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राममंदिर के समर्थन में उतरा सुन्नी सोशल फोरम
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राममंदिर के समर्थन में उतरा सुन्नी सोशल फोरम
अयोध्या। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के नाम पर हिंदु-मुस्लिमों में रार-तकरार की आशंका हाशिए पर है। गत कुछ वर्षों में कई ऐसे मुस्लिम सामने आए हैं जिन्होंने मंदिर के समर्थन में ताल ठोंककर उदारता दिखाई है।
अब सुन्नी सोशल फोरम से जुड़े करीब तीन दर्जन लोग बुधवार को अयोध्या पहुंचे और पक्षकारों से मुलाकात कर राममंदिर निर्माण को लेकर सहमति पत्र सौंपा।
दिगंबर अखाड़ा में फोरम के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर राजा रईस ने कहा कि राम ही हमारे पूर्वज थे और हम लोग उनके वंशज हैं। हिंदुस्तान में जब इस्लाम नहीं था और न ही कोई मस्जिद थी तब केरल के हिंदू राजा ने पहली मस्जिद तामीर की।
जिस तरह हमारा पाक स्थान काबा नहीं बदला जा सकता, उसी तरह हमारे श्रीराम नबी का जन्म स्थान भी नहीं बदला जा सकता है। इतिहास के मुताबिक बाबर के सिपाहसलार मीर बाकी ने हमारे नबी श्रीराम के मंदिर को तोड़कर एक अनाधिकृत ढांचा बना दिया था।
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हमारे समाज के लोगों की पुरजोर गुजारिश है कि हमारे नबी श्रीराम जी के जन्म स्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण सौहार्दपूर्ण वातावरण में करवाया जाए।
इसके लिए होने वाली कारसेवा में हम मुसलमानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए तथा अयोध्या शास्त्रीय सीमा के बाहर मस्जिद-ए-अमन बने ताकि मुस्लिम भाईयों को सुकून मिले। हमें मंदिर निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है।
बताया कि हमने श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास, श्रीरामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत सुरेश दास सहित पक्षकार इकबाल असंारी से मुलाकात कर उन्हें राममंदिर निर्माण के समर्थन में फोरम के 65 मुस्लिम सदस्यों का हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र सौंपा है।
बताया कि हम राममंदिर निर्माण के लिए अभियान चलाकर अधिक से अधिक मुस्लिम भाईयों का समर्थन जुटाएंगे। इस दौरान फोरम के राष्ट्रीय सह-संयोजक मो.वसी हैदर, डॉ.अनिल सिंह, शाजिया, परवीन, अतहर अली, मो.अकबाल, मो.अब्बास सहित अन्य मौजूद रहे।
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अयोध्या। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के नाम पर हिंदु-मुस्लिमों में रार-तकरार की आशंका हाशिए पर है। गत कुछ वर्षों में कई ऐसे मुस्लिम सामने आए हैं जिन्होंने मंदिर के समर्थन में ताल ठोंककर उदारता दिखाई है।
अब सुन्नी सोशल फोरम से जुड़े करीब तीन दर्जन लोग बुधवार को अयोध्या पहुंचे और पक्षकारों से मुलाकात कर राममंदिर निर्माण को लेकर सहमति पत्र सौंपा।
दिगंबर अखाड़ा में फोरम के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर राजा रईस ने कहा कि राम ही हमारे पूर्वज थे और हम लोग उनके वंशज हैं। हिंदुस्तान में जब इस्लाम नहीं था और न ही कोई मस्जिद थी तब केरल के हिंदू राजा ने पहली मस्जिद तामीर की।
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जिस तरह हमारा पाक स्थान काबा नहीं बदला जा सकता, उसी तरह हमारे श्रीराम नबी का जन्म स्थान भी नहीं बदला जा सकता है। इतिहास के मुताबिक बाबर के सिपाहसलार मीर बाकी ने हमारे नबी श्रीराम के मंदिर को तोड़कर एक अनाधिकृत ढांचा बना दिया था।
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हमारे समाज के लोगों की पुरजोर गुजारिश है कि हमारे नबी श्रीराम जी के जन्म स्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण सौहार्दपूर्ण वातावरण में करवाया जाए।
इसके लिए होने वाली कारसेवा में हम मुसलमानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए तथा अयोध्या शास्त्रीय सीमा के बाहर मस्जिद-ए-अमन बने ताकि मुस्लिम भाईयों को सुकून मिले। हमें मंदिर निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है।
बताया कि हमने श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास, श्रीरामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत सुरेश दास सहित पक्षकार इकबाल असंारी से मुलाकात कर उन्हें राममंदिर निर्माण के समर्थन में फोरम के 65 मुस्लिम सदस्यों का हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र सौंपा है।
बताया कि हम राममंदिर निर्माण के लिए अभियान चलाकर अधिक से अधिक मुस्लिम भाईयों का समर्थन जुटाएंगे। इस दौरान फोरम के राष्ट्रीय सह-संयोजक मो.वसी हैदर, डॉ.अनिल सिंह, शाजिया, परवीन, अतहर अली, मो.अकबाल, मो.अब्बास सहित अन्य मौजूद रहे।