फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ayodhya: Worship will be done for 60 hours before the consecration of Ramlala

Ayodhya : रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 60 घंटे होगा पूजन, 17 जनवरी से ही शुरू हो जाएंगे अनुष्ठान

Tue, 12 Dec 2023 05:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन मिश्रा, अयोध्या
नितिन मिश्रा, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 12 Dec 2023 05:33 AM IST
सार

काशी के पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के नेतृत्व में 121 से अधिक वैदिक ब्राह्मणों की टीम 16 से 22 जनवरी तक अनुष्ठान करेगी।

विज्ञापन
Ayodhya: Worship will be done for 60 hours before the consecration of Ramlala
राम मंदिर का गर्भगृह - फोटो : amar ujala

विस्तार

रामलला के विराजने में अब महज 40 दिन शेष हैं। वृहद अनुष्ठानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। काशी के पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के नेतृत्व में 121 से अधिक वैदिक ब्राह्मणों की टीम 16 से 22 जनवरी तक अनुष्ठान करेगी। प्राण प्रतिष्ठा से पहले 60 घंटे तक यज्ञ, हवन, चारों वेदों का पारायण और कर्मकांडों का वाचन होगा और बाद में 56 भोग अर्पित कर रामलला की पहली आरती पीएम मोदी उतारेंगे।

विज्ञापन


प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 17 जनवरी को सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर एक बजे तक चलेगा। इसके बाद दोपहर तीन बजे अनुष्ठान शुरू होकर रात के 9:30 बजे तक चलेगा। यानी करीब 10 से 12 घंटे रोजाना मंत्रोच्चार, हवन-पूजन होगा। यह क्रम 21 जनवरी तक जारी रहेगा। 22 जनवरी को रामलला भव्य गर्भगृह में विराजमान होंगे। 
विज्ञापन


अनुष्ठान के लिए मंदिर परिसर में कई मंडप व हवन कुंड बनाए जा रहे हैं। मंदिर के बाहर एक बड़ा मंडपम होगा। हर विधा के ब्राह्मणों के कई छोटे-छोटे मंडपम होंगे। मंडपम के बीच में 20 यज्ञ कुंड होंगे। मंडप के पूर्व में पंचांग पूजन के ब्राह्मण होंगे। इसके बाद वैदिक ब्राह्मण और बाकी के कर्मकांडी पंडित अनुष्ठान कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रोच्चारों से गूंजेगा राम जन्मभूमि परिसर

17 जनवरी...संकल्प पूजन, वेद मंत्रोच्चर
अनुष्ठान की शुरुआत 17 जनवरी को संकल्प, गणपति पूजन, मातृका पूजन और पुण्यावाचन के साथ होगी। चारों वेदों के मंत्र पढ़े जाएंगे। हर वेद के अलग-अलग ऋषि हैं। मंडपम में उत्तर की ओर अथर्ववेद, पूर्व में ऋग्वेद, दक्षिण में यजुर्वेद और पश्चिम में सामवेद के विद्वान बैठेंगे। 18 पुराणों के अलग-अलग विद्वान पाठ करेंगे। उपनिषदों के भी मंत्र पढ़े जाएंगे। कर्मकांडी ब्राह्मण अनुष्ठान करेंगे। कर्मकांडों में मंदिर का क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, दस स्नान, हवन आदि होगा।
18 जनवरी...सरयू जल से स्नान
18 जनवरी को सरयू नदी के 121 कलश जल से भगवान रामलला की मूर्ति को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान राम अयोध्या नगर का भ्रमण कर प्रजा से मिलेंगे, भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, मठ-मंदिरों में दर्शन करेंगे।
19 जनवरी...कई तरह के अधिवास  
मूर्ति बनने के दौरान पत्थर, छीनी और हथौड़े से काफी काम होता है। उससे कई दोष उत्पन्न हो जाते हैं। इसकी शुद्धि के लिए कई तरह के अधिवास होंगे। 19 जनवरी को घृताधिवास, मध्वाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास होंगे। घृताधिवास में मूर्ति पर एक धागा बांधकर दो-दो मिनट के लिए घी में रख दिया जाएगा। फिर मध्वाधिवास में मूर्ति को शहद से भरे पात्र में रख देते हैं। अन्नाधिवास, मूर्ति को चावल से ढक देंगे। पुष्पाधिवास में पूरी मूर्ति पर फूल बिछा देंगे। कलश में औषधि और सरयू का जल डालकर मूर्ति और नए मंदिर के शिखर को स्नान कराया जाएगा, क्योंकि शिखर में देवता वास करते हैं।
20 जनवरी...शयन करेंगे रामलला
शैयाधिवास का अनुष्ठान 20 जनवरी को होगा यानी पूरी रात रामलला शयन करेंगे। इधर, पूरे दिन बाकी अनुष्ठान चलते रहेंगे। इसके बाद मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
21 जनवरी...न्यास मंत्रों का जाप
न्यास पूजा की शुरुआत 21 जनवरी की सुबह होगी। मूर्ति के सिर, ललाट, नाखून, नाक, मुख, कंठ, आंख, बाल, हृदय से लेकर पांव तक में प्राण डालने के लिए दो घंटे तक न्यास मंत्रों का जाप होगा। मूर्ति के सिर से लेकर पांव तक के लिए अलग-अलग मंत्रों का जाप करते हैं। इसे न्यास विद्या कहते हैं। मुहूर्त के दौरान मूर्ति के नीचे सोने की श्लाका और कुशा रखते हैं।
22 जनवरी....प्राण प्रतिष्ठा होगी
अभिजित मुहूर्त में 22 जनवरी को सुबह 11:30 से दोपहर 12:40 बजे के बीच सोने की श्लाका और कुशा को खींच दिया जाएगा। श्लाका खींच देने पर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा स्वत: हो जाएगी। इसके बाद 56 भोग अर्पित कर भगवान राम की महाआरती होगी।

श्रीराम हवाई अड्डे को आतंकवादी सुरक्षा कवर प्रदान करेगी सीआईएसफ

 उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जल्द ही खुलने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की एक सशस्त्र टुकड़ी आतंकवाद विरोधी सुरक्षा कवर प्रदान कर सकती है। हवाई अड्डे का पहला चरण दिसंबर अंत तक पूरा हो जाएगा। इसका उद्घाटन शहर में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
खुफिया-सुरक्षा एजेंसियां कर रही विश्लेषण

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की सुरक्षा समीक्षा शुरू हो गई है। केंद्रीय एवं राज्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के विशेषज्ञों की एक टीम काम की रूपरेखा का विश्लेषण कर रही है। 

  • अधिकारी ने कहा, नागरिक हवाई अड्डे पर आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए मजबूत सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा, सीआईएसएफ इसके लिए नोडल एजेंसी है
  •  गृह मंत्रालय लेगा अंतिम निर्णय
  • सूत्रों ने कहा, एक बार एजेंसियों की ओर से सुरक्षा समीक्षा पूरी हो जाने के बाद गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी जो अंतिम निर्णय लेगा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed