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आज से जिले के 41 राजस्व गांव नगर निगम अयोध्या का हिस्सा
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अयोध्या। जिले के 41 राजस्व गांवों का वजूद बृहस्पतिवार से समाप्त हो जाएगा। यह नगर निगम अयोध्या का हिस्सा होंगे। इसके लिए शासन से डी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसी के साथ 31 ग्राम पंचायतों का वजूद भी समाप्त हो जाएगा। जिले में नगर निगम में जाने वाली इन ग्राम पंचायतों के खाता खाता संचालन पर एक अक्टूबर से रोक लगा दी गई है।
प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद अतीत की नगर पालिका फैजाबाद और नगर पालिका अयोध्या को मिलाकर नगर निगम अयोध्या का गठन किया गया था लेकिन सीमा विस्तार नहीं किया गया था। ऐसा ग्राम पंचायतों के चुनाव होजाने के कारण हुआ था।
इसके बाद साल 2019 में ही नगर निगम के सीमा विस्तार की कवायद शुरू हुई तो प्रदेश सरकार ने सीमा विस्तार के तहत नगर क्षेत्र के ईर्द-गिर्द की 31 ग्राम पंचायतों के 41 राजस्व गांवों को इसमें शामिल किए जाने पर मुहर लगा दी। कैबिनेट के फैसले के बाद इसे नगर निगम में शामिल तो कर लिया गया लेकिन इनगांवों के विकास कार्यो को पूरा कराने के लिए दो बार प्रधानों का कार्यकाल पहले 30 जून तक इसके बाद 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया था। यह अवधि बुधवार को पूरी हो रही है।
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इस बीच शासन ने इन गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने के लिए डी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही यह गांव एक अक्टूबर से नगर निगम अयोध्या का हिस्सा हो जाएंगे। इस बीच पंचायत राज विभाग ने एक ्क्टूबर से इन गांवों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। अब यहां ग्राम निधि से कोई लेन-देन नहीं हो सकेगा। एक अक्टूबर से इन क्षेत्रों में विकास की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
जिले के 41 राजस्व गांवों को शामिल किए जाने के बाद नगर निगम की आबादी लगभग तीलन लाख 58 हजार 258 हो गई। साल 2011 की जनगणना के अनुसार गांवों के शामिल होने के पहले नगर निगमकी आबादी दो लाख 47 हजार 999 थी, लेकिन इन गांवों के शामिल होने केबाद आबादी बढ़कर तीन लाख 58 हजार 258 हो गई है।
नगर निगम अयोध्या के विस्तारीकरण के बाद जिले की 31 ग्राम पंचायतों का वजूद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। इनमें मसौधा विकास खंड की 17 ग्राम पंचायतेें हैं तो पूराबाजार विकासखंड की 14 ग्राम पंचायतें हैं। इसी के साथ इन ग्राम पंचायतों के प्रधान भी पद मुक्त हो गए।
जिले के 41 राजस्व गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने के लिए शासन ने डी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एक अक्तूबर से यह गांव नगर निगम में शामिल माने जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
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प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद अतीत की नगर पालिका फैजाबाद और नगर पालिका अयोध्या को मिलाकर नगर निगम अयोध्या का गठन किया गया था लेकिन सीमा विस्तार नहीं किया गया था। ऐसा ग्राम पंचायतों के चुनाव होजाने के कारण हुआ था।
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इसके बाद साल 2019 में ही नगर निगम के सीमा विस्तार की कवायद शुरू हुई तो प्रदेश सरकार ने सीमा विस्तार के तहत नगर क्षेत्र के ईर्द-गिर्द की 31 ग्राम पंचायतों के 41 राजस्व गांवों को इसमें शामिल किए जाने पर मुहर लगा दी। कैबिनेट के फैसले के बाद इसे नगर निगम में शामिल तो कर लिया गया लेकिन इनगांवों के विकास कार्यो को पूरा कराने के लिए दो बार प्रधानों का कार्यकाल पहले 30 जून तक इसके बाद 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया था। यह अवधि बुधवार को पूरी हो रही है।
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इस बीच शासन ने इन गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने के लिए डी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही यह गांव एक अक्टूबर से नगर निगम अयोध्या का हिस्सा हो जाएंगे। इस बीच पंचायत राज विभाग ने एक ्क्टूबर से इन गांवों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। अब यहां ग्राम निधि से कोई लेन-देन नहीं हो सकेगा। एक अक्टूबर से इन क्षेत्रों में विकास की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
जिले के 41 राजस्व गांवों को शामिल किए जाने के बाद नगर निगम की आबादी लगभग तीलन लाख 58 हजार 258 हो गई। साल 2011 की जनगणना के अनुसार गांवों के शामिल होने के पहले नगर निगमकी आबादी दो लाख 47 हजार 999 थी, लेकिन इन गांवों के शामिल होने केबाद आबादी बढ़कर तीन लाख 58 हजार 258 हो गई है।
नगर निगम अयोध्या के विस्तारीकरण के बाद जिले की 31 ग्राम पंचायतों का वजूद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। इनमें मसौधा विकास खंड की 17 ग्राम पंचायतेें हैं तो पूराबाजार विकासखंड की 14 ग्राम पंचायतें हैं। इसी के साथ इन ग्राम पंचायतों के प्रधान भी पद मुक्त हो गए।
जिले के 41 राजस्व गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने के लिए शासन ने डी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एक अक्तूबर से यह गांव नगर निगम में शामिल माने जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।