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सूर्यकुंड पहुंची 84 कोसी परिक्रमा
फैजाबाद/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 18 Apr 2017 12:18 AM IST
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अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा को निकला साधु-संतों का जत्था सोमवार को क्षेत्र के पौराणिक व धार्मिक स्थल सूर्यकुंड उंचगांव रामपुर भगन पहुंच गया। यहां रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार की सुबह बीकापुर के सीताकुंड के लिए जत्था रवाना होगा।
हनुमान मंडल बैनर तले संचालित यह परिक्रमा महंथ गयादास व विहिप के सुरेंद्र नाथ सिंह के नेतत्व में चल रही है। सुबह अलग-अलग तारुन थाना क्षेत्र के हनुमान मंदिर पहुंचे परिक्रमा यात्रा के सदस्यों को जलपान कराया गया। इसके बाद जत्था सूर्यकुंड के लिए रवाना हुआ।
आस्था की डगर पर भीषण गर्मी व तपिश में साधु-संत परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। सुल्तानपुर के रामनगर कोटवा निवासी 105 वर्षीय रामदेवदास, पुरुषोत्तमपुर दर्शननगर निवासी 70 वर्षीय राममूरत, 76 वर्षीय राधेश्याम, नेपाल के जनपद रुपंदेही निवासी 90 वर्षीय ठाकुर प्रसाद भी परिक्रमा में शामिल हैं।
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तो मध्यप्रदेश के सागर जिले के 11 वर्षीय अमीषा, हाथरस के नौ वर्षीय विपिन व बाराबंकी की 17 वर्षीया शिवांगी भी परिक्रमा कर रही हैं।
हनुमानगढ़ी के महंथ दया शंकर शास्त्री व प्राचीन रामजानकी मंदिर की पुजारिन सुशीला पांडेय ने बताया कि कालांतर में यहां के तालुकेदार भगनराय सिंह ने मालगुजारी से प्राप्त रकम व खाद्यान्न संतों के भोजन, प्रसाद व सेवा में खर्च कर दिया।
राजा के बुलावे पर खजुरहट पहुंच राजा के समक्ष हाजिर हुए तो पता चला कि रामपुरभगन गांव की मालगुजारी खाते में जमा है। तभी से इस गांव रामपुर को लोग भगन के रामपुर कहने लगे। तभी से परिक्रमार्थियों की सेवा की होड़ रहती है।
महंथ गया दास ने बताया कि 14 कोसी की भांति परिक्रमा मार्ग पर प्रकाश, पानी व अन्य सुविधाओं की मांग शासन से की गई है। वहीं सूर्यकुंड के अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम बीकापुर दिनेश कुमार से की गई है। शिकायत पर राजस्व विभाग व तारुन पुलिस ने अस्थाई अतिक्रमण हटवाकर साधू-संतों के विश्राम के लिए स्थान मुहैया कराया।
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हनुमान मंडल बैनर तले संचालित यह परिक्रमा महंथ गयादास व विहिप के सुरेंद्र नाथ सिंह के नेतत्व में चल रही है। सुबह अलग-अलग तारुन थाना क्षेत्र के हनुमान मंदिर पहुंचे परिक्रमा यात्रा के सदस्यों को जलपान कराया गया। इसके बाद जत्था सूर्यकुंड के लिए रवाना हुआ।
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आस्था की डगर पर भीषण गर्मी व तपिश में साधु-संत परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। सुल्तानपुर के रामनगर कोटवा निवासी 105 वर्षीय रामदेवदास, पुरुषोत्तमपुर दर्शननगर निवासी 70 वर्षीय राममूरत, 76 वर्षीय राधेश्याम, नेपाल के जनपद रुपंदेही निवासी 90 वर्षीय ठाकुर प्रसाद भी परिक्रमा में शामिल हैं।
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तो मध्यप्रदेश के सागर जिले के 11 वर्षीय अमीषा, हाथरस के नौ वर्षीय विपिन व बाराबंकी की 17 वर्षीया शिवांगी भी परिक्रमा कर रही हैं।
हनुमानगढ़ी के महंथ दया शंकर शास्त्री व प्राचीन रामजानकी मंदिर की पुजारिन सुशीला पांडेय ने बताया कि कालांतर में यहां के तालुकेदार भगनराय सिंह ने मालगुजारी से प्राप्त रकम व खाद्यान्न संतों के भोजन, प्रसाद व सेवा में खर्च कर दिया।
राजा के बुलावे पर खजुरहट पहुंच राजा के समक्ष हाजिर हुए तो पता चला कि रामपुरभगन गांव की मालगुजारी खाते में जमा है। तभी से इस गांव रामपुर को लोग भगन के रामपुर कहने लगे। तभी से परिक्रमार्थियों की सेवा की होड़ रहती है।
महंथ गया दास ने बताया कि 14 कोसी की भांति परिक्रमा मार्ग पर प्रकाश, पानी व अन्य सुविधाओं की मांग शासन से की गई है। वहीं सूर्यकुंड के अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम बीकापुर दिनेश कुमार से की गई है। शिकायत पर राजस्व विभाग व तारुन पुलिस ने अस्थाई अतिक्रमण हटवाकर साधू-संतों के विश्राम के लिए स्थान मुहैया कराया।