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खाली मिला पीडब्ल्यूडी, डीएम ने 17 कर्मियों का वेतन रोका
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अयोध्या। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने शुक्रवार को सुबह दस बजकर दस मिनट पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-2 के एक्सईएन दफ्तर का औचक निरीक्षण किया तो 17 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कुछ लोग सुबह-सुबह ही दफ्तर की मेज पर सोते दिखे। उन्होंने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
कार्यालय पहुंचे डीएम को निरीक्षण के दौरान वैयक्तिक सहायक देवराज, प्रशासनिक अधिकारी भारत भूषण लाल, प्रधान सहायक राजेश कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ सहायक वंदना, मानवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल यादव, जितेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, अमितेश कनौजिया, रामसूरत, महेश कुमार, कनिष्ठ सहायक मिथिलेश, लाल बहादुर, विजय प्रताप सिंह, सूरज वर्मा, हिमांशु सिंह व दफ्तरी अभय राज अनुपस्थित पाए गए।
अधिशासी अभियंता इं. रूपेश मणि त्रिपाठी भी निरीक्षण के दौरान कहीं से आ गए। डीएम ने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला में जांच के लिए आई गिट्टी व अन्य निर्माण सामग्रियां व फाइलें अव्यवस्थित रूप से रखी हुई पाई गई। इसे सुव्यवस्थित रुप से रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण में कार्यालय की गैलरी में महिला शौचालय के पास कार्यालय के अंदर साफ-सफाई का अभाव पाया गया।
गैलरी में लगी जाली के किनारे पान थूका हुआ पाया गया। कार्यालय के पर्दे भी गंदे पाए गए। वाशबेसिन के नीचे भी काफी गंदगी पाई गई। डीएम ने अधिशासी अभियंता को संपूर्ण कार्यालय में साफ सफाई कराने व फाइलों को सुव्यवस्थित कराने का निर्देश दिया।
महत्वपूर्ण फाइलों को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से रखने, निष्प्रयोज्य फाइलों के नष्टीकरण कराने और अन्य निष्प्रयोज्य सामानों का नीलाम कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कार्यालय में अनिवार्य रूप से कोविड हेल्प डेस्क संचालन कराने और आगंतुकों का रजिस्टर में संपूर्ण विवरण अंकित कराने के निर्देश भी दिया।
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कार्यालय पहुंचे डीएम को निरीक्षण के दौरान वैयक्तिक सहायक देवराज, प्रशासनिक अधिकारी भारत भूषण लाल, प्रधान सहायक राजेश कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ सहायक वंदना, मानवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल यादव, जितेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, अमितेश कनौजिया, रामसूरत, महेश कुमार, कनिष्ठ सहायक मिथिलेश, लाल बहादुर, विजय प्रताप सिंह, सूरज वर्मा, हिमांशु सिंह व दफ्तरी अभय राज अनुपस्थित पाए गए।
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अधिशासी अभियंता इं. रूपेश मणि त्रिपाठी भी निरीक्षण के दौरान कहीं से आ गए। डीएम ने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला में जांच के लिए आई गिट्टी व अन्य निर्माण सामग्रियां व फाइलें अव्यवस्थित रूप से रखी हुई पाई गई। इसे सुव्यवस्थित रुप से रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण में कार्यालय की गैलरी में महिला शौचालय के पास कार्यालय के अंदर साफ-सफाई का अभाव पाया गया।
गैलरी में लगी जाली के किनारे पान थूका हुआ पाया गया। कार्यालय के पर्दे भी गंदे पाए गए। वाशबेसिन के नीचे भी काफी गंदगी पाई गई। डीएम ने अधिशासी अभियंता को संपूर्ण कार्यालय में साफ सफाई कराने व फाइलों को सुव्यवस्थित कराने का निर्देश दिया।
महत्वपूर्ण फाइलों को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से रखने, निष्प्रयोज्य फाइलों के नष्टीकरण कराने और अन्य निष्प्रयोज्य सामानों का नीलाम कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कार्यालय में अनिवार्य रूप से कोविड हेल्प डेस्क संचालन कराने और आगंतुकों का रजिस्टर में संपूर्ण विवरण अंकित कराने के निर्देश भी दिया।