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तीन हजार करोड़ में
Updated Thu, 24 May 2018 11:16 PM IST
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तीन हजार करोड़ से संवरेगा 275 किलोमीटर 84 कोसी परिक्रमा पथ
फैजाबाद। अयोध्या के ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा पथ को तीन हजार करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। यह धार्मिक पथ बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर और फैजाबाद से होकर गुजरता है। इसके विकास से तमाम अति पिछड़े गांवों व कस्बों की तकदीर संवरेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साइट प्लान के मुताबिक इसकी लंबाई 275 किमी. होगी। पथ पर पड़ने वाले धार्मिक केंद्रों का सौंदर्यीकरण करके श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाया जाएगा। पथ के निर्माण से बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु पर्यटक भी आकर्षित होंगे।
अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा पथ के उबड़ खाबड़ और खराब होने के कारण इस पर पुण्य लाभ के लिए उतरने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही थी। फैजाबाद के सांसद की पहल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया है। हाई-वे घोषित होने के बाद इसके मार्गों का सर्वे कराकर डीपीआर तैयार कराने का निर्देश दिया गया था। लोकनिर्माण विभाग ने स्थलीय सर्वे के बाद पांच जिलों फैजाबाद, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर से जाने वाले इस मार्ग की लंबाई 275 किमी. बताई है। परिक्रमा पथ दो स्थानों बाराबंकी के मूर्तिहन भवानी और फैजाबाद के शृंगी ऋषि आश्रम (महबूबगंज) के पास पवित्र सरयू को क्रॉस करता। इन दोनों स्थानों पर लगभग 304 करोड़ रुपये की लागत से टू-लेन पुल को साइट प्लान में शामिल किया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन से होते हुए केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मानकों के मुताबिक यह मार्ग 10 मीटर चौड़ा होने की बात बताई गई है। फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि 84 कोसी परिक्रमा पथ को संवारे जाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होने का आंकलन किया है।
धार्मिक स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण
चौरासी कोसी परिक्रमा पथ की केवल सड़क ही नहीं बनाई जाएगी। इसके इर्द-गिर्द पड़ने वाले धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण होगा। साथ ही परिक्रमा पथ को मानकों के अनुसार नागरिक सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जाएगा। अगल-बगल छायादार वृक्ष के साथ दूसरी सुविधाएं भी होंगी। इससे न केवल श्रद्धालु भक्तों को सुविधा मिलेगा बल्कि अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु पर्यटकों को घूमने का धार्मिक पर्यटन का आनंद प्राप्त होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से पूर्वांचल के इन पांच जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लोगों का इसका लाभ मिलेगा।
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इन स्थानों से होकर जाएगा 84 कोसी परिक्रमा पथ
यह पथ फैजाबाद जिले के शृंगी ऋषि आश्रम महबूगंज, गोसाईगंज, तारून, राम पुर भगन (सूर्यकुंड), दराबगंज(सीताकुंड), भगवतीनगर, रेवतीगंज, सिड़सिड़ (जन्मेजयकुंड), अमरगंज, अमानीगंज, रुदौली, राजागांव मियां का पुरवा, पटरंगा होते हुए बाराबंकी अलियाबाद, नियामतगंज और कमियार से होकर गुजरेगा। गोंडा जिले में चरसड़ी, भौरीगंज, राजापुर, पसका नरहरिदास कुटी, उमरी बेगमगंज, डिक्सिर, पकड़ी, गौहानी, जरही चौराहा, राम नगर चौराहा, तुलसीपुर, नवाबगंज, कल्याणपुर और बस्ती के मखभऊमि, छावनी, अमरोहा और कटरिया से गुजरेगा।
21.5 किमी कच्चे रास्तों से गुजरते हैं श्रद्धालु
84कोसी परिक्रमा पथ पर 21.5 किमी में श्रद्धालुओं को सबसे मुश्किल का सामना करना पड़ता था। यह ऐसा मार्ग था जहां अब तक कोई सड़क ही नहीं थी। नया पथबस्ती में 45 किमी, फैजाबाद में 126 किमी, अंबेडकरनगर मेें तीन किमी, बाराबंकी में 18 किमी, गोंडा में 83 किमी होगा।
शासन को भेजी डीपीआर
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता उत्तम कुमार गहलोत ने बताया कि अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा पथ का स्थलीय सर्वे कराकर मार्ग का नक्शा और इसकी डीपीआर शासन को भेजा जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई भारत सरकार के स्तर पर की जा रही है।
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फैजाबाद। अयोध्या के ऐतिहासिक 84 कोसी परिक्रमा पथ को तीन हजार करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। यह धार्मिक पथ बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर और फैजाबाद से होकर गुजरता है। इसके विकास से तमाम अति पिछड़े गांवों व कस्बों की तकदीर संवरेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साइट प्लान के मुताबिक इसकी लंबाई 275 किमी. होगी। पथ पर पड़ने वाले धार्मिक केंद्रों का सौंदर्यीकरण करके श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाया जाएगा। पथ के निर्माण से बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु पर्यटक भी आकर्षित होंगे।
अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा पथ के उबड़ खाबड़ और खराब होने के कारण इस पर पुण्य लाभ के लिए उतरने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही थी। फैजाबाद के सांसद की पहल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया है। हाई-वे घोषित होने के बाद इसके मार्गों का सर्वे कराकर डीपीआर तैयार कराने का निर्देश दिया गया था। लोकनिर्माण विभाग ने स्थलीय सर्वे के बाद पांच जिलों फैजाबाद, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर से जाने वाले इस मार्ग की लंबाई 275 किमी. बताई है। परिक्रमा पथ दो स्थानों बाराबंकी के मूर्तिहन भवानी और फैजाबाद के शृंगी ऋषि आश्रम (महबूबगंज) के पास पवित्र सरयू को क्रॉस करता। इन दोनों स्थानों पर लगभग 304 करोड़ रुपये की लागत से टू-लेन पुल को साइट प्लान में शामिल किया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन से होते हुए केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मानकों के मुताबिक यह मार्ग 10 मीटर चौड़ा होने की बात बताई गई है। फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि 84 कोसी परिक्रमा पथ को संवारे जाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होने का आंकलन किया है।
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धार्मिक स्थलों का होगा सौंदर्यीकरण
चौरासी कोसी परिक्रमा पथ की केवल सड़क ही नहीं बनाई जाएगी। इसके इर्द-गिर्द पड़ने वाले धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण होगा। साथ ही परिक्रमा पथ को मानकों के अनुसार नागरिक सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जाएगा। अगल-बगल छायादार वृक्ष के साथ दूसरी सुविधाएं भी होंगी। इससे न केवल श्रद्धालु भक्तों को सुविधा मिलेगा बल्कि अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु पर्यटकों को घूमने का धार्मिक पर्यटन का आनंद प्राप्त होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से पूर्वांचल के इन पांच जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लोगों का इसका लाभ मिलेगा।
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इन स्थानों से होकर जाएगा 84 कोसी परिक्रमा पथ
यह पथ फैजाबाद जिले के शृंगी ऋषि आश्रम महबूगंज, गोसाईगंज, तारून, राम पुर भगन (सूर्यकुंड), दराबगंज(सीताकुंड), भगवतीनगर, रेवतीगंज, सिड़सिड़ (जन्मेजयकुंड), अमरगंज, अमानीगंज, रुदौली, राजागांव मियां का पुरवा, पटरंगा होते हुए बाराबंकी अलियाबाद, नियामतगंज और कमियार से होकर गुजरेगा। गोंडा जिले में चरसड़ी, भौरीगंज, राजापुर, पसका नरहरिदास कुटी, उमरी बेगमगंज, डिक्सिर, पकड़ी, गौहानी, जरही चौराहा, राम नगर चौराहा, तुलसीपुर, नवाबगंज, कल्याणपुर और बस्ती के मखभऊमि, छावनी, अमरोहा और कटरिया से गुजरेगा।
21.5 किमी कच्चे रास्तों से गुजरते हैं श्रद्धालु
84कोसी परिक्रमा पथ पर 21.5 किमी में श्रद्धालुओं को सबसे मुश्किल का सामना करना पड़ता था। यह ऐसा मार्ग था जहां अब तक कोई सड़क ही नहीं थी। नया पथबस्ती में 45 किमी, फैजाबाद में 126 किमी, अंबेडकरनगर मेें तीन किमी, बाराबंकी में 18 किमी, गोंडा में 83 किमी होगा।
शासन को भेजी डीपीआर
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता उत्तम कुमार गहलोत ने बताया कि अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा पथ का स्थलीय सर्वे कराकर मार्ग का नक्शा और इसकी डीपीआर शासन को भेजा जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई भारत सरकार के स्तर पर की जा रही है।