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धार्मिक यात्रा पर पत्थरबाजी देश को अस्थिर करने की साजिशअयोध्या
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अयोध्या। हनुमान जयंती के पर्व पर देश की राजधानी दिल्ली में शोभायात्रा पर हुए पथराव व रामनवमी की शोभा यात्राओं पर हुए हमले को लेकर रामनगरी के संतों में आक्रोश है।
रामनवमी पर भी शोभायात्रा के दौरान देश के सात राज्यों में ऐसी ही घटनाएं हुई हैं। इसकी अयोध्या के संत-धर्माचार्य व विहिप ने निंदा की है। संतों ने चेतावनी दी है कि विदेशी इशारे पर काम करने वाले सावधान हो जाएं।
संतों का कहना है कि धार्मिक यात्रा पर पत्थरबाजी देश को अस्थिर करने की साजिश है। जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि सभी को विदेशी साजिशों से सावधान रहना होगा। कुछ कट्टरपंथी देश की शांति को खराब करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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हम हमेशा शांति के संदेश देते हैं, लेकिन यदि पानी सिर से ऊपर हो जाता है तो उसका माकूल जवाब भी देना जानते हैं। इसलिए उप्रदवियों को शीघ्र ही यह बात समझ लेनी होगी।
श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि इस घटना के पीछे बड़ी साजिश थी। विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वाले सावधान हो जाएं नहीं तो उन्हें बहुत ही बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मोदी व योगी के राज में हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। महंत मैथिलीरमण शरण ने कहा कि रामनवमी व हनुमान जयंती के जुलूस पर हुआ हमला किसी सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है।
यह देश में अशांति व उपद्रव फैलाने का प्रयास है। कुछ ताकतें विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को भी नहीं पचा पा रही हैं। सरकार उपद्रवियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि देशद्राही संभल जाएं, नहीं तो गर्मी शांत करने वाले इस समय देश की सत्ता संभाल रहे हैं। मोदी व योगी के शासन में उपद्रव, अराजकता, गुंडागर्दी, हिंसा का कहीं कोई स्थान नहीं है।
हिंसा करने वाले जितना जल्दी ये बात समझ जाएंगे उतना ही उनके लिए ठीक होगा नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने मुस्लिम समुदाय के द्वारा हिंदुओं के त्योहारों पर विभिन्न स्थालों पर हुए हमले की निंदा की है।
कहा कि मुसलमानों की खामोशी पत्थर बाजारों के हौसले बढ़ाती है। जो जिम्मेदार मुस्लिम मौलाना हैं उन्हें पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए। ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए। देश की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संभल जाएं नहीं तो परिणाम अच्छा नहीं होगा।
विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में हुई घटना सहित अन्य राज्यों में हुई घटना की घोर निंदा की है। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि यह निंदनीय व अक्षम्य घटना है।
यह देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है। देश जब नए-नए मानक स्थापित कर रहा है, ऐसे में अशांति फैलाना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। कहा कि हिंसात्मक प्रवृत्ति का अंत सदैव ही बहुत ही खराब होता रहा है, आगे भी होगा, दंगाई इस प्रकार की हरकत न करें।
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रामनवमी पर भी शोभायात्रा के दौरान देश के सात राज्यों में ऐसी ही घटनाएं हुई हैं। इसकी अयोध्या के संत-धर्माचार्य व विहिप ने निंदा की है। संतों ने चेतावनी दी है कि विदेशी इशारे पर काम करने वाले सावधान हो जाएं।
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संतों का कहना है कि धार्मिक यात्रा पर पत्थरबाजी देश को अस्थिर करने की साजिश है। जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि सभी को विदेशी साजिशों से सावधान रहना होगा। कुछ कट्टरपंथी देश की शांति को खराब करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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हम हमेशा शांति के संदेश देते हैं, लेकिन यदि पानी सिर से ऊपर हो जाता है तो उसका माकूल जवाब भी देना जानते हैं। इसलिए उप्रदवियों को शीघ्र ही यह बात समझ लेनी होगी।
श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि इस घटना के पीछे बड़ी साजिश थी। विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वाले सावधान हो जाएं नहीं तो उन्हें बहुत ही बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मोदी व योगी के राज में हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। महंत मैथिलीरमण शरण ने कहा कि रामनवमी व हनुमान जयंती के जुलूस पर हुआ हमला किसी सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है।
यह देश में अशांति व उपद्रव फैलाने का प्रयास है। कुछ ताकतें विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को भी नहीं पचा पा रही हैं। सरकार उपद्रवियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि देशद्राही संभल जाएं, नहीं तो गर्मी शांत करने वाले इस समय देश की सत्ता संभाल रहे हैं। मोदी व योगी के शासन में उपद्रव, अराजकता, गुंडागर्दी, हिंसा का कहीं कोई स्थान नहीं है।
हिंसा करने वाले जितना जल्दी ये बात समझ जाएंगे उतना ही उनके लिए ठीक होगा नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने मुस्लिम समुदाय के द्वारा हिंदुओं के त्योहारों पर विभिन्न स्थालों पर हुए हमले की निंदा की है।
कहा कि मुसलमानों की खामोशी पत्थर बाजारों के हौसले बढ़ाती है। जो जिम्मेदार मुस्लिम मौलाना हैं उन्हें पत्थरबाजों के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए। ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए। देश की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संभल जाएं नहीं तो परिणाम अच्छा नहीं होगा।
विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में हुई घटना सहित अन्य राज्यों में हुई घटना की घोर निंदा की है। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि यह निंदनीय व अक्षम्य घटना है।
यह देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है। देश जब नए-नए मानक स्थापित कर रहा है, ऐसे में अशांति फैलाना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। कहा कि हिंसात्मक प्रवृत्ति का अंत सदैव ही बहुत ही खराब होता रहा है, आगे भी होगा, दंगाई इस प्रकार की हरकत न करें।