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180 करोड़ से भूमिगत होंगी अयोध्या धाम की विद्युत लाइन
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अयोध्या। रामनगरी को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने के लिए शुरू हो रहे विकास कार्यों में शामिल अयोध्या की विद्युत लाइन को भूमिगत किया जाना शुरू हो चुका है।
180 करोड़ की लागत से 989 किमी. एलटी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या के पांच 33 केबीए के सब स्टेशनों का उच्चीकरण भी होगा।
इसके बाद अयोध्या की पूरी विद्युत लाइन भूमिगत होने के साथ फाल्ट की समस्याओं से निजात मिल सकेगी। पॉवर कॉरपोरेशन ने कार्य का जिम्मा एलएनटी को सौंपा है।
सांसद लल्लू सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने रविवार को विधिवत भूमि पूजन कर टेढी बाजार चौराहे से कार्य की शुरुआत कराई।
सांसद लल्लू सिंह ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अयोध्या में अंडर ग्राउंड केबलिंग का तीसरा चरण है। इसमें आईडीपीएस योजना के तहत 180 करोड़ की लागत से 989 किमी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रयास यह है कि जल्द ही अयोध्या नगर निगम के शेष नए पुराने इलाकों में यह भूमिगत विद्युत लाइन का कार्य शुरू हो। इसके लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है।
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अगले दो माह के भीतर इसको स्वीकृति होने की उम्मीद है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि अयोध्या में पहले भी दो चरण में विद्युत लाइन को भूमिगत किए जाने का कार्य किया गया है, लेकिन इसकी गुणवत्ता काफी खराब है।
इससे स्थानीय लोगों को आए दिन परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। इस कार्ययोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है।
अंडर ग्राउंड केबलिंग का कार्य भी आधुनिक व आध्यात्मिक अयोध्या के लिए शुरू हुआ है। इस दौरान मुख्य रूप से मध्यांचल विद्युत वितरण खंड के चीफ एके सिंह, अधिशासी अभियंता मनोज कुमार गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अयोध्या में विद्युत लाइनों को भूमिगत किए जाने का कार्य का यह तीसरा चरण होगा। पहले ही लगभग 135 ट्रांसफार्मरों को भूमिगत किया जा चुका है। इस बार 30 ट्रांसफार्मरों को भूमिगत किया जाना है।
इसके साथ ही 33 केवीए 111 किमी. लाइन, 11 केवीए की 80 किमी. की लाइन, पांच विद्युत सब स्टेशनों का उच्चीकृत, 798 किमी एलटी लाइनों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए 180 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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180 करोड़ की लागत से 989 किमी. एलटी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या के पांच 33 केबीए के सब स्टेशनों का उच्चीकरण भी होगा।
इसके बाद अयोध्या की पूरी विद्युत लाइन भूमिगत होने के साथ फाल्ट की समस्याओं से निजात मिल सकेगी। पॉवर कॉरपोरेशन ने कार्य का जिम्मा एलएनटी को सौंपा है।
सांसद लल्लू सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने रविवार को विधिवत भूमि पूजन कर टेढी बाजार चौराहे से कार्य की शुरुआत कराई।
सांसद लल्लू सिंह ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अयोध्या में अंडर ग्राउंड केबलिंग का तीसरा चरण है। इसमें आईडीपीएस योजना के तहत 180 करोड़ की लागत से 989 किमी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि प्रयास यह है कि जल्द ही अयोध्या नगर निगम के शेष नए पुराने इलाकों में यह भूमिगत विद्युत लाइन का कार्य शुरू हो। इसके लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है।
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अगले दो माह के भीतर इसको स्वीकृति होने की उम्मीद है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि अयोध्या में पहले भी दो चरण में विद्युत लाइन को भूमिगत किए जाने का कार्य किया गया है, लेकिन इसकी गुणवत्ता काफी खराब है।
इससे स्थानीय लोगों को आए दिन परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। इस कार्ययोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है।
अंडर ग्राउंड केबलिंग का कार्य भी आधुनिक व आध्यात्मिक अयोध्या के लिए शुरू हुआ है। इस दौरान मुख्य रूप से मध्यांचल विद्युत वितरण खंड के चीफ एके सिंह, अधिशासी अभियंता मनोज कुमार गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अयोध्या में विद्युत लाइनों को भूमिगत किए जाने का कार्य का यह तीसरा चरण होगा। पहले ही लगभग 135 ट्रांसफार्मरों को भूमिगत किया जा चुका है। इस बार 30 ट्रांसफार्मरों को भूमिगत किया जाना है।
इसके साथ ही 33 केवीए 111 किमी. लाइन, 11 केवीए की 80 किमी. की लाइन, पांच विद्युत सब स्टेशनों का उच्चीकृत, 798 किमी एलटी लाइनों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए 180 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।