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प्रभावित करती है अयोध्या की धार्मिक आभा: गुर्जर
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अयोध्या। लक्ष्मण किला परिसर में संचालित फिल्मी सितारों से सजी रामलीला में प्रतिभाग कर रहे कलाकार भगवान श्रीराम की पावन धरा पर रामलीला मंचन कर अत्यंत उत्साहित हैं। रामलीला में कुंभकरण की भूमिका कर रहे मेरठ के भाजपा नेता मुखिया गुर्जर तो अयोध्या की धार्मिक आभा से अत्यंत प्रभावित हैं। वे इससे पहले भी कई बार रामलीला का मंचन कर चुके हैं लेकिन अयोध्या की धरती पर रामलीला करने को वह सौभाग्य का विषय बताते हैं।
कहते हैं कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर रामलीला मंचन करने का सुअवसर प्राप्त होगा इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने रामलीला के निर्देशक प्रवेश कुमार व अध्यक्ष सुभाष मलिक को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके चलते ही उन्हें जीवन का यह सबसे सौभाग्शाली अवसर प्राप्त हुआ है।
मुखिया गुर्जर वर्षों से रामलीला में कुंभकरण, बालि, हनुमान, रावण आदि का किरदार निभाते आ रहे हैं। कहा कि अयोध्या अब विश्व की न सिर्फ सबसे बड़ी तीर्थ नगरी बनेगी बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अयोध्या का बड़ा नाम होने जा रहा है। यहां का कण-कण पवित्र है, इस धरा की रज को माथे पर लगाते ही जीवन की धन्यता महसूस होती है।
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अयोध्या की रामलीला में उनके पुत्र परविंदर सिंह शत्रुहन की भूमिका निभा रहे हैं। परविंदर बताते हैं कि वे बहुत दिनों से अभिनय करने की तैयारी में थे, लेकिन ये कभी नहीं सोचा था कि उनके अभिनय जीवन की शुरूआत अयोध्या की धरती से होगी। कहा कि मैं अत्यंत गौरवशाली हूं कि मैंनें अयोध्या की धरती से रामलीला के माध्यम से अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। शत्रुहन के किरदार को मंच पर बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने की पूरी कोशिश करूंगा।
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कहते हैं कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर रामलीला मंचन करने का सुअवसर प्राप्त होगा इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने रामलीला के निर्देशक प्रवेश कुमार व अध्यक्ष सुभाष मलिक को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके चलते ही उन्हें जीवन का यह सबसे सौभाग्शाली अवसर प्राप्त हुआ है।
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मुखिया गुर्जर वर्षों से रामलीला में कुंभकरण, बालि, हनुमान, रावण आदि का किरदार निभाते आ रहे हैं। कहा कि अयोध्या अब विश्व की न सिर्फ सबसे बड़ी तीर्थ नगरी बनेगी बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अयोध्या का बड़ा नाम होने जा रहा है। यहां का कण-कण पवित्र है, इस धरा की रज को माथे पर लगाते ही जीवन की धन्यता महसूस होती है।
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अयोध्या की रामलीला में उनके पुत्र परविंदर सिंह शत्रुहन की भूमिका निभा रहे हैं। परविंदर बताते हैं कि वे बहुत दिनों से अभिनय करने की तैयारी में थे, लेकिन ये कभी नहीं सोचा था कि उनके अभिनय जीवन की शुरूआत अयोध्या की धरती से होगी। कहा कि मैं अत्यंत गौरवशाली हूं कि मैंनें अयोध्या की धरती से रामलीला के माध्यम से अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। शत्रुहन के किरदार को मंच पर बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने की पूरी कोशिश करूंगा।