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मिल से निकलने वाले दूषित पानी का हो सकेगा शोधन
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रौजागांव। चीनी मिल से निकलने वाले पानी को री-साइकिल कर पुन: प्रयोग में लेने के लिए पांच करोड़ की लागत से ईटीपी प्लांट लगाया गया है। एडिशनल जनरल मैनेजर पंकज शाही ने बताया कि मिल परिसर में ईटीपी (एफ्फुलेंट ट्रीटमेंट प्लांट) व एसटीपी प्लांट (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया गया है, जिसमें पॉवर प्लांट, शुगर प्लांट व कॉलोनी से आने वाले दूषित जल को पुन: प्रयोग के रूप में लाया जाता है।
उन्होंने बताया है कि दूषित जल के शोधन की पूरी प्रक्रिया त्रि-स्तरीय होती है, जिसमें पहले चरण में दूषित जल को ऑयल ग्रीस प्लांट व चुने से शोधित किया जाता है, जिसके बाद दूसरे चरण में ऐरेसन टैंक में विभिन्न तरीकों से जल का शोधन किया जाता है, तीसरे चरण में सैंड फिल्टर व कार्बन फिल्टर द्वारा शोधन के बाद ऑनलाइन एफ्फुलेंट मोनिटरिंग सिस्टम से होते हुए जल को लैगून में एकत्रित कर लिया जाता है। जिसके बाद प्राप्त जल की शुद्धता की जांच के लिए उत्तर प्रदेश व सेंट्रल पॉल्युशन बोर्ड द्वारा ऑनलाइन इसकी मॉनिटरिंग की जाती है।
जिससे जल में उपस्थित बीओडी, सीओडी व टीएसएस की जानकारी मिल सके। मुख्य प्रबंधक गुणवत्ता मणि सेन मौर्य ने बताया कि हमारी मिल को जल में बीओडी 30 पीपीएम तक की अनुमति है, जबकि हमारे यहां शोधित जल में बीओडी 20 पीपीएम व सीओडी 150 से 200 पीपीएम के भीतर है। मिल में स्थित शोधन केंद्र के द्वारा प्रतिदिन 1100 घन जल प्रति दिन शोधित किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया है कि दूषित जल के शोधन की पूरी प्रक्रिया त्रि-स्तरीय होती है, जिसमें पहले चरण में दूषित जल को ऑयल ग्रीस प्लांट व चुने से शोधित किया जाता है, जिसके बाद दूसरे चरण में ऐरेसन टैंक में विभिन्न तरीकों से जल का शोधन किया जाता है, तीसरे चरण में सैंड फिल्टर व कार्बन फिल्टर द्वारा शोधन के बाद ऑनलाइन एफ्फुलेंट मोनिटरिंग सिस्टम से होते हुए जल को लैगून में एकत्रित कर लिया जाता है। जिसके बाद प्राप्त जल की शुद्धता की जांच के लिए उत्तर प्रदेश व सेंट्रल पॉल्युशन बोर्ड द्वारा ऑनलाइन इसकी मॉनिटरिंग की जाती है।
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जिससे जल में उपस्थित बीओडी, सीओडी व टीएसएस की जानकारी मिल सके। मुख्य प्रबंधक गुणवत्ता मणि सेन मौर्य ने बताया कि हमारी मिल को जल में बीओडी 30 पीपीएम तक की अनुमति है, जबकि हमारे यहां शोधित जल में बीओडी 20 पीपीएम व सीओडी 150 से 200 पीपीएम के भीतर है। मिल में स्थित शोधन केंद्र के द्वारा प्रतिदिन 1100 घन जल प्रति दिन शोधित किया जा रहा है।
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