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अयोध्या में प्रदेश सरकार का कबीर जयंती समारोह निरस्त
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:32 AM IST
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अयोध्या में प्रदेश सरकार का कबीर जयंती समारोह निरस्त
अयोध्या। अयोध्या के कबीर मठ में 28 जून को प्रदेश सरकार के आदेश पर अयोध्या शोध संस्थान द्वारा आयोजित कबीर जयंती समारोह को निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे मठ के दो गुटों का आपसी विवाद बताया जा रहा है। इसमें एक गुट ने कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी, आरोप था कि सरकारी कार्यक्रम में विरोधी गुट को महत्व दिया जा रहा है। इसके बाद बुधवार को जयंती महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों को निरस्त करने का एलान कर दिया गया।
बताते चलें कि रामनगरी में प्रतिवर्ष होने वाले कबीर जयंती समारोह के लिए शासन ने तीन लाख का बजट घोषित किया गया था। योगी सरकार ने कबीर की जन्म शताब्दी के मौके पर इस बार देशभर के उन हर जगहों पर खास कार्यक्रम करने की तैयारी है, जहां से कबीर का रिश्ता रहा है।। मगहर में कबीर जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहेंगे। उसी क्रम में अयोध्या में भी कबीर जयंती भव्यता पूर्वक मनाने के लिए सरकार ने बजट की घोषणा की थी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से सूफी गायकों व लोक कलाकारों की टीम को आमंत्रित किया गया था।
कबीर जन्मोत्सव की आयोजक संस्था अयोध्या शोध संस्थान और संस्कृति विभाग ने कार्यक्रम को निरस्त करने की सूचना प्रतिभागी गायक कलाकारों, पंथी नृत्यदल और गोष्ठी में आने वाले कबीर पंथी विचारकों को भेज दी है। साथ ही उनके व्यय भार की क्षति की भरपाई का भी आश्वासन दिया है। अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक ने कार्यक्रम को निरस्त करने का आदेश दिया है। कलाकारों व प्रतिभागियों को इसकी सूचना भेजी जा रही है।
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विवाद बना आयोजन की राह में रोड़ा
कबीर मठ में कई वर्षों से चल रहा दो गुटों का विवाद कबीर जयंती के आयोजन की राह में रोड़ा बन गया। कबीर मठ की संचालन समिति पर कब्जे को लेकर महंत परीक्षा दास व महंत उदारदास गुट के मध्य विवाद चल रहा है, मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी विवाद के चलते परीक्षा दास गुट ने कार्यक्रम के आयोजन पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि एक ही दिन जब अलग-अलग कार्यक्रम होगा तो फिर परेशानी खड़ी होगी और बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी भ्रमित होंगे।
पारंपरिक जयंती महोत्सव का होगा आयोजन
कबीर जयंती पर कबीर मठ में आयोजित सरकारी कार्यक्रम भले ही निरस्त कर दिया गया हो, लेकिन जयंती पर होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम मठ में कराए जाएंगे। कबीर मठ के उमाशंकर मिश्र ने बताया कि सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी मिली है परंतु पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसके तहत गोष्ठी आदि की जाएगी विभिन्न प्रांतों से कबीर पंथियों का जमावड़ा होगा। वहीं दूसरे गुट के परीक्षा दास ने भी कबीर जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है।
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अयोध्या। अयोध्या के कबीर मठ में 28 जून को प्रदेश सरकार के आदेश पर अयोध्या शोध संस्थान द्वारा आयोजित कबीर जयंती समारोह को निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे मठ के दो गुटों का आपसी विवाद बताया जा रहा है। इसमें एक गुट ने कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी, आरोप था कि सरकारी कार्यक्रम में विरोधी गुट को महत्व दिया जा रहा है। इसके बाद बुधवार को जयंती महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों को निरस्त करने का एलान कर दिया गया।
बताते चलें कि रामनगरी में प्रतिवर्ष होने वाले कबीर जयंती समारोह के लिए शासन ने तीन लाख का बजट घोषित किया गया था। योगी सरकार ने कबीर की जन्म शताब्दी के मौके पर इस बार देशभर के उन हर जगहों पर खास कार्यक्रम करने की तैयारी है, जहां से कबीर का रिश्ता रहा है।। मगहर में कबीर जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहेंगे। उसी क्रम में अयोध्या में भी कबीर जयंती भव्यता पूर्वक मनाने के लिए सरकार ने बजट की घोषणा की थी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से सूफी गायकों व लोक कलाकारों की टीम को आमंत्रित किया गया था।
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कबीर जन्मोत्सव की आयोजक संस्था अयोध्या शोध संस्थान और संस्कृति विभाग ने कार्यक्रम को निरस्त करने की सूचना प्रतिभागी गायक कलाकारों, पंथी नृत्यदल और गोष्ठी में आने वाले कबीर पंथी विचारकों को भेज दी है। साथ ही उनके व्यय भार की क्षति की भरपाई का भी आश्वासन दिया है। अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक ने कार्यक्रम को निरस्त करने का आदेश दिया है। कलाकारों व प्रतिभागियों को इसकी सूचना भेजी जा रही है।
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विवाद बना आयोजन की राह में रोड़ा
कबीर मठ में कई वर्षों से चल रहा दो गुटों का विवाद कबीर जयंती के आयोजन की राह में रोड़ा बन गया। कबीर मठ की संचालन समिति पर कब्जे को लेकर महंत परीक्षा दास व महंत उदारदास गुट के मध्य विवाद चल रहा है, मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी विवाद के चलते परीक्षा दास गुट ने कार्यक्रम के आयोजन पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि एक ही दिन जब अलग-अलग कार्यक्रम होगा तो फिर परेशानी खड़ी होगी और बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी भ्रमित होंगे।
पारंपरिक जयंती महोत्सव का होगा आयोजन
कबीर जयंती पर कबीर मठ में आयोजित सरकारी कार्यक्रम भले ही निरस्त कर दिया गया हो, लेकिन जयंती पर होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम मठ में कराए जाएंगे। कबीर मठ के उमाशंकर मिश्र ने बताया कि सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी मिली है परंतु पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसके तहत गोष्ठी आदि की जाएगी विभिन्न प्रांतों से कबीर पंथियों का जमावड़ा होगा। वहीं दूसरे गुट के परीक्षा दास ने भी कबीर जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है।