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मां के क्रियाकर्म पर भी भाइयों में रार
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 25 Mar 2016 10:21 PM IST
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ग्रामीणों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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कारोबारी बेटों द्वारा खाना न देने पर बूढ़ी मां ने पांच दिन पहले आत्मदाह कर लिया और अब उसके चारों बेटों में इस बात को लेकर रार मची है कि अंतिम क्रियाकर्म कौन अपने पैसे से करेगा।
इसके चलते मृतका अयोध्यादेई का अंतिम क्रियाकर्म स्थगित कर दिया गया है, यहां तक कि घट भी नहीं बांधा गया है। मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली चारों बेटों की इस करतूत से ग्रामीणों ने उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव में 20 मार्च की रात 70 साल की वृद्धा अयोध्यादेई ने आत्मदाह कर जान दे दी थी। अयोध्यादेई के पांच बेटे हैं जिनमें से एक मंदबुद्धि है पर चार का अपना-अपना कारोबार है, लेकिन चारों में बूढ़ी मां को भोजन देने पर विवाद चल रहा था। भोजन देने को लेकर चारों बेटे विजय शंकर, बेंचू, जोखू, रमेश ने एक-एक माह की पारी बंधी थी।
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वर्तमान समय में भोजन देने की बारी जोखू की थी लेकिन तीन दिनों से वृद्धा और पांचवें मंदबुद्धि बेटे को भोजन नहीं मिला था। आखिर तीन दिन भूख से तड़पने के बाद अयोध्यादेई ने घर में ही आत्मदाह कर लिया। मां की मौत के पांच दिन बाद भी चारों बेटों में अंतिम क्रियाकर्म में पैसा लगाने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है जिससे कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
गंव के पूर्व प्रधान जनार्दन पांडेय, कुंवर बहादुर पांडेय, सियाराम गुप्ता, नारायन दास गुप्ता, सियाराम मौर्या, बीडीसी सदस्य पवन मौर्या, प्रधान करीमउल्ला, राजेश कोरी कहते हैं कि अयोध्यादेई और उसके साथ रह रहे बेटे के भोजन व परवरिश को लेकर चारों बेटों के बीच साल भर में कई बार पंचायत हुई लेकिन फिर भी वे मां और मंद बुद्धि भाई को खाना नहीं दे सके। ऐसी शर्मनाक घटना के लिए चारों बेटे जिम्मेदार हैं इसलिए इनका बहिष्कार कर दिया गया।
क्रियाकर्म स्थगित
मृतक वृद्ध महिला के बड़े पुत्र विजय शंकर गुप्ता का कहना है कि क्रियाकर्म स्थगित कर दिया गया है। अभी हम भाइयों में तय नहीं हो पाया है कि क्रियाकर्म कब और कैसे करना है। गांव वालों ने हमारे परिवार का बहिष्कार किया है इसके विषय में हमें कुछ नहीं कहना है।
मामले में जांच की जा रही
सूचना पर घटना के दिन रात लगभग 11:30 बजे गांव पहुंचा तो दरवाजा तोड़वाकर शव को बाहर निकलवाया था। अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया। गांव के प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य से बात हुई थी। ग्रामीणों की ओर से मृतका के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। मामले में अभी जांच की जा रही है।
अरविंद कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष पूराकलंदर
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इसके चलते मृतका अयोध्यादेई का अंतिम क्रियाकर्म स्थगित कर दिया गया है, यहां तक कि घट भी नहीं बांधा गया है। मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली चारों बेटों की इस करतूत से ग्रामीणों ने उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
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पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव में 20 मार्च की रात 70 साल की वृद्धा अयोध्यादेई ने आत्मदाह कर जान दे दी थी। अयोध्यादेई के पांच बेटे हैं जिनमें से एक मंदबुद्धि है पर चार का अपना-अपना कारोबार है, लेकिन चारों में बूढ़ी मां को भोजन देने पर विवाद चल रहा था। भोजन देने को लेकर चारों बेटे विजय शंकर, बेंचू, जोखू, रमेश ने एक-एक माह की पारी बंधी थी।
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वर्तमान समय में भोजन देने की बारी जोखू की थी लेकिन तीन दिनों से वृद्धा और पांचवें मंदबुद्धि बेटे को भोजन नहीं मिला था। आखिर तीन दिन भूख से तड़पने के बाद अयोध्यादेई ने घर में ही आत्मदाह कर लिया। मां की मौत के पांच दिन बाद भी चारों बेटों में अंतिम क्रियाकर्म में पैसा लगाने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है जिससे कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
गंव के पूर्व प्रधान जनार्दन पांडेय, कुंवर बहादुर पांडेय, सियाराम गुप्ता, नारायन दास गुप्ता, सियाराम मौर्या, बीडीसी सदस्य पवन मौर्या, प्रधान करीमउल्ला, राजेश कोरी कहते हैं कि अयोध्यादेई और उसके साथ रह रहे बेटे के भोजन व परवरिश को लेकर चारों बेटों के बीच साल भर में कई बार पंचायत हुई लेकिन फिर भी वे मां और मंद बुद्धि भाई को खाना नहीं दे सके। ऐसी शर्मनाक घटना के लिए चारों बेटे जिम्मेदार हैं इसलिए इनका बहिष्कार कर दिया गया।
क्रियाकर्म स्थगित
मृतक वृद्ध महिला के बड़े पुत्र विजय शंकर गुप्ता का कहना है कि क्रियाकर्म स्थगित कर दिया गया है। अभी हम भाइयों में तय नहीं हो पाया है कि क्रियाकर्म कब और कैसे करना है। गांव वालों ने हमारे परिवार का बहिष्कार किया है इसके विषय में हमें कुछ नहीं कहना है।
मामले में जांच की जा रही
सूचना पर घटना के दिन रात लगभग 11:30 बजे गांव पहुंचा तो दरवाजा तोड़वाकर शव को बाहर निकलवाया था। अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया। गांव के प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य से बात हुई थी। ग्रामीणों की ओर से मृतका के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। मामले में अभी जांच की जा रही है।
अरविंद कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष पूराकलंदर