ रहे हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी कोरोना संकट के बाद चीन विवाद की वजह से प्रधानमंत्री का भूमि पूजन कार्यक्रम न मिलने से अंदरखाने में नाराज बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले ही मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख रिटायर आईएएस नृपेंद्र मिश्र से यह बात साझा की है। माना जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परिसर में पौधरोपण के बहाने आकर निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर स्पष्ट दिशा देंगे। वे ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास से अलग से मिल सकते हैं।