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भक्तों के बीच रामलला के विग्रह व मंदिर मॉडल के चित्रों की बढ़ी डिमांड
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दुकान में रखा राम लला के विग्रह का चित्र
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। श्रीराममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही अयोध्या में रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर मॉडल के चित्रों की डिमांड बढ़ गई है। अयोध्या आने वाले श्रद्घालु खासकर रामलला के दर्शनार्थी रामलला के विग्रह व मंदिर मॉडल के चित्र को श्रद्घापूर्वक अपने घर ले जाने के लिए उत्सुक दिखते हैं। प्रतिदिन करीब 500 चित्रों की बिक्री हो रही है।
अयोध्या में श्री राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही भक्तों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। नए वर्ष के पहले दिन ही रामलला के दरबार में 47 हजार श्रद्घालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी। पिछले तीन दिनों में करीब चार लाख भक्त अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन कर चुके हैं। उधर, रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर मॉडल के चित्रों की भी खूब डिमांड बढ़ी है। अयोध्या आने वाले दर्शनार्थी जहां पहले कनक भवन व हनुमानगढ़ी के चित्रों को खरीदते थे वहीं अब तेजी से रामलला के चित्रों की मांग तेज हुई है। श्रीरामजन्मभूमि दर्शन मार्ग स्थित दुकानों पर इन चित्रों की बिक्री भी तेज हो गई है।
व्यापारी धनंजय सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों के भीतर वे रामलला के बाल स्वरूप, रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर मॉडल के करीब दो सौ चित्र बेंच चुके हैं। भक्तों में इन चित्रों की लालसा बढ़ी है। थोक व्यवसायी सतीश पाठक ने बताया कि पहले दर्शनार्थी ज्यादातर कनक भवन व हनुमानगढ़ी के ही चित्र खरीदते थे। जब से श्रीराममंदिर का निर्माण शुरू हुआ रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर के मॉडल के चित्रों की बढ़ी मांग को देखते हुए आर्डर पर ये चित्र बनवाए जा रहे हैं।
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बताया कि महीने में करीब पांच से छह सौ चित्रों को दुकानदारों को हम दे रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग रामलला के विग्रह की है। बताया कि एक हजार चित्र बनवाने के लिए और ऑर्डर दिया गया है। कनक भवन के सामने दुकान करने वाले शंकर दास ने बताया कि फ्रेमिंग कर रामलला के चित्रों व मॉडल को बेचा जा रहा है, भक्त इन्हें पूरे श्रद्घापूर्वक ले रहे हैं। प्रतिदिन करीब 40 से 50 चित्रों की बिक्री तो बड़े आराम से हो जा रही है।
अयोध्या में भगवान श्रीराम की छवि वाले भगवाध्वज भी अब ब्रांड बन चुके हैं। श्रीराममंदिर के लिए हुए भूमि पूजन के बाद से अयोध्या में भगवान श्रीराम के छवि वाले भगवा ध्वजों की बिक्री खूब बढ़ी हैं। पटरी दुकानदारों से लेकर बड़ी संख्या में अन्य दुकानों पर जगह-जगह विजय व शौर्य के प्रतीक भगवान श्रीराम के छवि वाले भगवा ध्वजों की बिक्री हो रही है। बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्घालु इनकी खरीद भी कर रहे हैं। श्रृंगार हाट पर भगवा ध्वज बेच रहे दुकानदार अनिल गुप्ता ने बताया के भूमिपूजन के बाद से हो ये ध्वज ब्रांड ही बन चुके हैं। 10 रुपये से लेकर 80 रुपये तक के भगवा ध्वज की खूब बिक्री हो रही है।
श्रीराममंदिर के भूमि पूजन के बाद से ही रामलला के दरबार में श्रद्घालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। पांच माह के भीतर करीब सात लाख श्रद्घालुओं ने रामलला के दर्शन किए हैं। श्रद्घालु बढ़ रहे हैं तो रामलला के चढ़ावे में भी वृद्घि हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक अगस्त से दिसंबर तक पांच माह के भीतर करीब एक करोड़ का चढ़ावा रामलला को अर्पित किया जा चुका है। यही नहीं नए साल में एक जनवरी से तीन जनवरी के भीतर 80 हजार श्रद्घालु रामलला के दरबार में माथा टेक चुके हैं। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि भूमिपूजन के बाद रामलला के दर्शनार्थियों व चढ़ावा दोनों में काफी वृद्घि हुई है।
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अयोध्या में श्री राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही भक्तों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। नए वर्ष के पहले दिन ही रामलला के दरबार में 47 हजार श्रद्घालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी। पिछले तीन दिनों में करीब चार लाख भक्त अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन कर चुके हैं। उधर, रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर मॉडल के चित्रों की भी खूब डिमांड बढ़ी है। अयोध्या आने वाले दर्शनार्थी जहां पहले कनक भवन व हनुमानगढ़ी के चित्रों को खरीदते थे वहीं अब तेजी से रामलला के चित्रों की मांग तेज हुई है। श्रीरामजन्मभूमि दर्शन मार्ग स्थित दुकानों पर इन चित्रों की बिक्री भी तेज हो गई है।
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व्यापारी धनंजय सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों के भीतर वे रामलला के बाल स्वरूप, रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर मॉडल के करीब दो सौ चित्र बेंच चुके हैं। भक्तों में इन चित्रों की लालसा बढ़ी है। थोक व्यवसायी सतीश पाठक ने बताया कि पहले दर्शनार्थी ज्यादातर कनक भवन व हनुमानगढ़ी के ही चित्र खरीदते थे। जब से श्रीराममंदिर का निर्माण शुरू हुआ रामलला के विग्रह व श्रीराममंदिर के मॉडल के चित्रों की बढ़ी मांग को देखते हुए आर्डर पर ये चित्र बनवाए जा रहे हैं।
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बताया कि महीने में करीब पांच से छह सौ चित्रों को दुकानदारों को हम दे रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग रामलला के विग्रह की है। बताया कि एक हजार चित्र बनवाने के लिए और ऑर्डर दिया गया है। कनक भवन के सामने दुकान करने वाले शंकर दास ने बताया कि फ्रेमिंग कर रामलला के चित्रों व मॉडल को बेचा जा रहा है, भक्त इन्हें पूरे श्रद्घापूर्वक ले रहे हैं। प्रतिदिन करीब 40 से 50 चित्रों की बिक्री तो बड़े आराम से हो जा रही है।
अयोध्या में भगवान श्रीराम की छवि वाले भगवाध्वज भी अब ब्रांड बन चुके हैं। श्रीराममंदिर के लिए हुए भूमि पूजन के बाद से अयोध्या में भगवान श्रीराम के छवि वाले भगवा ध्वजों की बिक्री खूब बढ़ी हैं। पटरी दुकानदारों से लेकर बड़ी संख्या में अन्य दुकानों पर जगह-जगह विजय व शौर्य के प्रतीक भगवान श्रीराम के छवि वाले भगवा ध्वजों की बिक्री हो रही है। बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्घालु इनकी खरीद भी कर रहे हैं। श्रृंगार हाट पर भगवा ध्वज बेच रहे दुकानदार अनिल गुप्ता ने बताया के भूमिपूजन के बाद से हो ये ध्वज ब्रांड ही बन चुके हैं। 10 रुपये से लेकर 80 रुपये तक के भगवा ध्वज की खूब बिक्री हो रही है।
श्रीराममंदिर के भूमि पूजन के बाद से ही रामलला के दरबार में श्रद्घालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। पांच माह के भीतर करीब सात लाख श्रद्घालुओं ने रामलला के दर्शन किए हैं। श्रद्घालु बढ़ रहे हैं तो रामलला के चढ़ावे में भी वृद्घि हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक अगस्त से दिसंबर तक पांच माह के भीतर करीब एक करोड़ का चढ़ावा रामलला को अर्पित किया जा चुका है। यही नहीं नए साल में एक जनवरी से तीन जनवरी के भीतर 80 हजार श्रद्घालु रामलला के दरबार में माथा टेक चुके हैं। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि भूमिपूजन के बाद रामलला के दर्शनार्थियों व चढ़ावा दोनों में काफी वृद्घि हुई है।