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रामजन्मभूमि मंदिर का दूसरा टेस्ट पिलर भी तैयार
Mon, 14 Sep 2020 10:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:27 PM IST
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ram mandir
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या। राममंदिर की नींव खोदाई से पहले शुक्रवार से शुरू हुई पाइलिंग टेस्टिंग का कार्य अभी जारी है। पाइलिंग टेस्टिंग के तहत सोमवार को शुरू हुआ दूसरा टेस्ट पिलर का भी निर्माण कार्य देर रात तक पूरा कर लिया गया है। टेस्ट पाइलिंग में चार-चार भूमिगत स्तंभों के तीन सेट तैयार किए जाएंगे। इनमें पहला व दूसरा सेट मूल मंदिर की परिधि से बाहर होगा।
तीसरा सेट मंदिर के मध्य भाग में तैयार किया जाएगा। फिर तीनों सेट पर पहले अलग-अलग और पुन: तीनों सेट को मिलाकर उनकी भार क्षमता का परीक्षण होगा। परिसर के चारों कोनों पर कुल चार टेस्ट पिलर बनाए जाएंगे। इनमें से दो टेस्ट पिलर बनकर तैयार हो गए हैं।
परीक्षण के लिए भूमि के नीचे सौ फीट गहराई तक का पहला स्तंभ शुक्रवार को ही तैयार हो गया था। सोमवार को दूसरे स्तंभ निर्माण के लिए खोदाई का कार्य सुबह शुरू हो गया, जो देर रात तक पूरा कर लिया गया। पहले स्तंभ के लिए खोदाई का कार्य शेषावतार मंदिर मार्ग पर किया गया था जबकि दूसरे स्तंभ के लिए खोदाई का कार्य रामजन्म स्थान-सीता रसोई के सामने किया जा रहा है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि टेस्टिंग के लिए दो स्तंभ का निर्माण हो चुका है। एक स्तंभ शेषावतार मंदिर मार्ग पर तो दूसरा स्तंभ सीता रसोई के पास तैयार किया गया है। अभी दो स्तंभ और बनाए जाने हैं, कुल मिलाकर चार टेस्ट पिलर चार कोनों पर तैयार किए जाएंगे। सौ फिट गहरी नींव खोदाई के बाद टेस्ट पिलरों के निर्माण के लिए उन्हीं सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है जिन्हें आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों ने भेजा था।
बताया कि चारों टेस्ट पिलर जब तैयार हो जाएंगे तो चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा 28 दिन बाद उनकी भार क्षमता की जांच की जाएगी। उनकी जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसी के आधार पर शेष 1196 पिलरों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण के लिए परिसर में पहुंच रहीं बड़ी-बड़ी मशीनों को चलाने के लिए हाई पावर विद्युत कनेक्शन की मांग के लिए पावर कॉर्पोरेशन में आवेदन किया था। ट्रस्ट के आवेदन को स्वीकार करते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने 1050 केवीए लोड के अस्थाई ट्रांसफार्मरों की संस्तुति प्रदान कर दी है।
ट्रस्ट ने 1200 केवीए के ट्रांसफार्मर की मांग आवेदन के जरिए की थी। जिसके बाद पावर कॉर्पोरेशन ने चार-चार सौ केवीए के दो व ढाई सौ केवीए के एक ट्रांसफार्मर के लिए संस्तुति दे दी है। इस प्रकार श्रीराम जन्मभूमि परिसर में कुल तीन ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इनसे रिंग मशीन, ड्रिल मशीन सहित अन्य बड़ी मशीनों का संचालन किया जाएगा।
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तीसरा सेट मंदिर के मध्य भाग में तैयार किया जाएगा। फिर तीनों सेट पर पहले अलग-अलग और पुन: तीनों सेट को मिलाकर उनकी भार क्षमता का परीक्षण होगा। परिसर के चारों कोनों पर कुल चार टेस्ट पिलर बनाए जाएंगे। इनमें से दो टेस्ट पिलर बनकर तैयार हो गए हैं।
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परीक्षण के लिए भूमि के नीचे सौ फीट गहराई तक का पहला स्तंभ शुक्रवार को ही तैयार हो गया था। सोमवार को दूसरे स्तंभ निर्माण के लिए खोदाई का कार्य सुबह शुरू हो गया, जो देर रात तक पूरा कर लिया गया। पहले स्तंभ के लिए खोदाई का कार्य शेषावतार मंदिर मार्ग पर किया गया था जबकि दूसरे स्तंभ के लिए खोदाई का कार्य रामजन्म स्थान-सीता रसोई के सामने किया जा रहा है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि टेस्टिंग के लिए दो स्तंभ का निर्माण हो चुका है। एक स्तंभ शेषावतार मंदिर मार्ग पर तो दूसरा स्तंभ सीता रसोई के पास तैयार किया गया है। अभी दो स्तंभ और बनाए जाने हैं, कुल मिलाकर चार टेस्ट पिलर चार कोनों पर तैयार किए जाएंगे। सौ फिट गहरी नींव खोदाई के बाद टेस्ट पिलरों के निर्माण के लिए उन्हीं सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है जिन्हें आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों ने भेजा था।
बताया कि चारों टेस्ट पिलर जब तैयार हो जाएंगे तो चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा 28 दिन बाद उनकी भार क्षमता की जांच की जाएगी। उनकी जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसी के आधार पर शेष 1196 पिलरों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण के लिए परिसर में पहुंच रहीं बड़ी-बड़ी मशीनों को चलाने के लिए हाई पावर विद्युत कनेक्शन की मांग के लिए पावर कॉर्पोरेशन में आवेदन किया था। ट्रस्ट के आवेदन को स्वीकार करते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने 1050 केवीए लोड के अस्थाई ट्रांसफार्मरों की संस्तुति प्रदान कर दी है।
ट्रस्ट ने 1200 केवीए के ट्रांसफार्मर की मांग आवेदन के जरिए की थी। जिसके बाद पावर कॉर्पोरेशन ने चार-चार सौ केवीए के दो व ढाई सौ केवीए के एक ट्रांसफार्मर के लिए संस्तुति दे दी है। इस प्रकार श्रीराम जन्मभूमि परिसर में कुल तीन ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इनसे रिंग मशीन, ड्रिल मशीन सहित अन्य बड़ी मशीनों का संचालन किया जाएगा।