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महिलाओं को आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षित होना आवश्यक : ले. कर्नल विशाल शर्मा
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:59 PM IST
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उत्पीड़न से बचने के लिए खुद को तैयार करें महिलाएं : ले. कर्नल
फैजाबाद। आत्मरक्षा हेतु महिलाओं को प्रशिक्षित होना आवश्यक है। समाज में बढ़ रहे महिला उत्पीड़न से बचने हेतु शारीरिक तौर पर स्वयं को तैयार करने की आवश्यकता है। यह बात ले. कर्नल विशाल शर्मा ने कहीं।
ले. कर्नल अवध विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित अनआर्म कांबेक्ट ट्रेनिंग फॉर सेल्फ डिफेंस ऑफ वुमेन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के बहुत से ऐसे उपाय हैं जो सुरक्षित करने के साथ-साथ मुकाबला करने में भी सक्षम बनाते हैं। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्म सुरक्षा के लिये व्यक्ति को सर्वप्रथम मानसिक रूप से तैयार रहने की आवश्यकता होती है। कहा जाता है कि जो लड़ाई बिना हथियारों के लड़ी जाती है उसमें दिमागी तौर पर फिट होने की जरूरत होती है और वही निर्णय व्यक्ति को सफलता दिलाता है। अतिथियों का स्वागत अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो. आशुतोष सिन्हा ने किया। संचालन प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. तुहिना वर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. एसके गर्ग, प्रो. राजीव गौड़, डॉ. आरके सिंह, डॉ. फारूख जमाल, डॉ. वंदना रंजन, डॉ. नीलम यादव, डॉ. शशि सिंह और डॉ. वन्दिता पांडेय समेत बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं एवं छात्राएं मौजूद रहीं।
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फैजाबाद। आत्मरक्षा हेतु महिलाओं को प्रशिक्षित होना आवश्यक है। समाज में बढ़ रहे महिला उत्पीड़न से बचने हेतु शारीरिक तौर पर स्वयं को तैयार करने की आवश्यकता है। यह बात ले. कर्नल विशाल शर्मा ने कहीं।
ले. कर्नल अवध विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित अनआर्म कांबेक्ट ट्रेनिंग फॉर सेल्फ डिफेंस ऑफ वुमेन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के बहुत से ऐसे उपाय हैं जो सुरक्षित करने के साथ-साथ मुकाबला करने में भी सक्षम बनाते हैं। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्म सुरक्षा के लिये व्यक्ति को सर्वप्रथम मानसिक रूप से तैयार रहने की आवश्यकता होती है। कहा जाता है कि जो लड़ाई बिना हथियारों के लड़ी जाती है उसमें दिमागी तौर पर फिट होने की जरूरत होती है और वही निर्णय व्यक्ति को सफलता दिलाता है। अतिथियों का स्वागत अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो. आशुतोष सिन्हा ने किया। संचालन प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. तुहिना वर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. एसके गर्ग, प्रो. राजीव गौड़, डॉ. आरके सिंह, डॉ. फारूख जमाल, डॉ. वंदना रंजन, डॉ. नीलम यादव, डॉ. शशि सिंह और डॉ. वन्दिता पांडेय समेत बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं एवं छात्राएं मौजूद रहीं।
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