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Ayodhya News: जांच टीम के सामने जानलेवा हमला
Tue, 25 Jul 2023 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:44 PM IST
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रुदौली, अयोध्या। कोतवाली रुदौली के अंतर्गत मेहनौरा गांव में हुए विकास कार्यों में गबन मामले की जांच करने पहुंची प्रशासन की दो सदस्यीय टीम के सामने दबंगों ने शिकायतकर्ता अधिवक्ता समेत दो लोगों पर फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है।
मीसा गांव के पूर्व प्रधान राम मिलन यादव व ग्राम पंचायत अधिकारी अंकुर यादव व विजय गौतम के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए अधिवक्ता रामप्रसाद यादव ने 15 नवंबर 2022 को शपथ पत्र सहित डीएम से शिकायत की थी। शिकायतकर्त्ता का आरोप है कि मीसा गांव में 300 ह्यूम पाइप व ट्री गार्ड सहित अन्य कई विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर गबन किया गया। इस मामले में डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह व अधिशासी अभियंता सिंचाई को जांच अधिकारी नामित करते हुए 25 जुलाई को जांच तिथि नियत की थी। तय तिथि के अनुसार दोनों अधिकारी मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे मेहनौरा गांव पहुंचे। यहां जांच के बाद टीम मीसा गांव की तरफ जा रही थी। इस दौरान गांव के बाहर घात लगाए बैठे करीब एक दर्जन लोगों ने जांच टीम के सामने शिकायतकर्ता अधिवक्ता रामप्रसाद पर धारदार हथियार, फरसा व लाठी से हमला बोल दिया। हमले में अधिवक्ता के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, साथ ही शिकायतकर्ता का एक भाई रामतेज भी लहूलुहान हो गया। जानलेवा हमले के बाद जांच अधूरी छोड़कर जांच अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए।
कोतवाल रुदौली देवेंद्र सिंह ने भी बताया कि जांच टीम बिना पुलिस को सूचना दिए जांच करने पहुंच गई थी। मामला गंभीर होने के बावजूद जांच अधिकारी ने खुद शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया। सीओ रुदौली सतेंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हमलावरों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
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मीसा गांव के पूर्व प्रधान राम मिलन यादव व ग्राम पंचायत अधिकारी अंकुर यादव व विजय गौतम के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए अधिवक्ता रामप्रसाद यादव ने 15 नवंबर 2022 को शपथ पत्र सहित डीएम से शिकायत की थी। शिकायतकर्त्ता का आरोप है कि मीसा गांव में 300 ह्यूम पाइप व ट्री गार्ड सहित अन्य कई विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर गबन किया गया। इस मामले में डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह व अधिशासी अभियंता सिंचाई को जांच अधिकारी नामित करते हुए 25 जुलाई को जांच तिथि नियत की थी। तय तिथि के अनुसार दोनों अधिकारी मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे मेहनौरा गांव पहुंचे। यहां जांच के बाद टीम मीसा गांव की तरफ जा रही थी। इस दौरान गांव के बाहर घात लगाए बैठे करीब एक दर्जन लोगों ने जांच टीम के सामने शिकायतकर्ता अधिवक्ता रामप्रसाद पर धारदार हथियार, फरसा व लाठी से हमला बोल दिया। हमले में अधिवक्ता के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, साथ ही शिकायतकर्ता का एक भाई रामतेज भी लहूलुहान हो गया। जानलेवा हमले के बाद जांच अधूरी छोड़कर जांच अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए।
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कोतवाल रुदौली देवेंद्र सिंह ने भी बताया कि जांच टीम बिना पुलिस को सूचना दिए जांच करने पहुंच गई थी। मामला गंभीर होने के बावजूद जांच अधिकारी ने खुद शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया। सीओ रुदौली सतेंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हमलावरों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
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