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सही जानकारी ही है डेंगू से बचाव का रास्ता-डॉ सीबी द्विवेदी
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:04 PM IST
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सही जानकारी ही डेंगू से बचाव
फैजाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से विश फाउंडेशन की ओर से शनिवार देरशाम सिविल लाइंस स्थित एक होटल में डेंगू नियंत्रण एवं प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने डेंगू के विषय में अपनी राय रखी एवं इससे बचाव एवं प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीबी द्विवेदी ने बताया कि डेंगू के विषय में आम लोगों के बीच सटीक जानकारी नहीं होने के कारण उनके लिए डेंगू शब्द ही खौफ का मुद्दा है। यदि इसके विषय में आम लोगों को पूरी जानकारी दी जाए तो डेंगू से बेखौफ होकर लड़ने में सुविधा होगी। संचालन करते हुये इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में डेंगू प्रबंधन के लिए जिला चिकित्सालय में अलग से डेंगू वार्ड भी निर्मित किया गया है। मंडलीय संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. निशांत सक्सेना ने बताया कि डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। 3 से 7 दिन तक लगातार बुखार, सिर में तेज दर्द, जोड़ों में तेज दर्द, आंख के पीछे तेज दर्द, चक्कर एवं उल्टी, शरीर पर लाल धब्बे आना शामिल है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के विभागाध्यक्ष कम्यूनिटी मेडिसिन डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि केवल एक प्रतिशत डेंगू ही जानलेवा होता है। लेकिन यदि डेंगू का प्रबंधन सही से नहीं किया गया तब डेंगू 50 प्रतिशत तक खतरनाक हो सकता है। इस मौके पर जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. नानक सरन, अंजुम गुलवेज, डॉ. गुलफाम अहमद हाशमी, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. संजय कुमार पांडेय, डॉ. अनिल कुमार, डीके श्रीवास्तव, डॉ. आरके देव आदि मौजूद रहे।
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फैजाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से विश फाउंडेशन की ओर से शनिवार देरशाम सिविल लाइंस स्थित एक होटल में डेंगू नियंत्रण एवं प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने डेंगू के विषय में अपनी राय रखी एवं इससे बचाव एवं प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीबी द्विवेदी ने बताया कि डेंगू के विषय में आम लोगों के बीच सटीक जानकारी नहीं होने के कारण उनके लिए डेंगू शब्द ही खौफ का मुद्दा है। यदि इसके विषय में आम लोगों को पूरी जानकारी दी जाए तो डेंगू से बेखौफ होकर लड़ने में सुविधा होगी। संचालन करते हुये इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में डेंगू प्रबंधन के लिए जिला चिकित्सालय में अलग से डेंगू वार्ड भी निर्मित किया गया है। मंडलीय संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. निशांत सक्सेना ने बताया कि डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। 3 से 7 दिन तक लगातार बुखार, सिर में तेज दर्द, जोड़ों में तेज दर्द, आंख के पीछे तेज दर्द, चक्कर एवं उल्टी, शरीर पर लाल धब्बे आना शामिल है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के विभागाध्यक्ष कम्यूनिटी मेडिसिन डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि केवल एक प्रतिशत डेंगू ही जानलेवा होता है। लेकिन यदि डेंगू का प्रबंधन सही से नहीं किया गया तब डेंगू 50 प्रतिशत तक खतरनाक हो सकता है। इस मौके पर जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. नानक सरन, अंजुम गुलवेज, डॉ. गुलफाम अहमद हाशमी, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. संजय कुमार पांडेय, डॉ. अनिल कुमार, डीके श्रीवास्तव, डॉ. आरके देव आदि मौजूद रहे।
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