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फर्जी आदेश पर जमीन हड़पी
Faizabad
Updated Thu, 29 May 2014 05:31 AM IST
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फैजाबाद। थाईलैंड के बैंकाक में रहने वाले अप्रवासी भारतीय सुरेंद्र उर्फ खुनखुन की 60 बीघा जमीन पर भूमाफिया ने नजर गड़ा दी है। पहले तो सुरेंद्र की तीन बीघा का बैनामा करवाने की बात कह उनकी 30 बीघा जमीन लिखवा ली। बाद में बची 30 बीघा जमीन को हड़पने के लिए फर्जी बैनामा और सीओ के फर्जी आदेश से जमीन हड़पने का कुचक्र रचा। हालांकि एनआरआई को खबर लगते ही उसने बैनामे के समय खुद के थाईलैंड में होने के साक्ष्य दिए। जिस पर कोर्ट ने खतौनी पर रोक लगाते हुए भूमाफिया और जमीन बेचने का प्रयास कर रही महिला को तलब किया तो भाग गए। अधिवक्ता बीपी त्रिपाठी के मुताबिक यहां के रहने वाले सुरेंद्र उर्फ खुनखुन अब थाईलैंड के बैंकाक के निवासी हो गए हैं। उनकी मिल्कीपुर तहसील के गांव बसावां में पैतृक 60 बीघा जमीन है। जिसे महिला भूमाफिया कुशलावती हड़पना चाहती हैं। जिसके लिए उसने फर्जी बैनामा तैयार कराया। इसके बाद चकबंदी अधिकारी कुचेरा का फर्जी आदेश तैयार करके हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। कहा गया कि बैनामा और सीओ का आदेश होते हुए उसका नामांतरण खतौनी पर नहीं किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने 23 मई 2012 को खतौनी में नाम अंकित करने का आदेश कर दिया। खतौनी पर अमलदरामद होते ही महिला ने इसे बेचने का प्रयास शुरू कर दिया। जानकारी होने पर सुरेंद्र ने हाईकोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किया कि जिस दिन का कथित बैनामा है उस दिन वह थाईलैंड में थे। उन्होंने इसके समर्थन में दूतावास के कागजात भी दाखिल किए। सीओ का आदेश भी फर्जी निकला। इस पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सबीहुल हसनैन ने खतौनी पर नामांकन करने वाले आदेश पर रोक लगाते हुए जालसाजी करने वाली महिला को तलब किया। जिसके बाद से महिला फरार है। अब हाईकोर्ट ने सीजेएम को तामीला का जिम्मा सौंपा है। और इस संबंध में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। सुरेंद्र की बची 30 बीघा जमीन पहले ही शाहगंज निवासी रोहित व अन्य ने पहले ही 3 बीघा लिखाने को लेकर गए और लिखा लिए। इसमें रोहित इस समय जेल में है।
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