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70 एकड़ के परिसर में दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक
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अयोध्या। राममंदिर स्थापत्य कला के लिए भी नजीर होगा। 70 एकड़ के रामजन्मभूमि परिसर में संपूर्ण भारत को संजोने की योजना है। यहां हो रहे निर्माण कार्य में भारतीय संस्कृति के नायाब कला की झलक दिखेगी।
राममंदिर जिन 400 स्तंभों पर टिका होगा उनमें देवी-देवताओं के चित्र उकेरे जाएंगे तो आठ एकड़ में बनने वाले परकोटे में रामकथा के 100 प्रसंगों का चित्रांकन किया जाएगा। राममंदिर न सिर्फ तकनीक बल्कि भव्यता में भी दुनिया के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा।
तीन मंजिला राममंदिर 400 स्तंभों पर टिका होगा। कुशल कारीगरों द्वारा इन स्तंभों में रामकथा के प्रसंगों सहित कुल 6400 मूर्तियां प्राचीन पद्धति से उकेरी जाएंगी, जो मंदिर को हेरिटेज लुक देने का काम करेंगी। मंदिर के हर खंभे में देवी-देवताओं की 16 मूर्तियों को उकेरा जाएगा।
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साथ ही राममंदिर के 2500 वर्ग फीट के क्षेत्र में बनने वाले परकोटे में रामायण के 100 प्रसंगों को भी उकेरा जाएगा। इसके लिए मूर्तिकारों सहित रामनगरी व देश के संत-धर्माचार्यों से भी सलाह ली जा रही है। मूर्तियों का निर्माण सबसे पहले पेंसिल से होगा फिल क्ले बनाया जाएगा उसके बाद मॉडलिंग की जाएगी।
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र कहते हैं कि राममंदिर परिसर में जन-जन की अवधारण के तहत बाल्मीकि, शबरी, जटायु, संत तुलसीदास सहित अन्य के जहां मंदिर बनाए जा रहे हैं। नागर शैली में बन रहा राममंदिर स्थापत्य कला में बेजोड़ होगा।
इसके लिए देश भर के संत-धर्माचार्यों से राय ली जा रही है कि किस तरह मंदिर को भव्यता प्रदान की जा सके। राममंदिर के लिए हुए पांच सौ वर्षों के संघर्ष पर एक फिल्म बनाने की ट्रस्ट की योजना है। फिल्म का निर्माण दूूरदर्शन कर रहा है। फिल्म में बॉलीवुड के सुपर स्टर अभिनेता अमिताभ बच्चन अपनी आवाज देंगे।
राममंदिर के 500 साल के इतिहास को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मशहूर लेखक और फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून को दी गई है। उनके साथ छह सदस्यीय टीम काम करेगी। इस काम के लिए अमिताभ व प्रसून जोशी कोई फीस नहीं ले रहे हैं।
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राममंदिर जिन 400 स्तंभों पर टिका होगा उनमें देवी-देवताओं के चित्र उकेरे जाएंगे तो आठ एकड़ में बनने वाले परकोटे में रामकथा के 100 प्रसंगों का चित्रांकन किया जाएगा। राममंदिर न सिर्फ तकनीक बल्कि भव्यता में भी दुनिया के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा।
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तीन मंजिला राममंदिर 400 स्तंभों पर टिका होगा। कुशल कारीगरों द्वारा इन स्तंभों में रामकथा के प्रसंगों सहित कुल 6400 मूर्तियां प्राचीन पद्धति से उकेरी जाएंगी, जो मंदिर को हेरिटेज लुक देने का काम करेंगी। मंदिर के हर खंभे में देवी-देवताओं की 16 मूर्तियों को उकेरा जाएगा।
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साथ ही राममंदिर के 2500 वर्ग फीट के क्षेत्र में बनने वाले परकोटे में रामायण के 100 प्रसंगों को भी उकेरा जाएगा। इसके लिए मूर्तिकारों सहित रामनगरी व देश के संत-धर्माचार्यों से भी सलाह ली जा रही है। मूर्तियों का निर्माण सबसे पहले पेंसिल से होगा फिल क्ले बनाया जाएगा उसके बाद मॉडलिंग की जाएगी।
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र कहते हैं कि राममंदिर परिसर में जन-जन की अवधारण के तहत बाल्मीकि, शबरी, जटायु, संत तुलसीदास सहित अन्य के जहां मंदिर बनाए जा रहे हैं। नागर शैली में बन रहा राममंदिर स्थापत्य कला में बेजोड़ होगा।
इसके लिए देश भर के संत-धर्माचार्यों से राय ली जा रही है कि किस तरह मंदिर को भव्यता प्रदान की जा सके। राममंदिर के लिए हुए पांच सौ वर्षों के संघर्ष पर एक फिल्म बनाने की ट्रस्ट की योजना है। फिल्म का निर्माण दूूरदर्शन कर रहा है। फिल्म में बॉलीवुड के सुपर स्टर अभिनेता अमिताभ बच्चन अपनी आवाज देंगे।
राममंदिर के 500 साल के इतिहास को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मशहूर लेखक और फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून को दी गई है। उनके साथ छह सदस्यीय टीम काम करेगी। इस काम के लिए अमिताभ व प्रसून जोशी कोई फीस नहीं ले रहे हैं।