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दशकों बाद फिर सुर्खियों में रामकथा संग्रहालय

Sun, 28 Feb 2016 11:22 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 28 Feb 2016 11:22 PM IST
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After decades in the spotlight Ramkatha museum
गुमनामी बाबा के कोषागार में बंद सामान को अंतररराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय
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में रखने की कवायद शुरू हो गई है। इससे एक बार फिर रामकथा संग्रहालय सुर्खियों में है।

धर्म नगरी में धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुओं व अवेशेषों को संरक्षित करने के साथ आम लोगों के प्रदर्शन के लिए वर्ष 1988 में रामकथा संग्रहालय की स्थापना तुलसी स्मारक भवन में की गई थी। उस दौरान संग्रहालय में फैजाबाद म्युनिसिपल म्यूजियम में रखी मूर्तियां, पेंटिंग, फोटोग्राफ, पांडुलिपियां आदि स्थानांतरित की गई तो कई कलाकृतियां खरीद कर प्रदर्शित की गई।

संग्रहालय में सामान बढ़ने व प्रदर्शन को लेकर वर्ष 1990 में राजसदन के एक भवन में संग्रहालय को स्थानांतरित किया गया लेकिन भवन में सीलन से फाल सीलिंग गिरने व सामान को नुकसान को देखते हुए दस वर्ष बाद वर्ष 2000 में पुन: तुलसी स्मारक भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
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इस बीच शासन से अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय भवन का निर्माण सरयू तट पर कराया गया। जनवरी 2015 में ही रामकथा संग्रहालय अपने भवन में पूर्णरूप से स्थानांतरित हो सका।
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लगभग 28 वर्षों के दौरान संग्रहालय में अधिग्रहीत परिसर में समतलीकरण के दौरान निकले मिट्टी के बर्तन के टुकड़े, पत्थर व मिट्टी की मूर्तियां, प्रस्तर खंड के टुकडे़ आदि को प्रदर्शित करने के लिए रखा गया। इसके बाद वर्षों तक श्रद्धालु व पर्यटकों के लिए संग्रहालय आकर्षण का केंद्र रहा।

गुमनामी बाबा उर्फ भगवन जी कीनेताजी सुभाष चंद्र बोस की मान्यता को लेकर जिला कोषागार में रखे सामान को रामकथा संग्रहालय में रखने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन के साथ जिला प्रशासन स्तर पर गुमनामी बाबा के सामान को संग्रहालय में शिफ्ट करने की कवायद से रामकथा संग्रहालय फिर सुर्खियों में आ गया है।


सरयू तट स्थित संग्रहालय में यात्रियों व पर्यटकों की चहल-कदमी भी बढ़नी शुरू हो गई है। संग्रहालय के वीथिका सहायक मानस प्रसाद तिवारी कहते हैं कि गुमनामी बाबा के सामान संग्रहालय में आने से उसे देखने वालों की भीड़ जरूर बढ़ेगी।
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