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अंकपत्र व डिग्री ऑनलाइन देगा अवध विश्वविद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:37 PM IST
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अब अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन अंकपत्र व डिग्री देने का प्रबंध कर रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को कौशल विकास से जोड़ने की पहल में जुटा है।
मौजूदा सत्र से विश्वविद्यालय परिसर में पांच पाठ्यक्रम स्ववित्त पोषित योजना के तहत प्रारंभ किए जाएंगे। इसके अलावा भी कई और पाठ्यक्रमों को इसी सत्र में शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने इसकी जानकारी पत्रकारों को दी। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुलपति प्रो. दीक्षित ने कहा कि अवध परिक्षेत्र में पावन सरयू तट पर स्थित यह नगर पर्यटन, कला और पत्रकारिता आदि के क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग से विश्व पटल स्थान बना सकता है।
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इस क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न विधाओं से जोड़ने व कौशल विकास के माध्यम से जीविकोपार्जन और आत्मनिर्भर बनाने का सर्वोत्तम समय है। इसी को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय पांच कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरु कर रहा है।
इन सभी पाठ्यक्रमों को मल्टी-लेवल इक्जिट सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत छात्र प्रवेश के छह माह बाद पाठ्यक्रम छोड़ता है तो सर्टीफिकेट दिया जाएगा। डेढ़ वर्ष बाद छोड़ देता है तो डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा और यदि पाठ्यक्रम पूरा करता है तो उसे डिग्री दी जाएगी।
इन पाठ्यक्रमों के आवेदन 13 जुलाई तक ऑनलाइन शुरू कर दिए जाएंगे। प्रो. दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय इस सत्र में फीस, प्रवेश, परीक्षा, मूल्याकंन, संबद्धता आदि की समीक्षा कर रहा है।
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मौजूदा सत्र से विश्वविद्यालय परिसर में पांच पाठ्यक्रम स्ववित्त पोषित योजना के तहत प्रारंभ किए जाएंगे। इसके अलावा भी कई और पाठ्यक्रमों को इसी सत्र में शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
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कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने इसकी जानकारी पत्रकारों को दी। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुलपति प्रो. दीक्षित ने कहा कि अवध परिक्षेत्र में पावन सरयू तट पर स्थित यह नगर पर्यटन, कला और पत्रकारिता आदि के क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग से विश्व पटल स्थान बना सकता है।
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इस क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न विधाओं से जोड़ने व कौशल विकास के माध्यम से जीविकोपार्जन और आत्मनिर्भर बनाने का सर्वोत्तम समय है। इसी को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय पांच कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरु कर रहा है।
इन सभी पाठ्यक्रमों को मल्टी-लेवल इक्जिट सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत छात्र प्रवेश के छह माह बाद पाठ्यक्रम छोड़ता है तो सर्टीफिकेट दिया जाएगा। डेढ़ वर्ष बाद छोड़ देता है तो डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा और यदि पाठ्यक्रम पूरा करता है तो उसे डिग्री दी जाएगी।
इन पाठ्यक्रमों के आवेदन 13 जुलाई तक ऑनलाइन शुरू कर दिए जाएंगे। प्रो. दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय इस सत्र में फीस, प्रवेश, परीक्षा, मूल्याकंन, संबद्धता आदि की समीक्षा कर रहा है।