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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Bharatkund have not save enough water to rinse

सूखे भरतकुंड में आचमन लायक भी नहीं बचा जल

Sun, 04 Oct 2015 11:15 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला
फैजाबाद/अमर उजाला Updated Sun, 04 Oct 2015 11:15 PM IST
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पितृपक्ष लगे सप्ताह भर बीतने को है। भरतकुंड पर पूर्वजों को पिंडदान देने वाले लोगों की लंबी कतारें गुरुवार से ही लग रही हैं। आने वाले श्रद्धालु यहां की दशा देश भौचक हैं कि स्नान कहां करें और पिंडदान कैसे करें।
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 मान्यता के अनुरूप पिंडदान स्थल पर पहुंचने के बाद स्नान, ध्यान सरोवर के पवित्र जल से आचमन के बाद भरतकुंड स्थित गयावेदी पर पूजापाठ और फिर पिंड दान देने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
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आलम यह है कि आस्था के इस पवित्र सरोवर में धूल उड़ रही है। मानसून के दगा देने से पहली बार इस साल सरोवर सूख गया है। लोगों को स्नान का संकट है आचमन के लिए श्रद्धालु श्मशान स्थल पर लगे हैंडपंप के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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दूसरी बड़ी समस्या पिंडदानियों के सामने है कि नहाने-धोने का काम कैसे भी कर ले रहे हैं पर पीने के लिए पानी का इंतजाम कहां से करें। यह हालात ऐसे मौके पर है कि कड़ाके की इस धूप में दो से चार घंटे तक खुले आसमान के नीचे पूजा पाठ में बिताना पड़ रहा है।

सरोवर में पानी भरवाने और लाइट लगवाने के लिए कई पत्र जिला प्रशासन से शासन तक भेजा गया है। शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम ने बैठक भी की लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकला।

-तेज बहादुर यादव, बीडीसी सदस्य

भरतकुंड पर कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। रास्ते ऊबड़-खाबड़, पीने व स्नान को पानी नहीं है, आस्था का सरोवर सूखा पड़ा है। पानी भरवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-अविनाश राय, एसडीएम, सोहावल
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