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शून्य बैलेंस पर बैंक नहीं खोल रहे खाता
Faizabad
Updated Sat, 20 Sep 2014 05:30 AM IST
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बीकापुर। आम आदमी व कमजोर तबके को बैंक में खाता खुलवाने में कोई दिक्कत न हो और धन की कमी आड़े न आए इस लिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जन धन योजना की शुरूआत की गई। इसके उलट नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खुले राष्ट्रीकृत बैंकों में योजना के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन बैंकों से जहां ग्राहकों को खाता न खोले जाने की बात कह लौटाया जा रहा है वहीं कुछ में तो खाता खोलने के लिए धन भी लिया जा रहा है। कुछ बैंकों ने तो इसके लिए बैनर तक टांग रखा है। जिसमें शून्य बैलेंस पर खाता न खोलने की बात तक कही गई है। विरोध करने पर इन बैंकों के कर्मचारी ग्राहकों से विवाद भी करते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में प्रधानमंत्री जन धन योजना लागू करने में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तोरोमाफी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवाने के नाम पर सौ रुपया जमा करवाया जा रहा है। केनारा बैंक में ग्राहकों को फॉर्म तो दिया जा रहा है, लेकिन शून्य बैलेंस पर खाता खोलने की बात करने पर अपमानित कर वापस कर दिया जा रहा है। तहसील के बैंक ऑफ बड़ौदा में तो शून्य बैलेंस पर खाता न खोलने का बैनर तक टांग दिया गया है। बैनर में लिखा है कि बैंक में एक हजार रुपये से ही खाता खुलेगा, जीरो बैलेंस का खाता सिर्फ फ्रेंचाइजी ऑफिसों में ही खुलेगा। नगर निवासी सूर्य प्रकाश राय और नंदरौली निवासी तसलीम ने बताया कि केनरा बैंक से शनिवार को फॉर्म लिया था, जब खाता खुलवाने गया तो कर्मचारी ने कहा कि पहले एक हजार रुपये जमा करो तब खाता खुलेगा। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत शून्य बैलेंस पर खाता खोलने की बात कही तो कर्मचारी भड़क उठे और विवाद करते हुए अपमान करने लगे। शुक्रवार को कई लोग पौने चार बजे केनरा बैंक शाखा गए तो चैनल में ताला बंद मिला। एक कर्मचारियों ने भीतर से बताया कि मैनेजर नहीं हैं। ग्रामीणों ने बैंकों की ओर से शून्य बैलेंस पर खाता न खोलने की शिकायत की है।
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ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में प्रधानमंत्री जन धन योजना लागू करने में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तोरोमाफी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवाने के नाम पर सौ रुपया जमा करवाया जा रहा है। केनारा बैंक में ग्राहकों को फॉर्म तो दिया जा रहा है, लेकिन शून्य बैलेंस पर खाता खोलने की बात करने पर अपमानित कर वापस कर दिया जा रहा है। तहसील के बैंक ऑफ बड़ौदा में तो शून्य बैलेंस पर खाता न खोलने का बैनर तक टांग दिया गया है। बैनर में लिखा है कि बैंक में एक हजार रुपये से ही खाता खुलेगा, जीरो बैलेंस का खाता सिर्फ फ्रेंचाइजी ऑफिसों में ही खुलेगा। नगर निवासी सूर्य प्रकाश राय और नंदरौली निवासी तसलीम ने बताया कि केनरा बैंक से शनिवार को फॉर्म लिया था, जब खाता खुलवाने गया तो कर्मचारी ने कहा कि पहले एक हजार रुपये जमा करो तब खाता खुलेगा। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत शून्य बैलेंस पर खाता खोलने की बात कही तो कर्मचारी भड़क उठे और विवाद करते हुए अपमान करने लगे। शुक्रवार को कई लोग पौने चार बजे केनरा बैंक शाखा गए तो चैनल में ताला बंद मिला। एक कर्मचारियों ने भीतर से बताया कि मैनेजर नहीं हैं। ग्रामीणों ने बैंकों की ओर से शून्य बैलेंस पर खाता न खोलने की शिकायत की है।
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