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ईएमटी बने देवदूत, एम्बुलेंस में ही कराया प्रसव
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अयोध्या। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती के लिए 102 एंबुलेंस पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन व पायलट देवदूत साबित हो गए। घर से प्रसूता को अस्पताल ले जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ी तो मानवता की मिशाल पेश करते हुए दोनों कर्मचारियों ने सड़क के किनारे ही एंबुलेंस रोका और चिकित्सक की भूमिका निभाते हुए तीमारदार की मदद से एंबुलेंस में ही प्रसव कराया।
सुरक्षित प्रसव के उपरांत जच्चा-बच्चा को जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। एंबुलेंस कर्मियों के इस कृत्य की क्षेत्रवासियों ने प्रशंसा की और इसे ही सच्ची सेवा करार दिया।
बीते आठ वर्ष से 102, 108 व एएलएस एंबुलेंस जनता को सेवाएं दे रही हैं। किन्हीं कारणों से विलंब के कारण कभी-कभी लोगों को दिक्कतों का सामना तो करना पड़ता है, लेकिन अक्सर अपनी तत्परता से लोगों को नया जीवन भी प्रदान करते हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कोविड मरीजों को भर्ती कराने से लेकर अन्य सेवाएं प्रदान करने में इनकी मजबूत भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
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शनिवार को 102 एंबुलेंस के ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) व पायलट की बहादुरी लोगों में चर्चा का विषय बनी है। इन कर्मचारियों की मानवता व ड्यूटी के प्रति समर्पण की भावना की लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
शनिवार की भोर में विकास खंड मसौधा के भदोखर निवासी नीलम (23) पत्नी अंगद को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस के टोलफ्री नंबर पर कॉल किया।
निर्धारित समय के भीतर एंबुलेंस वाहन प्रसूता के घर पहुंची और दो तीमारदारों को प्रसूता के साथ बैठाकर जिला महिला अस्पताल के लिए रवाना हुए। घर से थोड़ी दूर ही चलने पर प्रसव पीड़ा बढ़ गई। दर्द के कारण प्रसूता की यात्रा करने की स्थिति नहीं बन पा रही थी।
इससे तीमारदार भी भयभीत हो गए। महिला की हालत बिगड़ता देख एंबुलेंस के ईएमटी मंजय कुमार व पायलट उपेंद्र बहादुर सिंह ने मानवता की अनूठी मिशाल पेश की। एंबुलेंस को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। महिला तीमारदार की मदद से आवश्यक दवाएं आदि देकर एंबुलेंस में ही करीब 04:45 बजे सुरक्षित प्रसव कराया। बच्चे की किलकारियां जब एंबुलेंस में गूंजी तो सभी ने राहत की सांस लिया। इसके बाद अग्रिम इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंचाया।
102-108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर दीपक ने बताया कि ईएमटी व पायलट का यह कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने अपनी सजगता व ड्यूटी के प्रति समर्पण से दो जानें बचाईं। यह अन्य लोगों के लिए भी मिशाल है। बताया कि इस अनूठे कार्य के लिए ईएमटी व पायलट को सम्मानित किया जाएगा, ताकि इनका मनोबल बढ़ सके और अपनी सेवाएं मजबूती से लोगों को प्रदान करते रहें।
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सुरक्षित प्रसव के उपरांत जच्चा-बच्चा को जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। एंबुलेंस कर्मियों के इस कृत्य की क्षेत्रवासियों ने प्रशंसा की और इसे ही सच्ची सेवा करार दिया।
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बीते आठ वर्ष से 102, 108 व एएलएस एंबुलेंस जनता को सेवाएं दे रही हैं। किन्हीं कारणों से विलंब के कारण कभी-कभी लोगों को दिक्कतों का सामना तो करना पड़ता है, लेकिन अक्सर अपनी तत्परता से लोगों को नया जीवन भी प्रदान करते हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कोविड मरीजों को भर्ती कराने से लेकर अन्य सेवाएं प्रदान करने में इनकी मजबूत भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
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शनिवार को 102 एंबुलेंस के ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) व पायलट की बहादुरी लोगों में चर्चा का विषय बनी है। इन कर्मचारियों की मानवता व ड्यूटी के प्रति समर्पण की भावना की लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
शनिवार की भोर में विकास खंड मसौधा के भदोखर निवासी नीलम (23) पत्नी अंगद को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस के टोलफ्री नंबर पर कॉल किया।
निर्धारित समय के भीतर एंबुलेंस वाहन प्रसूता के घर पहुंची और दो तीमारदारों को प्रसूता के साथ बैठाकर जिला महिला अस्पताल के लिए रवाना हुए। घर से थोड़ी दूर ही चलने पर प्रसव पीड़ा बढ़ गई। दर्द के कारण प्रसूता की यात्रा करने की स्थिति नहीं बन पा रही थी।
इससे तीमारदार भी भयभीत हो गए। महिला की हालत बिगड़ता देख एंबुलेंस के ईएमटी मंजय कुमार व पायलट उपेंद्र बहादुर सिंह ने मानवता की अनूठी मिशाल पेश की। एंबुलेंस को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। महिला तीमारदार की मदद से आवश्यक दवाएं आदि देकर एंबुलेंस में ही करीब 04:45 बजे सुरक्षित प्रसव कराया। बच्चे की किलकारियां जब एंबुलेंस में गूंजी तो सभी ने राहत की सांस लिया। इसके बाद अग्रिम इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंचाया।
102-108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर दीपक ने बताया कि ईएमटी व पायलट का यह कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने अपनी सजगता व ड्यूटी के प्रति समर्पण से दो जानें बचाईं। यह अन्य लोगों के लिए भी मिशाल है। बताया कि इस अनूठे कार्य के लिए ईएमटी व पायलट को सम्मानित किया जाएगा, ताकि इनका मनोबल बढ़ सके और अपनी सेवाएं मजबूती से लोगों को प्रदान करते रहें।