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जहां स्वच्छता होगी वहीं ईश्वर का वास: महापौर
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जहां स्वच्छता होगी वहीं ईश्वर का वास : महापौर
अयोध्या। स्वच्छता एक महत्वपूर्ण विषय है। महात्मा गांधी के महान उद्देश्यों में स्वच्छता एक प्रमुख विषय था। इसी को दृष्टिगत रखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा गांधी जी 150 वीं जयंती के अवसर पर सम्पूर्ण भारत को स्वच्छ बनाने का अभियान चलाया।
स्वच्छता की मुहिम को अपार जन समर्थन मिला। जैसा कि धर्म ग्रंथों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जहां स्वच्छता होगी वहीं ईश्वर का वास होगा। यह बातें महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कही।
वे सोमवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के समाज कार्य एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा संत कबीर सभागार में राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम में सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे।
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अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कूड़ा प्रबंधन की है। इस संदर्भ में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है।
भारत में प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अंधाधुंध प्लास्टिक के उत्पादन एवं प्रयोग पर अंकुश लगाना आवश्यक है। तभी हम पर्यावरण को सुरक्षित कर पाएंगे।
मुख्य वक्ता इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के प्रो. आरबीएस वर्मा ने हड़प्पा और मोहन जोदड़ो जैसे नगरों के संदर्भ में बताया कि जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधा हजारों वर्ष पूर्व उन प्राचीन नगरों में थी।
आज उन प्राचीन नगरीय सभ्यताओं काफी कुछ सीखने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय होटल संस्थान लखनऊ के प्रो. तरुण बंसल ने भारत सरकार के स्वच्छता के मुहिम में संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. विनय कुमार मिश्र ने दो दिवसीय संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में गोवा की राज्यपाल एवं राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ. मृदुला सिन्हा का स्वच्छता संदेश प्रसारित किया गया।
उद्घाटन सत्र में कुलपति एवं अतिथियों द्वारा संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन भी किया गया। स्वच्छता जागरूकता व सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई लोगों को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।
अतिथियों का स्वागत प्रो. फारूख जमाल, डॉ. विनय कुमार मिश्र, आयोजन सचिव डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट किया गया। विभाग की छात्राओं द्वारा कुलगीत की प्रस्तुति की गयी।
कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायोलॉजी एवं संगोष्ठी के कोषाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शिक्षक डॉ. दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।
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अयोध्या। स्वच्छता एक महत्वपूर्ण विषय है। महात्मा गांधी के महान उद्देश्यों में स्वच्छता एक प्रमुख विषय था। इसी को दृष्टिगत रखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा गांधी जी 150 वीं जयंती के अवसर पर सम्पूर्ण भारत को स्वच्छ बनाने का अभियान चलाया।
स्वच्छता की मुहिम को अपार जन समर्थन मिला। जैसा कि धर्म ग्रंथों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जहां स्वच्छता होगी वहीं ईश्वर का वास होगा। यह बातें महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कही।
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वे सोमवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के समाज कार्य एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा संत कबीर सभागार में राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम में सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे।
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अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कूड़ा प्रबंधन की है। इस संदर्भ में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है।
भारत में प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अंधाधुंध प्लास्टिक के उत्पादन एवं प्रयोग पर अंकुश लगाना आवश्यक है। तभी हम पर्यावरण को सुरक्षित कर पाएंगे।
मुख्य वक्ता इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के प्रो. आरबीएस वर्मा ने हड़प्पा और मोहन जोदड़ो जैसे नगरों के संदर्भ में बताया कि जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधा हजारों वर्ष पूर्व उन प्राचीन नगरों में थी।
आज उन प्राचीन नगरीय सभ्यताओं काफी कुछ सीखने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय होटल संस्थान लखनऊ के प्रो. तरुण बंसल ने भारत सरकार के स्वच्छता के मुहिम में संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. विनय कुमार मिश्र ने दो दिवसीय संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में गोवा की राज्यपाल एवं राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ. मृदुला सिन्हा का स्वच्छता संदेश प्रसारित किया गया।
उद्घाटन सत्र में कुलपति एवं अतिथियों द्वारा संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन भी किया गया। स्वच्छता जागरूकता व सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई लोगों को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।
अतिथियों का स्वागत प्रो. फारूख जमाल, डॉ. विनय कुमार मिश्र, आयोजन सचिव डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट किया गया। विभाग की छात्राओं द्वारा कुलगीत की प्रस्तुति की गयी।
कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायोलॉजी एवं संगोष्ठी के कोषाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शिक्षक डॉ. दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।