फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ayodhya

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए नीति में होगा बदलाव : जय प्रताप

Mon, 11 Jan 2021 10:56 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 10:56 PM IST
विज्ञापन
ayodhya
अयोध्या-जिलाअस्पताल में बने वैक्सीनेसन कक्ष में वार्ता करते मंत्री जय प्रताप सिंह,विधायक वेद प? - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। पीएमएस संवर्ग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की व्यवस्था नहीं थी। एमबीबीएस डॉक्टर ही लोक सेवा आयोग से चयनित होकर आते हैं, जो बीच में अवकाश लेकर विशेषज्ञता के लिए पीजी करने जाते हैं। सरकार ने विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने के लिए नीतिगत विषयों में परिवर्तन किया है। शीघ्र ही लोक सेवा आयोग से उसका अधियाचन डालकर सीधे विशेषज्ञों की भर्ती की जाएगी। इससे विशेषज्ञों की कमी को आसानी से दूर किया जा सकेगा। यह एलान सोमवार को जिले के दौरे पर आए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल में किया।
विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार दोपहर जिला अस्पताल के ओपीडी के सामने करीब पांच लाख की लागत से प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में चल रहे ड्राई रन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मीडिया से मुखातिब होने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 सौ केंद्रों पर ड्राई रन का अंतिम चरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा 16 जनवरी को उत्तर प्रदेश सहित देश में टीकाकरण का एलान किया गया है। प्रथम चरण सरकारी व निजी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रदेश के 852 केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा। इसके लिए सूची तैयार की गई है।
विज्ञापन

महिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए बनाई गई स्वास्थ्यकर्मियों की सूची में सेवानिवृत्त, स्थानांतरित होने वाले चिकित्सक व मृतक कर्मचारी का नाम भी शामिल होने के मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि सिर्फ मौजूदा समय में कार्यरत सरकारी व निजी स्वास्थ्यकर्मियों को ही टीका लगना है। गलत रूप से सूची तैयार करने वाले बाबुओं पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जांच के लिए सीएमओ को निर्देशित भी किया। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले प्रदेश को 12 सौ एमबीबीएस डॉक्टर मिले थे, जिनमें से एक हजार की तैनाती हो चुकी है। विशेषज्ञों की तैनाती के लिए नीति में ही बदलाव किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्र, केंद्र सरकार द्वारा फर्टिलाइजर ऑफ इंडिया के सीएसआर बजट के द्वारा संचालित किया गया था। बीपीपीआई संस्था ने एक मॉडल अपनाया था, किसी कारण से यह मॉडल नहीं चल पाया। इस कारण बहुत से जन औषधि केंद्र बंद हो गए। कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर मॉडल में परिवर्तन करके दूसरा रास्ता निकालने का अनुरोध किया है। प्रयास किया जा रहा है कि शीघ्र ही जन औषधि केंद्रों संचालित किया जाए। इस मौके पर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार, डॉ. रामकिशोर, डॉ. आशीष श्रीवास्तव व डॉ. एके पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed