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रामनगरी को मिली संस्कृत विश्वविद्यालय की सौगात
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:10 PM IST
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रामनगरी अयोध्या पर नजरें इनायत हैं। अयोध्या के संतों और संस्कृत शिक्षकों की मांग पर शासन से यहां महामना पंडित मदन मोहन मालवीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना का एलान किया गया है।
इसके लिए प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने मंडलायुक्त को विवि के लिए 50 एकड़ भूमि की तलाश शुरू करने का निर्देश दिया है। अयोध्या के संतों, संस्कृत शिक्षकों व छात्रों में खुशी छा गई है।
अयोध्या में संस्कृत विवि की मांग विगत कई दशकों से की जा रही है, जिस पर पूर्ववर्ती सरकारों ने कोई विचार नहीं किया। यहां के छात्र-छात्राओं को संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से डिग्री लेने से लेकर जरूरी कामों के लिए दौड़भाग करनी पड़ती है।
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जिले में लगभग 30 संस्कृत महाविद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 9 हजार छात्र विभिन्न जिलों से आकर संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अकेले अयोध्या में ही 12 से अधिक संस्कृत महाविद्यालय संचालित हैं।
इसके अलावा संस्कृत स्कूलों में बडे़ पैमाने पर छात्र पढ़ते हैं। इस बाबत संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयभान ने बताया कि शासन से मिले पत्र में बाद संस्कृत विवि की स्थापना के लिए भूमि के चिन्हांकन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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इसके लिए प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने मंडलायुक्त को विवि के लिए 50 एकड़ भूमि की तलाश शुरू करने का निर्देश दिया है। अयोध्या के संतों, संस्कृत शिक्षकों व छात्रों में खुशी छा गई है।
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अयोध्या में संस्कृत विवि की मांग विगत कई दशकों से की जा रही है, जिस पर पूर्ववर्ती सरकारों ने कोई विचार नहीं किया। यहां के छात्र-छात्राओं को संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से डिग्री लेने से लेकर जरूरी कामों के लिए दौड़भाग करनी पड़ती है।
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जिले में लगभग 30 संस्कृत महाविद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 9 हजार छात्र विभिन्न जिलों से आकर संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अकेले अयोध्या में ही 12 से अधिक संस्कृत महाविद्यालय संचालित हैं।
इसके अलावा संस्कृत स्कूलों में बडे़ पैमाने पर छात्र पढ़ते हैं। इस बाबत संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयभान ने बताया कि शासन से मिले पत्र में बाद संस्कृत विवि की स्थापना के लिए भूमि के चिन्हांकन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।