फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Awawadh University will remove illegal occupation from 50 acres of land

अवध विवि 50 एकड़ भूमि से हटवाएगा अवैध कब्जे

Tue, 05 Mar 2019 02:57 AM IST
vivek vivek न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: vivek vivek Updated Tue, 05 Mar 2019 02:57 AM IST
विज्ञापन
Awawadh University will remove illegal occupation from 50 acres of land
अयोध्या में अवध विश्वविद्यालय के गाटा संख्या 334 भूमि पर स्वामित्य का बोर्ड लगाते कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित - फोटो : अमर उजाला
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि प्रशासन अपने 45 वें स्थापना दिवस पर विवि की भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने की ठानी है। विवि प्रशासन ने कुलपति की देखरेख में अपनी गाटा संख्या 334 की भूमि चिह्नित की है। विवि ने अपने बोर्ड स्थापित कर 50 एकड़ से अधिक भूमि पर काबिज अवैध कब्जेदारों को आगाह किया है। बुधवार भूमि की पैमाइश के साथ विवि अपना पिलर स्थापित करेगा। विवि की भूमि गाटा संख्या 334 पर 118 लोगों का कब्जा है।
विज्ञापन


अवध विवि का 45 वां स्थापना दिवस सोमवार को था। विवि ने भाषणबाजी व कार्यक्रम के इतर हटकर अपनी भूमि को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने की ठानी। पूर्वाह्न 11 बजे के आसपास कुलपति मनोज दीक्षित के नेतृत्व में कार्य परिषद सदस्य ओमप्रकाश सिंह, कुलानुशासक प्रो. आरएन राय, सहायक अभियंता आरके सिंह व जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्र सहित कई अन्य प्रोफेसर भूमि के पास पहुंचे।
विज्ञापन


यह भूमि गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर नाका ओवर ब्रिज के खत्म होने के सामने से लेकर एआईटी कैंपस के सामने तक है। विवि प्रशासन ने अपनी भूमि गाटा संख्या 334 पर बोर्ड लगाया। बताया जा रहा है कि इस भूमि पर 118 लोग कब्जेदार हैं। इसमें लोगों ने पक्के मकान के अलावा दुकानें व अपने प्रतिष्ठान स्थापित कर रखे हैं। विवि प्रशासन ने बोर्ड स्थापित करने के बाद मीडिया से बताया है कि बुधवार को भूमि की पैमाइश राजस्व विभाग के सहयोग से कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी के विवि प्रशासन अपने पिलर का निर्माण कर बाउंड्रीवाल स्थापित करेगा। बाद में विवि प्रशासन जिला प्रशासन के सहयोग से अवैध कब्जेदारों को हटाएगा। विवि के सहायक अभियंता आरके सिंह ने बताया है कि विवि अपने परिसर के विस्तार के साथ कई बड़ी परियोजनाएं नए भूमि पर विकसित करेगा।अवध विवि के ठीक पीछे घोसियाना नाम का एक मोहल्ला है। मोहल्लेवासियों ने विवि की काफी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था।

विवि प्रशासन की ओर से अवैध कब्जे को हटाते हुए रास्ते के विवाद को भी खत्म किया गया है। इसमें विवि प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस बार भी गाटा 334 को खाली कराने में विवि प्रशासन को कड़ी मेहनत करनी होगी। साथ ही अवैध अतिक्रमण को हटाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।विवि प्रशासन की अरबों रुपये कीमत की शहर में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर लोगों के घर व दुकानें आबाद होना बगैर विवि प्रशासन की मिलीभगत के कैसे संभव है।


यह सवाल अवैध कब्जेदार ही नहीं, प्रशासन व आम लोग भी उठा रहे हैं। हाल यह है कि गाटा संख्या 334 विवि की भूमि है। यह विवि प्रशासन को काफी समय से मालूम है। इस भूमि पर पूर्ववत 10 वर्षों से लगातार निर्माण हो रहा था, लेकिन विवि प्रशासन की ओर से कोई नोटिस या अवैध निर्माण को रोकने का कोई विशेष प्रयास नहीं किया गया। अब जब आसपास का इलाका पूरी तरह से विकसित हो गया तो विवि प्रशासन ने अपनी भूमि के अधिपत्य का बोर्ड स्थापित कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार इसमें काफी लोगों का नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed