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अब रामनगरी की सड़के भी कराएंगी भक्ति भाव का अहसास
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अयोध्या। रामनगरी को आध्यात्मिक मेगा सिटी बनाने के लिए यहां की सड़कों का नाम राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ, जन्मभूमि पथ के नाम से होगा। इसका प्रस्ताव अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट में किया गया है। सड़कों के लिए भूमि खरीद से लेकर चौड़ीकरण-सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने करोड़ों रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही शहर के पुराने चौराहों के नाम को बदलने की कवायद भी चल रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम सिटी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है, जोकि नया नाम तय करके शासन को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही है।
अयोध्या को आध्यात्मिक मेगा सिटी व विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने की तेजी से परवान चढ़ रही है। शासन के निर्देश पर विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम एलईए एसोसिएट्स, सीपी कुकरेजा व एलएंडटी ने अयोध्या के विकास का विजन डाक्यूमेंट बनाने के साथ प्रमुख 11 योजनाओं का डीपीआर भी तैयार कर रही है। इसमें पंच कोसी व 14 परिक्रमा मार्ग कोसी परिक्रमा मार्ग को छोड़कर राममंदिर को जोड़ने वाली पांच सड़कें बनना प्रस्तावित हैं। विजन डाक्यूमेंट के तहत इन सड़कों का नामकरण भी भक्ति भाव के अनुरूप करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम की सड़कों व चौराहों का नाम बदले जाने की योजना है। इसके लिए लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। इसकी प्रक्रिया मौजूदा समय में चल रही है। बोर्ड के पास प्रस्ताव को नगर निगम की ओर से जिलाधिकारी को भेज दिया गया था। इसपर मौजूदा समय में एडीएम सिटी के नेतृत्व में कार्य चल रहा है। प्रस्ताव पर शासन की मोहर लगने के बाद चौराहों के नाम बदले जाएंगे।
13 किमी लंबा होगा रामपथ
सहादतगंज से नया घाट तक प्रस्तावित सड़क का नाम राम पथ होगा। यह 13 किमी की सड़क है, जिसके चौड़ीकरण के लिए शहर तमाम दुकान-मकान आदि के अधिग्रहण की कवायद चल रही है। इसके लिए करीब 14 सौ करोड़ प्रस्तावित किया गया है।
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हनुमानगढ़ी से राममंदिर मार्ग होगा भक्ति पथ
सहादतगंज से नया घाट यानि रामपथ से एक सड़क श्रृंगार हाट से निकलकर हनुमानगढ़ी होकर श्रीराम मंदिर तक जाएगी, इसका नाम विजन डाक्यूमेंट में भक्ति पथ होगा। यह सड़क 850 मीटर लंबी होगी, जिसपर 52 करोड़ खर्च का अनुमान है।
हाईवे से नया घाट मार्ग होगा धर्म पथ
लखनऊ से गोरखपुर मार्ग पर अयोध्या के नया आधुनिक बस अड्डे के ठीक सामने से हाईवे बाइपास होकर नया घाट अयोध्या जाने वाला छह लेन मार्ग धर्मपथ के नाम से जाना जाएगा। यह मार्ग शीशे के की तरह चमक रहा है, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद पहले दीपोत्सव में ही इस मार्ग के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए थे, जिसे अगले साल ही पूरा कर लिया गया था।
सुग्रीव किला से श्री राम मंदिर मार्ग जन्मभूमि पथ होगा
राम लला के दर्शन के लिए सुग्रीव किला से श्री राम मंदिर तक जाने वाले लगभग 100 फीट चौड़े दर्शन मार्ग के निर्माण के लिए हाल में स्वीकृति मिली थी। अब इस मार्ग में पड़ने वाले मंदिरों के महंतों ने जरूरत भर की जमीन का बैनामा प्रशासन के पक्ष में कर दिया है। इम मार्ग को विजन डाक्यूमेंट में जन्मभूमि पथ नाम दिया गया है। मार्ग की लंबाई तो महज .7 किमी है लेकिन इसका महत्व ज्यादा है। इस पर कुल 84.4 करोड़ रूपये खर्च होंगे।
नगर निगम के गठन के बाद बदल चुके हैं वार्डों के नाम
लगभग साढ़े तीन साल पहले गठित नगर निगम के समय ही अयोध्या के समस्त वार्डों के नाम बदल गए थे। नगर निगम के परिसीमन के दौरान 60 वार्डों के नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रमुख क्रांतिकारी, समाजसेवी, प्रमुख धर्माचार्य व अयोध्या की पौराणिक महत्व के अनुसार रखे जा चुके हैं। मौजूदा समय में पार्षदों की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों के नाम अयोध्या की पौराणिकता की दृष्टि से रखे जाने की बात कही गई है। इसका नगर निगम बोर्ड में प्रस्ताव आने के बाद शासन को भेज दिया गया है।
अयोध्या के विकास के विजन डाक्यूमेंट में प्रस्तावित नई सड़कों का नाम भक्ति भाव के अनुरूप प्रस्तावित किया गया है। इसमें पुरानी सड़कों का नाम बदला नहीं गया है बल्कि नई सड़कों का नामकरण किया जाना प्रस्तावित है। यह कार्य शासन की सहमति के बाद ही होगा।
- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण
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अयोध्या को आध्यात्मिक मेगा सिटी व विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने की तेजी से परवान चढ़ रही है। शासन के निर्देश पर विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम एलईए एसोसिएट्स, सीपी कुकरेजा व एलएंडटी ने अयोध्या के विकास का विजन डाक्यूमेंट बनाने के साथ प्रमुख 11 योजनाओं का डीपीआर भी तैयार कर रही है। इसमें पंच कोसी व 14 परिक्रमा मार्ग कोसी परिक्रमा मार्ग को छोड़कर राममंदिर को जोड़ने वाली पांच सड़कें बनना प्रस्तावित हैं। विजन डाक्यूमेंट के तहत इन सड़कों का नामकरण भी भक्ति भाव के अनुरूप करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम की सड़कों व चौराहों का नाम बदले जाने की योजना है। इसके लिए लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। इसकी प्रक्रिया मौजूदा समय में चल रही है। बोर्ड के पास प्रस्ताव को नगर निगम की ओर से जिलाधिकारी को भेज दिया गया था। इसपर मौजूदा समय में एडीएम सिटी के नेतृत्व में कार्य चल रहा है। प्रस्ताव पर शासन की मोहर लगने के बाद चौराहों के नाम बदले जाएंगे।
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13 किमी लंबा होगा रामपथ
सहादतगंज से नया घाट तक प्रस्तावित सड़क का नाम राम पथ होगा। यह 13 किमी की सड़क है, जिसके चौड़ीकरण के लिए शहर तमाम दुकान-मकान आदि के अधिग्रहण की कवायद चल रही है। इसके लिए करीब 14 सौ करोड़ प्रस्तावित किया गया है।
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हनुमानगढ़ी से राममंदिर मार्ग होगा भक्ति पथ
सहादतगंज से नया घाट यानि रामपथ से एक सड़क श्रृंगार हाट से निकलकर हनुमानगढ़ी होकर श्रीराम मंदिर तक जाएगी, इसका नाम विजन डाक्यूमेंट में भक्ति पथ होगा। यह सड़क 850 मीटर लंबी होगी, जिसपर 52 करोड़ खर्च का अनुमान है।
हाईवे से नया घाट मार्ग होगा धर्म पथ
लखनऊ से गोरखपुर मार्ग पर अयोध्या के नया आधुनिक बस अड्डे के ठीक सामने से हाईवे बाइपास होकर नया घाट अयोध्या जाने वाला छह लेन मार्ग धर्मपथ के नाम से जाना जाएगा। यह मार्ग शीशे के की तरह चमक रहा है, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद पहले दीपोत्सव में ही इस मार्ग के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए थे, जिसे अगले साल ही पूरा कर लिया गया था।
सुग्रीव किला से श्री राम मंदिर मार्ग जन्मभूमि पथ होगा
राम लला के दर्शन के लिए सुग्रीव किला से श्री राम मंदिर तक जाने वाले लगभग 100 फीट चौड़े दर्शन मार्ग के निर्माण के लिए हाल में स्वीकृति मिली थी। अब इस मार्ग में पड़ने वाले मंदिरों के महंतों ने जरूरत भर की जमीन का बैनामा प्रशासन के पक्ष में कर दिया है। इम मार्ग को विजन डाक्यूमेंट में जन्मभूमि पथ नाम दिया गया है। मार्ग की लंबाई तो महज .7 किमी है लेकिन इसका महत्व ज्यादा है। इस पर कुल 84.4 करोड़ रूपये खर्च होंगे।
नगर निगम के गठन के बाद बदल चुके हैं वार्डों के नाम
लगभग साढ़े तीन साल पहले गठित नगर निगम के समय ही अयोध्या के समस्त वार्डों के नाम बदल गए थे। नगर निगम के परिसीमन के दौरान 60 वार्डों के नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रमुख क्रांतिकारी, समाजसेवी, प्रमुख धर्माचार्य व अयोध्या की पौराणिक महत्व के अनुसार रखे जा चुके हैं। मौजूदा समय में पार्षदों की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों के नाम अयोध्या की पौराणिकता की दृष्टि से रखे जाने की बात कही गई है। इसका नगर निगम बोर्ड में प्रस्ताव आने के बाद शासन को भेज दिया गया है।
अयोध्या के विकास के विजन डाक्यूमेंट में प्रस्तावित नई सड़कों का नाम भक्ति भाव के अनुरूप प्रस्तावित किया गया है। इसमें पुरानी सड़कों का नाम बदला नहीं गया है बल्कि नई सड़कों का नामकरण किया जाना प्रस्तावित है। यह कार्य शासन की सहमति के बाद ही होगा।
- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण