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चार जर्जर स्कूली भवनों के बच्चे होंगे शिफ्ट
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2015 11:52 PM IST
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इसके अलावा तकरीबन आधा दर्जन स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। बीएसए कार्यालय ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिया है जिसे शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।
बदहाली के भंवर में फंसी परिषदीय शिक्षा के बदरंग तस्वीर का ही नतीजा है कि 56 स्कूलों में तकरीबन 3500 छात्र/छात्राए नामांकित है। लेकिन इनमें जहां किराए के भवन में स्कूल चलते है।
वहां तो छात्र/छात्राओं की तादात सिर्फ रस्म अदायगी भर रह गई है। प्राथमिक स्कूल मोदहा, बछड़ा, सुल्तानपुर, देवकाली, सोनखरकुंड, स्वर्गद्वार और वेगमपुरा तथा जूनियर हाईस्कूल सोनखरकुंड आदि नौ स्कूल किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं।
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इनमें से प्रावि हैदरगंज द्वितीय, प्रावि मोदहा, प्रावि सोनखरकुंड, प्रावि बेगमपुरा, प्रावि जानकीघाट और जूनियर हाईस्कूल सोनखरकुंड में बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय की व्यवस्था की गई है।
प्रभारी भवन निर्माण गिरिजाशंकर ने दावा किया कि इन छह स्कूलों में सुलभ शौचालय के जरिए सुविधा दी गई है। नगर में प्राथमिक स्कूलों की तादात 43 है और पूर्व माध्यमिक स्कूलों की संख्या 13 है।
इन 56 स्कूलों में कुल 83 शिक्षक ही तैनात है। स्कूलों के सापेक्ष शिक्षकों की कमी का नतीजा है कि नगर क्षेत्र में ज्यादातर स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है।
किराए के भवन में चल रहे स्कूलों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने का फायदा यह होगा कि शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसके तहत पेड़ के नीचे चल रहे प्राइमरी स्कूल देवकाली को प्राथमिक विद्यालय जप्ती में शिफ्ट किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर को प्राथमिक विद्यालय साहबगंज मे, प्राथमिक विद्यालय बडड़ा को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में संचालित स्कूल में और प्राथमिक विद्यालय स्वर्गद्वार को प्रावि रायगंज में शिफ्ट किया जाएगा।
इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों को बुनियादी सुविधाएं जरूरी है। किराए के भवन में चल रहे स्कूलों को सुविधायुक्त विद्यालयों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार हो गया है जिसे शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।
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बदहाली के भंवर में फंसी परिषदीय शिक्षा के बदरंग तस्वीर का ही नतीजा है कि 56 स्कूलों में तकरीबन 3500 छात्र/छात्राए नामांकित है। लेकिन इनमें जहां किराए के भवन में स्कूल चलते है।
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वहां तो छात्र/छात्राओं की तादात सिर्फ रस्म अदायगी भर रह गई है। प्राथमिक स्कूल मोदहा, बछड़ा, सुल्तानपुर, देवकाली, सोनखरकुंड, स्वर्गद्वार और वेगमपुरा तथा जूनियर हाईस्कूल सोनखरकुंड आदि नौ स्कूल किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं।
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इनमें से प्रावि हैदरगंज द्वितीय, प्रावि मोदहा, प्रावि सोनखरकुंड, प्रावि बेगमपुरा, प्रावि जानकीघाट और जूनियर हाईस्कूल सोनखरकुंड में बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय की व्यवस्था की गई है।
प्रभारी भवन निर्माण गिरिजाशंकर ने दावा किया कि इन छह स्कूलों में सुलभ शौचालय के जरिए सुविधा दी गई है। नगर में प्राथमिक स्कूलों की तादात 43 है और पूर्व माध्यमिक स्कूलों की संख्या 13 है।
इन 56 स्कूलों में कुल 83 शिक्षक ही तैनात है। स्कूलों के सापेक्ष शिक्षकों की कमी का नतीजा है कि नगर क्षेत्र में ज्यादातर स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है।
किराए के भवन में चल रहे स्कूलों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने का फायदा यह होगा कि शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसके तहत पेड़ के नीचे चल रहे प्राइमरी स्कूल देवकाली को प्राथमिक विद्यालय जप्ती में शिफ्ट किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर को प्राथमिक विद्यालय साहबगंज मे, प्राथमिक विद्यालय बडड़ा को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में संचालित स्कूल में और प्राथमिक विद्यालय स्वर्गद्वार को प्रावि रायगंज में शिफ्ट किया जाएगा।
इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों को बुनियादी सुविधाएं जरूरी है। किराए के भवन में चल रहे स्कूलों को सुविधायुक्त विद्यालयों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार हो गया है जिसे शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।