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श्रीराम के बाण से उड़े रावण के प्राण

Mon, 26 Oct 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2020 10:15 PM IST
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ayodhya
अयोध्या। सरयू तट स्थित लक्ष्मण किला के मैदान में फिल्मी कलाकारों की नौ दिवसीय रामलीला का रविवार को रावण वध के साथ समापन हो गया। भगवान राम के राज्याभिषेक की लीला ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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रामलीला के आखिरी दिन रावण अपने भाई अहिरावण को पूरी कहानी बताता है और राम-लक्ष्मण का वध करने का आदेश देता है। पाताल का राजा अहिरावण राम-लक्ष्मण को धोखे से पाताल लोक ले जाता है और उनकी बलि देने की तैयारी करता है। राम-लक्ष्मण के गायब होने से उनकी सेना चिंता में डूब जाती है। महाराज विभीषण उन्हें बताते हैं कि अहिरावण ही राम-लक्ष्मण को पाताल लोक ले गया है और हनुमान जी को उनकी रक्षा के लिए भेजा जाता है। हनुमान बने बिंदु दारा सिंह पाताल लोक जाते हैं और रावण के भाई अहिरावण का वध कर राम-लक्ष्मण को सकुशल वापस लेकर आते हैं। इसके बाद रावण स्वयं युद्ध मैदान में आता है। राम और रावण का युद्ध होता है।
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राम लगातार बाणों की वर्षा करते हैं लेकिन रावण का वध नहीं होता। तब विभीषण राम को रावण की मृत्यु का उपाय बताते हैं। वह कहते हैं कि रावण की नाभि में अमृत है, ऐसे में नाभि पर वार करने से उसकी मौत होगी। विभीषण के बताने के बाद भगवान राम बाण का संधान कर रावण का वध कर देते हैं। इस पर राम की सेना खुशी से झूमने लगती है। चारों ओर जय श्रीराम का उद्घोष गूंजने लगता है। इसके बाद राम, लक्ष्मण, सीता सहित पुष्पक विमान से वापस अयोध्या पहुंचते हैं।
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श्रीराम हनुमान जी को पहले भेजते हैं और भारत को उनके अयोध्या आगमन की सूचना देने को कहते हैं। हनुमान वायु वेग से अयोध्या पहुंचते हैं और भरत को प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ कुशल अयोध्या वापस आने की सूचना देते हैं। श्रीराम के आने की खुशी से संपूर्ण अयोध्या में उत्साह व उल्लास का माहौल बन जाता है। संपूर्ण अयोध्यावासी भगवान राम के दर्शन को उमड़ पड़ते हैं। अयोध्या पहुंचने के बाद भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक की लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
40 फीट के रावण का हुआ दहन
रामलीला के क्रम में 40 फीट के रावण का दहन किया गया। इस दौरान नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि रावण का वध बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। अयोध्या की रामलीला ने नया इतिहास रचा है। अगले वर्ष इस रामलीला को और भव्य स्वरूप प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या अब भव्य स्वरूप धारण करने वाली है। वह दिन दूर नहीं जब सारे विश्व के लिए अयोध्या धर्म के साथ-साथ पर्यटन का भी केंद्र होगी।
परायी स्त्री के हरण के कारण हुआ रावण का पतन: रजा मुराद
आखिरी दिवस की रामलीला में अहिरावण की भूमिका में फिल्मी कलाकार राजा मुराद ने अपनी अदाकारी से सबका मन मोह लिया। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि अयोध्या में रामलीला करना सौभाग्य का विषय है। रामलीला सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि बहुत बड़ी सीख भी है। सीख ये है कि बुराई रावण की तरह चाहे जितनी शक्तिशाली व बलशाली हो अंत में उसे सच्चाई के आगे पराजित होना ही पड़ता है। रावण का पतन उसी समय शुरू हो गया था जब उसने परायी स्त्री का हरण किया।

हमें रामायण से नारी सम्मान की सीख भी मिलती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या सभी विवादों से मुक्त हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसे पूरे देश ने स्वीकार किया है। जब फैसला आया तो सभी ने सोचा था बवाल होगा, तनाव होगा, लोगों में मनमुटाव बढ़ेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूरे देश ने इस ऐतिहासिक फैसले को स्वीकार किया।
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